पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे। 

महान समाजवादी नेता के रूप में जाने जानेवाले जॉर्ज फर्नांडिस ने दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके नजदीकियों के मुताबिक पिछले काफी दिनों से वे बीमार चल रहे थे। 

फर्नांडिस का बिहार से गहरा रिश्ता रहा है। 

समता पार्टी की स्थापना में मुख्य भूमिका निभाने वाले जॉर्ज भारत के केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में रक्षामंत्री, संचारमंत्री, उद्योगमंत्री, रेलमंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। श्रमिक नेता के रूप में पहचान बनाने वाले फर्नांडिस 1967 से 2004 तक नौ बार लोकसभा के सदस्य बने। 

जॉर्ज की मृत्यु के बाद बिहार की राजनीति में शोक की लहर उमड़ पड़ी है। जॉर्ज फर्नांडिस ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के संयोजक का भी काम बखूबी निभाया था। 

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केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा कि अयोध्या ममाला जो करीब 70 सालों से लंबित है, उसकी जल्द सुनवाई होनी चाहिए क्योंकि देश के लोग वहां एक भव्य राम मंदिर का निर्माण होने की उम्मीद कर रहे हैं, जहां कभी बाबरी मस्जिद हुआ करती थी। 

यहां मीडिया से बातचीत के दौरान प्रसाद ने कहा, "अयोध्या मामला पिछले 70 सालों से लंबित है। (2010 में) इलाहाबाद उच्च न्यायालय का आदेश मंदिर के पक्ष में था, लेकिन अब यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले का जल्द निपटारा होना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने भी कहा है कि इस मामले का हल संवैधानिक दायरे में होना चाहिए। 

मंत्री ने कहा कि कई लोग शिकायत करते हैं कि सबरीमाला और व्यभिचार सहित कई मुद्दों पर तेजी से सुनवाई हुई। 

उन्होंने कहा, "लेकिन लोगों का मानना है कि राम मंदिर का मामला भी बिना किसी देरी के जल्द सुना चाहिए।" उन्होंने कहा कि हम सब सर्वोच्च अदालत का सम्मान करते हैं और न्यायपालिका में हमारा भरोसा है। 

उनकी यह टिप्पणी इस खबर के बाद आई है कि मामले की सुनवाई 29 जनवरी को नहीं पाएगी क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ में से एक न्यायाधीश सुनवाई के लिए मौजूद नहीं होंगे। 

--आईएएनएस

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विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि काला सागर में तंजानिया के ध्वज लगे दो जहाजों में लगी भीषण आग में छह भारतीय मारे गए हैं और छह अन्य लापता हैं। मंत्रालय ने बताया कि मरने वालों में कैंडी जहाज के पिनल कुमार भारत भाई टांडेल, विक्रम सिंह, सर्वनन नागराजन, विशाल डोड, राज देबनारायण पानी और माएस्त्रो जहाज के करनकुमार हरिभाई शामिल हैं। मंत्रालय ने इन सभी के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई है।

लापता भारतीयों में माएस्त्रो जहाज के सिद्धार्थ मेहेर, नीरज सिंह, सेबस्टियन ब्रिटो ब्रीजलिन सहायराज और आनंदशेखर अविनाश तथा कैंडी जहाज के रुषिकेश राजू सकपाल और अक्षय बबन जाधव शामिल हैं।

चार भारतीय जो बचाए गए हैं उनके नाम हरीश जोई, सचिन सिंह, आशीष अशोक नाएर और कमलेशभाई गोपालभाई टांडेल हैं।

मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि रूस की समुद्री एजेंसी व समुद्री बचाव व समन्वय केंद्र लापता लोगों के बारे में पता लगा रहे हैं।

इन दोनों जहाजों में चालक दल के कुल 32 सदस्य सवार थे जिनमें भारतीय व तुर्की के नागरिकों के अलावा लीबिया का एक इंटर्न भी था।

समाचार एजेंसी तास ने मंगलवार को बताया कि यह घटना सोमवार रात हुई जब दोनों जहाज सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर ईंधन का स्थानांतरण कर रहे थे और इसी दौरान एक पंप फट गया।

--आईएएनएस

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विशेषज्ञों ने एक अघोषित साइट का खुलासा किया है जो कथित तौर पर उत्तरी कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों में से एक के मुख्यालय के रूप में काम करता है। वाशिंगटन की सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिनो-री साइट उत्तर कोरिया की उन 20 संदेहास्पद साइटों में से है, जिसे घोषित नहीं किया है। जहां मध्यम रेंज की नोडोंग मिसाइलों का परीक्षण किया जाता है, जहां से दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिकी क्षेत्र गुआम पर परमाणु या पारंपरिक हमला किया जा सकता है। 

