टीम इंडिया में विकेट कीपर का अकाल

श्रीलंका के साथ खेली जाने वाली त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए सीमित ओवरों के टीम इंडिया के विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी को आराम दिया गया है और उनकी जगह टीम में दो विकेट कीपर दिनेश कार्तिक और रिषभ पंत होंगे। धोनी और इनमें जनरेशन और अनुभव दोनों का गैप है। धोनी की गैर मौजूदगी में दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा रहेगी, लेकिन सब जानते हैं कि इंग्लैंड में अगले वर्ष खेले जाने वाले विश्वकप से पहले टीम इंडिया के सीमित ओवरों के विकेट कीपर के तौर पर महेंद्र सिंह धोनी कहीं जाने वाले नहीं है और अगले 2 वर्षों तक टी20 क्रिकेट में भी उनकी जगह कोई लेने वाला नहीं है। लेकिन उनके जाने पर उनका विकल्प कौन होगा, यह बड़ा सवाल टीम इंडिया और इसके चयनकर्ताओं के लिए लगातार बना हुआ है। दिसंबर में टीम इंडिया के चयनकर्ताओं के चेयमैन एमएसके प्रसाद ने यहां तक कहा था वह भारतीय टीम के ए टूर के लिए कुछ नए विकेट कीपरों को निखार रहे हैं, लेकिन उनमें से किसी का भी स्तर उम्मीद के मुताबिक नहीं है।

हालांकि धोनी की तुलना में दिनेश कार्तिक पर भरोसा किया जा सकता है। कार्तिक लंबे वक्त से टीम इंडिया के लिए इमरजेंसी में विकेट कीपर के तौर पर रहे हैं। 2004 में जब धोनी ने वापसी की थी, उसके तीन महीने पहले कार्तिक ने डेब्यू किया था। कार्तिक हमेशा से टीम इंडिया के लिए एक अच्छे विकल्प रहे हैं। उनकी अगर कभी किसी से प्रतिस्पर्धा रही तो वह पार्थिव पटेल हैं, लेकिन वह भी लंबे फॉर्मेट की खिलाड़ी हैं। लेकिन सीमित ओवरों के मैच में धोनी के टीम में रहते हुए भी कार्तिक भले ही रहें, लेकिन उस प्रकार फिट नहीं माने जा सकते हैं, जैसा उन्हें होना चाहिए। हालांकि वह नंबर 4 खेल सकते हैं और पुछल्ले क्रम में फिनिशर की भूमिका निभाने की भी सामर्थ्य रखते हैं।

कार्तिक आईपीएल में हमेशा से भारी डिमांड में रहे हैं, वह लगभग हर नीलामी में सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक रहे और इस साल से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 7.4 करोड़ में खरीदा था और बाद में कप्तान बना दिया था। फिलहाल जब तक धोनी जाने के लिए फैसला नहीं करते हैं, कार्तिक और पंत को पक्ति में ही रहना होगा। लेकिन इस सीरीज में दोनों के पास खुद को बेहतर साबित करने का बढ़िया मौका होगा।

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