वेस्‍टइंडीज के खिलाफ टेस्‍ट सीरीज में विराट ने मांगी उछाल भरी पिच

ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले भारतीय क्रिकेट टीम मैनेजमेंट ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच के लिए उछाल भरी पिच की मांग की है। अपनी इस रणनीति के जरिए टीम मैनेजमेंट यह देखना चाहेगा कि युवा भारतीय टीम कैसे इन परिस्थितियों में विरोधी टीम से निपटती है। ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलने हैं। टीम मैनेजमेंट की मांग पर बीसीसीआई ने दो क्यूरेटर दलजीत सिंह और विश्वजीत पोद्दार को भेजा है, जो पिच की तैयारियों पर निगरानी रखेंगे। ऐसे में जब भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले पहले टेस्ट में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है, सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (SCA) ने बीसीसीआई के इस कदम पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है।

मामले में एससीए के पूर्व बोर्ड सचिव निरंजन शाह ने बताया कि बीसीआई का फैसला गलत उदाहरण स्थापित कर रहा है। क्योंकि एसोसिएशन के पास पढ़े-लिखे और अनुभवी क्यूरेटर्स हैं, जो साल के 365 दिन काम करते हैं। हालांकि शाह ने यह ने नहीं बताया कि भारत-वेस्टइंडीज टेस्ट में किस तरह की पिच होगी। शाह SCA के सदस्य भी हैं। उन्होंने कहा कि सोराष्ट्र एक पुरानी एसोसिएशन है, जो पिछले कई सालों से मैचों की मेजबानी कर रही है। बीसीसीआई का अपने क्यूरेटर्स भेजना गलत कदम है। अगर मैच के बाद बीसीसीआई को पिच को लेकर कोई परेशानी हुई तो SCA कोई भी दोष अपने सिर नहीं लेगा। बीसीसीआई को ही सारा दोष अपने सिर लेना होगा। खासतौर पर जब हमारे क्यूरेटर इस तरह की पिच बनाने में शामिल नहीं हों।

निरंजन शाह ने आगे कहा कि अगर बीसीसीआई पिचों को लेकर चिंतित है तो उन्हें हर मैच में बोर्ड का क्यूरेटर नियुक्त करना चाहिए। यहां तक की रणजी क्रिकेट में भी अपना क्यूरेटर नियुक्त करना चाहिए। शाह ने तंज भरे शब्दों में कहा कि लोकल क्यूरेटर्स को बाहर से आने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा जानकारी होती है। अगर आपको पिच में कुछ अलग चाहिए तो लोकल क्यूरेटर्स इसे कर सके हैं। मैं बीसीसीआई के इस बर्ताव से पूरी तरह हतोसाहित हूं।

--आईएएनएस