द गार्जियन ने सह-लेखक और विश्लेषक विक्टर चा के इस रिपोर्ट के हवाले से कहा, "इस स्थान पर तैनात सिनो-री मिसाइल ऑपरेटिंग बेस और नोडोंग मिसाइलों स उत्तर कोरिया परमाणु हमला करने में सक्षम है।"

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों कोरिया को अलग करने वाले क्षेत्र से 212 किमी की दूरी पर स्थित, चीन-री कॉम्प्लेक्स एक 18 वर्ग किमी का आधार है जो कि एक रेजिमेंट के आकार की इकाई है, जहां नोडोंग मध्यम दूरी के मिसाइलों की तैनाती की गई है। 

इस खोज ने उत्तर कोरिया के इरादों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया है, क्योंकि इस हफ्ते स्वीडन में अधिकारियों ने मुलाकात कर उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ दूसरी बैठक की व्यवस्था पर चर्चा की है, जो संभवत: अगले महीने वियतनाम में होने वाली है।

पिछले जून में सिंगापुर में अपनी पहली शिखर बैठक के दौरान किम ने अमेरिका से सुरक्षा की गारंटी के बदले कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणुकरण को घटाने के लिए समझौता पर हस्ताक्षर किया था, लेकिन इस दिशा में बहुत कम प्रगति हुई है। 

--आईएएनएस

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निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को सैयद शुजा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शुजा ने दावा किया है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को हैक कर धांधली की गई थी। पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) को संबोधित एक पत्र में निर्वाचन आयोग ने कहा कि लंदन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शुजा ने जो दावे किए हैं, वह भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों, खासकर धारा 505 का उल्लंघन है, जो 'सार्वजनिक अपकार' (पब्लिक मिसचीफ) से निपटती है।

पत्र में कहा गया है, "मीडिया रपट से आयोग यह संज्ञान में आया है कि 21 जनवरी को लंदन में सैयद शुजा नामक व्यक्ति ने दावा किया कि वह ईवीएम डिजाइन टीम का सदस्य था और वह भारत में चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम को हैक कर सकता है। शुजा का यह कृत्य भारतीय दंड संहिता, खासकर इसकी धारा 505 (1) (बी) का उल्लंघन है।"

पत्र में कहा गया है, "इसके मद्देनजर आप से गुजारिश है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर इसकी जांच कराएं।"

अमेरिका में रहने वाले शुजा ने सोमवार को दावा किया था कि 2014 के आम चुनाव में धांधली हुई थी। भारत में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम की डिजाइन टीम का सदस्य होने का दावा करते हुए शुजा ने कहा था कि 2014 के आम चुनाव में 'हेरफेर' के कारण कांग्रेस को 210 सीटें हारनी पड़ी थीं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि "भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे की मौत हादसे के कारण नहीं हुई थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी, क्योंकि वह ईवीएम की हैकिंग के बारे में जानते थे।"

--आईएएनएस

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मध्य प्रदेश ही नहीं महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात में 'राष्ट्रसंत' कहलाने वाले उदय सिह देशमुख उर्फ भय्यू महाराज की आत्महत्या के बाद अब खुल रहे राज चौंकाने वाले हैं। सैकड़ों करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति पर केयर टेकर पलक पुराणिक की नजर थी, यही कारण है कि उसने भय्यू महाराज को ब्लैकमेल किया। पलक रातोंरात सैकड़ों करोड़ की मालकिन बन जाना चाहती थी, इसलिए उसने भय्यू को अपना जीवनसाथी बनाने का सपना संजो लिया था।

भय्यू महाराज ने 12 जून, 2018 को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद बेटी कुहू और दूसरी पत्नी आयुषी के बीच विवाद को प्रचारित किया गया था, ताकि इस दुखद घटना के लिए उन्हें ही जिम्मेदार मान लिया जाए। मगर वक्त गुजरने के साथ जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। उनके सबसे करीबी ही उनकी जान के दुश्मन निकले।

केयर टेकर बनी पलक पुराणिक जहां भय्यू की जीवन संगिनी बनकर उनकी संपत्ति कब्जाना चाहती थी, वहीं सेवादार की भी मालिक की संपत्ति पर नजर थी। 

भय्यू महाराज के करीबियों का कहना है कि इंदौर स्थित श्री सद्गुरु धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट की देश के विभिन्न राज्यों में शाखाएं हैं, इन शाखाओं से संबद्ध करोड़ों की संपत्ति है। यह पूरी तरह ट्रस्ट की संपत्ति है। इसके अलावा अघोषित तौर पर भय्यू महाराज की कई बड़े कारोबारों में हिस्सेदारी थी और इसकी जानकारी पलक को थी। इसी के चलते पलक ने भय्यूजी से नजदीकियां बढ़ाईं और संपत्ति पर कब्जे के मकसद से उसने उन पर शादी का दवाब बनाया। 

