टेलीकॉम दिग्गज रिलायंस जियो ने सोमवार को कहा कि जियो उपयोगकर्ताओं के लिए किसी भी जियोफोन पर आईआरसीटीसी आरक्षित टिकट बुकिंग सेवा उपलब्ध है। यूजर्स नए जियोरेल ऐप के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं। कंपनी के मुताबिक, यह ऐप ग्राहकों को अपने जियो फोन पर डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड व ई-वॉलेट का उपयोग कर टिकट बुक और रद्द करने, पीएनआर स्ट्ेटस जांचने, रेल सूचनाएं, समय-सारिणी, रूट, सीट उपलब्धता और कई अन्य सेवाओं की सुविधा प्रदान करेगा।

कंपनी ने एक बयान में कहा, "जियो ऐप स्टोर पर उपलब्ध, जियो रेल ऐप अंतिम क्षणों में यात्रा की योजना के लिए तत्काल बुकिंग की भी सुविधा देगा।"

बयान के मुताबिक, "अगर किसी यूजर का आईआरसीटीसी खाता नहीं है तो ऐप उसे खाता बनाने की सुविधा देगा और उसके बाद टिकट बुक की जा सकेगी। जियोरेल के साथ उपयोगकर्ता ऐप के माध्यम से बुक टिकट का पीएनआर स्टेटस भी जांच सकेंगे। ऐप ने भविष्य में पीएनआर स्टेटस बदलाव अलर्ट, ट्रेन का पता लगाने और खाना ऑर्डर करने जैसी सुविधाओं की पेशकश करने की भी योजना बनाई है।"

--आईएएनएस

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 डिजिटल भुगतान प्लेटफार्म फोनपे ने सोमवार को बताया कि उसका ऑफलाइन व्यापारी आधार 10 लाख हो गया है। कम्पनी के मुताबिक उसने एक वर्ष से भी कम समय में इस मील के पत्थर को हासिल किया है। कम्पनी ने अपने बयान में कहा कि देश के बड़े संगठित रिटेल स्टोर्स के साथ-साथ छोटे और मध्यम वर्गीय रिटेल स्टोर में इसकी मौजूदगी इशकी अभूतपूर्व स्वीकृति को दर्शाता है। यूपीआई क्षेत्र में अग्रणी होने के नाते फोनपे व्यापारियों को यूपीआई, क्रेडिट कार्डस, डेबिट कार्डस, फोनपे वॉलेट के साथ-साथ बाहरी वॉलेट जैसे कई उपकरणों के माध्यम से उपभोक्ताओं से भुगतान स्वीकार करने में सक्षम बनाता है।

भारत में फोनपे के ऑफलाइन संगठित व्यावसाय के प्रमुख युवराज सिंह शेखावत ने कहा, "हमारे ऑफलाइन व्यवसाय ने बमुश्किल एक वर्ष में अभूतपूर्व वृद्धि दिखाई है और हम 10 लाख अंक तक पहुंचकर अत्यधिक रोमांचित हैं। फोनपे का उपयोग करते हुए संपूर्ण भुगतान प्रक्रिया सरल, तेज और निर्बाध है जो उपभोक्ताओं के लिए एक सुविधाजनक अनुभव सुनिश्चित करता है और व्यापारियों को इसमें जबरदस्त मुनाफा दिखाई दे रहा है। हम दिसंबर 2019 तक ऑफलाइन लेनदेन को 60 लाख तक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।"

फोनपे ने प्रमुख मेट्रो शहरों के साथ-साथ टियर 1, 2 और 3 शहरों में ऑफलाइन व्यापार में 2018 में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है। फोनपे द्वारा पेश किए जा रहे कई सुविधाजनक स्कीमों के कारण यह वृद्धि संभव हो गई है, जिससे व्यापारियों के लिए डिजिटल भुगतान स्वीकार करना शुरू करना आसान हो गया है। 

--आईएएनएस

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 नए ग्राहकों को जोड़ने की होड़ में रिलायंस जियो नवंबर 2018 में सबसे आगे रही है और कंपनी ने कुल 88.01 लाख नए ग्राहकों को देश भर में जोड़ा। यह किसी भी अन्य दूरसंचार सेवा प्रदाता से अधिक है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा शुक्रवार की शाम को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि रिलायंस जियो का ग्राहक आधार 30 नवंबर 2018 तक बढ़कर 27.16 करोड़ हो गया है। 

आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर के अंत तक देश में मोबाइल ग्राहकों की कुल संख्या 117.18 करोड़ थी, जिसमें 17.39 लाख ग्राहक इसी माह जोड़े गए। 

