'मनरेगा की योजना तैयार करने में हो महिलाओं की भूमिका'
Sunday, 31 March 2013 16:08

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नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)| संसद की एक समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि ग्रामीण रोजगार योजना में निर्णय प्रक्रिया में अधिक से अधिक महिलाओं को शामिल किया जाए, ताकि वे इस योजना को अधिक से अधिक गरीब महिलाओं तक पहुंचा सकें। महिला सशक्तीकरण से सम्बंधित समिति ने संसद में प्रस्तुत रिपोर्ट में कहा है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में महिलाओं की संख्या बढ़ी है, लेकिन योजना निर्माण में उन्हें शामिल नहीं किया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि गांवों में महिलाएं पढ़ी-लिखी नहीं होती हैं, और वे महिला हित की दृष्टि से योजनाओं का मूल्यांकन नहीं कर सकती हैं।

समिति ने रोजगार योजना के प्रभावी अमल के लिए ग्राम पंचायत में चुनी गईं महिला प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण के लिए पंचायती राज मंत्रालय को इससे जोड़ने का सुझाव दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण रोजगार योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी केरल और तमिलनाडु में सर्वाधिक क्रमश: 90.39 फीसदी और 82.59 फीसदी है। जबकि यही आंकड़ा उत्तर प्रदेश के लिए 21.42 फीसदी, असम के लिए 26.51 फीसदी और बिहार के लिए 28.49 फीसदी है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

 

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