पुलिस के अनुसार, भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में सेवादार शरद देशमुख व विनायक दुधाले और केयर टेकर से प्रेमिका बनी पलक पुराणिक को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन तीनों पर भय्यू को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा है।

इंदौर के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरि नारायणचारी मिश्रा ने माना कि भय्यू महाराज को अपनों द्वारा ब्लैकमेल किए जाने के चलते आत्महत्या करनी पड़ी। विनायक, शरद व पलक इस साजिश के अहम किरदार थे। पलक भय्यू महाराज से शादी करना चाहती थी और विनायक व शरद इस योजना में उनका साथ दे रहे थे।

डीआईजी ने कहा, "तीनों ने उन्हें ब्लैकमेल किया, जिसके चलते तनाव में आकर भय्यू महाराज ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। पुलिस को मोबाइल चैट से भी इसके सबूत मिले हैं।"

पुलिस के अनुसार, भय्यू महाराज की पहली पत्नी माधवी की मौत के बाद पलक को केयर टेकर के तौर पर रखा गया था। वक्त गुजरने के साथ पलक की उनसे नजदीकी बढ़ी। इसी दौरान भय्यू महाराज ने डॉ़ आयुषी से विवाह कर लिया, जो पलक व उसके सहयोगियों पर नागवार गुजरा। पलक भय्यू महाराज पर शादी के लिए फिर दबाव बढ़ाने लगी। उसने बर्बाद कर देने की चेतावनी देते हुए उन पर जून, 2018 के अंत तक शादी करने का अल्टीमेटम दिया था। लगातार तनाव झेल रहे भय्यू ने 12 जून, 2018 को खुद को गोली मार ली थी।

पुलिस को जांच में सबूत मिले हैं कि तीनों मिलकर उन्हें ब्लैकमेल करते थे। पुलिस को कई अश्लील वीडियो चैट भी मिले हैं। जांच में पता चला कि पलक व विनायक उन्हें दवाएं देते थे, जिनमें शारीरिक तौर पर कमजोर करने की भी दवाएं होती थीं। 

--आईएएनएस

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भारत में पिछले साल अरबपतियों की संपत्ति में रोजाना 2,200 करोड़ रुपये यानी 35 फीसदी की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई, जबकि देश के करीब 10 फीसदी अत्यंत गरीब तबके के लोग 2004 से लगातार कर्ज में डूबे हुए हैं। इस बात का खुलासा सोमवार को जारी ऑक्सफैम की रिपोर्ट से हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के नौ सबसे बड़े अरबपतियों के पास उतनी संपत्ति है जितनी देश की आधी आबादी के पास है।

दावोस में होने जा रहे विश्व आर्थिक मंच के सम्मेलन से पूर्व 'पब्लिक गुड ऑर प्राइवेट वेल्थ' शीर्षक से जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर में 2018 में अरबपतियों की संपत्ति में रोजाना 2.5 अरब डॉलर यानी 12 फीसदी का इजाफा हुआ, जबकि गरीबों की दशा और दयनीय बन गई।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल मानवता के तकरीबन आधे हिस्से यानी 3.8 अरब गरीबों की संपत्ति में 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

ऑक्सफैम के इंटरनेशनल कार्यकारी निदेशक विनी बायनयीमा ने भारत के हालात को 'नैतिक रूप से अपमानजनक' बताते हुए कहा, "यह नैतिक रूप से अपमानजनक है कि मुट्ठीभर अमीरों के पास भारत का धन जमा होता जा रहा है और गरीबों को खाने के लाले पड़े हैं और उनको अपने बच्चों की दवाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।"

उन्होंने कहा, "शीर्ष (अमीरों की) एक फीसदी आबादी और भारत की शेष आबादी के बीच अगर यह बेहिसाब असमानता बढ़ती रही तो इस देश की सामाजिक और लोकतांत्रिक संरचना पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी।"

ऑक्सफैम के अनुसार, भारत के 10 फीसदी धनकुबेरों के पास राष्ट्र की कुल संपत्ति का 77.4 फीसदी है।

वैश्विक अधिकार संगठन ने कहा, "विडंबना है कि देश की 51.53 फीसदी संपत्ति महज एक फीसदी अमीरों के पास है। गरीबों की 60 फीसदी आबादी के पास देश की कुल संपत्ति का 4.8 फीसदी है। नौ सबसे बड़े अरबपतियों के पास उतनी संपत्ति है जितनी देश की आधी आबादी के पास है।"

रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल देश में 18 नए अरबपतियों को मिलाकर कुल 119 अरबपति हो गए हैं जिनकी संपत्ति पहली बार 400 अरब डॉलर से अधिक हो गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में स्वास्थ्य व जन-स्वास्थ्य, स्वच्छता और जलापूर्ति पर केंद्र और राज्य सरकारों का कुल राजस्व व पूंजीगत खर्च 2,08,166 करोड़ रुपये है जोकि देश के सबसे अमीर अरबपति मुकेश अंबानी की संपत्ति 2,80,700 करोड़ रुपये से कम है।

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मेक्सिको के हिदाल्गो प्रांत में गैसोलीन पाइपलाइन विस्फोट की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, हिदाल्गो प्रांत के लाओलिलपन में संदिग्ध लोगों ने शुक्रवार रात को तेल चुराने के लिए पाइपलाइन तोड़ दी थी और ईंधन इकट्ठा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग रिसाव स्थल पर जुट गए थे। इसके बाद पाइपलाइन में विस्फोट हो गया।

लोक स्वास्थ्य मंत्री जॉर्ज अल्कोसेर ने कहा कि इससे पहले रविवार को 79 लोगों की मौत होने के बाद छह और घायलों ने दम तोड़ दिया। 

अल्कोसेर ने कहा कि अस्पताल में भर्ती हुए घायलों की संख्या 66 से घटकर 58 हो गई है। 

हिदाल्गो के गवर्नर उमर फयाद ने इस त्रासदी का जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि मृतकों के रिश्तेदारों को अंतिम संस्कार के लिए वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाएगी और जांच जारी रहेगी। 

फयाद ने कहा कि शवों की शिनाख्त में "घंटे, कई दिन, सप्ताह या महीनों लग सकते हैं।"

तेल कंपनी पेमेक्स ने कहा कि घटनास्थल के आसपास के इलाके को खाली करा लिया गया है। 

राष्ट्रपति एंद्रेस मैनुएल लोपेज ओब्रादोर ने शनिवार को दुर्घटनास्थल का दौरा किया था। 

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इजरायल की सेना ने सोमवार को कहा कि उसने सीरिया में ईरानी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) का कहना है कि इसका ऑपरेशन ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्डस की एक इकाई कुद्स फोर्स के खिलाफ है।

इसने कोई विवरण नहीं दिया लेकिन सोमवार तड़के सीरियाई राजधानी दमिश्क के आस-पास हमले की खबरें हैं।

सीरियाई मीडिया का कहना है कि हवाई सुरक्षा ने एक इजरायली हवाई हमले को नाकाम कर दिया। रविवार को, आईडीएफ ने कहा था कि उसने गोलान हाइट्स पर एक रॉकेट को रोक दिया था।

आईडीएफ ने सोमवार सुबह एक ट्वीट में अपने अभियान की शुरुआत की घोषणा की।

ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स (एसओएचआर) का कहना है कि इजरायल के रॉकेट 'राजधानी दमिश्क के आसपास के क्षेत्र' को निशाना बना रहे थे।

एसओएचआर का कहना है कि सीरिया की वायु सेना उनके हमले को रोकने के लिए मिसाइल फायर कर रही थी।

दमिश्क में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन लोगों ने रात में जोर से विस्फोट की आवाज सुना।

सीरिया के अंदर ठिकानों पर हमले करने की बात को इजरायल कम ही स्वीकार करता है। 

लेकिन, मई 2018 में इजरायल ने कहा कि उसने 2011 में सीरियाई गृह युद्ध की शुरुआत के बाद से अपने सबसे बड़े हमले में ईरान के लगभग सभी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था।

गोलान हाइट्स में इजरायली सैन्य चौकियों पर रॉकेट दागे जाने के बाद ये हमले किए गए।

--आईएएनएस 

 

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भारत में अपने खिलाफ चल रही जांच को और पेचीदा बनाते हुए 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने वेस्टइंडीज के एंटीगुआ एवं बरबुडा द्वीप की नागरिकता पाने के लिए भारतीय नागरिकता छोड़ दी है। चोकसी को पिछले वर्ष यहां की नई नागरिकता मिली थी और उसने अपने रद्द भारतीय पासपोर्ट संख्या जेड3396732 को जमा करवा दिया है और अन्य औपचारिकताओं के लिए 177 डॉलर का शुल्क चुकाया है।

मुंबई में चोकसी के वकील से आईएएनएस ने जब संपर्क किया तो, उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि अब वह उनके (चोकसी के) संपर्क में नहीं हैं।

चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी पर पीएनबी की ब्रेडी हाउस शाखा के जरिए कुछ बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से अपनी समूह की कंपनियों के लिए फर्जी लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) जारी कर 13,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला करने का आरोप है।

--आईएएनएस

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