हर तीन महीने में आंखों की जांच कराती है भारतीय टीम : बीसीसीआई अधिकारी
Tuesday, 02 June 2020 16:03

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नई दिल्ली: बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) ने सोमवार को प्रस्ताव रखा है कि कोविड-19 के बाद खेल शुरू होने पर हर खिलाड़ी की आंखों की जांच की जाएगी। इसी के साथ यह पता चला है कि बीसीसीआई बीते तीन साल से अपने खिलाड़ियों के साथ ऐसा करती आई है।

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि यह सीएबी की तरफ से अच्छी पहल है, लेकिन बीसीसीआई बीते तीन साल से हर तिमाही में अपने खिलाड़ियों की आंखों की जांच करवा रही है।

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह उनकी तरफ से की गई अच्छी पहल है क्योंकि क्रिकेट रिफ्लेक्सेस और हाथ-आंख के हाथों के संयोजन का खेल है। विराट और उनकी टीम बीते तीन साल से हर तिमाही अपनी आंखों की जांच करा रही है। यह अनुबंधित खिलाड़ियों के साथ किए गए करार का हिस्सा है।"

उन्होंने कहा, "आपको समझना होगा कि हाथ-आंखों का संयोजन आपकी ताकत है और अगर किसी को समस्या है तो आप लैंस या चश्मे की मदद से इसे सुलझा सकते हैं क्योंकि आप 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंद खेल रहे हैं। ऐसे में अगर आप जरा सी देर के लिए भी चूकते हैं तो काफी नुकसान हो सकता है।"

कोरोनावायरस के कारण इस समय क्रिकेट बंद है और सभी खिलाड़ी अपने घरों में रहने को मजबूर हैं।

--आईएएनएस

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