पवनहंस के लिए 22 अगस्त तक बोली आमंत्रित
Tuesday, 13 August 2019 20:23

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नई दिल्ली: सरकार ने पवनहंस लि. (पीएचएल) के विनिवेश के लिए दूसरा कदम उठा लिया है और संभावित बोलीदाताओं से एक्सप्रेसन ऑफ इंटरेस्ट दाखिल करने को कहा है, ताकि सरकार इस हेलीकॉप्टर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेच सके। केंद्र सरकार प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के साथ-साथ अपनी 51 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर पवन हंस से बाहर निकलने की योजना बना रही है। एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) विंडो 22 अगस्त तक खुली है।

पीएचएल के दोनों शेयरधारक -सरकार और ओएनजीसी- संभावित खरीदारों को कंपनी के दायित्वों के लिए 500 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति करेंगे।

पवनहंस को बेचने की प्रक्रिया वास्तव में 11 जुलाई, 2019 को पीआईएम (प्रारंभिक सूचना ज्ञापन) जारी करने के साथ गति पकड़ चुकी थी।

अब, सरकार निवेशकों को प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के साथ ही पीएचएल में अपनी संपूर्ण 51 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी का विनिवेश करने जा रही है।

सरकार ने रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया का प्रबंधन करने के लिए एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लि. (एसबीआईकैप) को अपना सलाहकार नियुक्त किया है।

पवन हंस लि. एक मिनी रत्न-1 श्रेणी की सरकारी कंपनी है, जो नागर विमानन मंत्रालय के अधीन है। यह ऑफशोर ऑपरेशंस, इंटर आइलैंड ट्रांसपोर्टेशन, पहुंच से बाहर के इलाकों तक पहुंच, राहत कार्य और पर्यटन सेवा मुहैया कराती है।

--आईएएनएस

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