ट्राई ने एक बयान में कहा, "पिछले साल नवंबर में वायरलेस ग्राहकों (जीएसएम, सीजीएमए और एलटीई) की कुल संख्या बढ़कर 117.76 करोड़ हो गई, जबकि इसके एक महीने पहले यह संख्या 117 करोड़ थी। इस प्रकार से इसमें 0.15 फीसदी की मासिक तेजी दर्ज की गई।"

बयान में बताया गया, "30 नवंबर 2018 तक निजी सेवा प्रदाताओं की बाजार हिस्सेदारी 89.99 फीसदी थी, जबकि सरकारी कंपनियां बीएसएनएल और एमटीएनएल की बाजार हिस्सेदारी 10.01 फीसदी थी।"

सरकारी भारत संचार निगम लि. (बीएसएनएल) ने नवंबर में 3.78 लाख नए ग्राहक जोड़े, जिससे कंपनी के ग्राहकों की संख्या बढ़कर 11.38 करोड़ हो गई। 

वहीं, एयरटेल ने समीक्षाधीन माह में कुल 1.02 लाख नए ग्राहक जोड़े और कंपनी के ग्राहकों की संख्या बढ़कर 34.18 करोड़ हो गई। 

देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता वोडाफोन आइडिया ने इस दौरान 65.26 लाख ग्राहक खो दिए और कंपनी के ग्राहकों की संख्या घटकर 42.11 करोड़ हो गई। 

--आईएएनएस

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एंड्रायड स्मार्टफोन निर्माताओं ने 2019 में 5जी-आधारित मॉडल लांच करने की तैयारी की है। लेकिन, उनकी कुल बिक्री केवल 50 लाख हैंडसेट के होने का अनुमान लगाया गया है। एक रिपोर्ट में बुधवार को यह जानकारी दी गई। समाचार एजेंसी योनहाप की रिपोर्ट में बताया गया कि इंडस्ट्री ट्रैकर ट्रेंडफोर्स के मुताबिक प्रमुख स्मार्टफोन निर्माताओं जैसे सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और हुआवेई ने 5जी डिवाइस में सक्रियता से निवेश किया है, ताकि बाजार की अगुवाई कर सकें। 

रिपोर्ट में कहा गया कि 5डी मॉडल की पैठ हालांकि केवल 0.4 फीसदी होगी क्योंकि संबंधित अवसंरचना का निर्माण पूरी तरह से पूरा नहीं हुआ है।

ट्रेंडफोर्स ने कहा कि वाणिज्यिक संचार के लिए 5जी बेस स्टेशनों के 2022 तक व्यापक रूप से स्थापित होने की संभावना नहीं है।

रिपोर्ट में बताया गया कि 5जी स्मार्टफोन को लोकप्रिय बनाने के लिए 5जी अवसंचरना की बड़े पैमाने पर स्थापना की जरूरत है और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को 5जी नेटवर्क की तैनाती तेजी से करनी होगी।

--आईएएनएस

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दूरसंचार दिग्गज रिलायंस जियो नए ग्राहक जोड़ने में अक्टूबर में सबसे आगे रही और कंपनी ने करीब 1.05 करोड़ नए ग्राहक जोड़े। उसके बाद बीएसएनएल रही, जबकि बाकी दूरसंचार कंपनियों के ग्राहकों में कमी दर्ज की गई। 

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलांयस जियो के ग्राहकों की संख्या बढ़कर 26.27 करोड़ हो गई, जबकि सितंबर में कंपनी के कुल 25.22 करोड़ ग्राहक थे। 

ट्राई ने बयान में कहा कि जीएसएम, सीडीएमए और एलटीई तीनों को मिलाकर वायरलेस ग्राहकों की संख्या में अक्टूबर में 0.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जोकि 117 करोड़ रही। जबकि सितंबर में कुल 116.92 करोड़ वायरलेस ग्राहक थे। 

बयान में कहा गया, "शहरी क्षेत्रों में वायरसेल ग्राहकों की संख्या अक्टूबर में 64.82 करोड़ हो गई, जबकि सितंबर में यह 64.77 करोड़ थी। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में वायरलेस ग्राहकों की संख्या अक्टूबर में बढ़कर 52.17 हो गई, जबकि सितंबर में यह 52.15 करोड़ थी।"

सरकारी भारत संचार निगम लि. (बीएसएनएल) जियो के बाद दूसरी कंपनी रही जिसके ग्राहकों में बढ़ोतरी हुई और कंपनी ने अक्टूबर में कुल 3.64 लाख नए ग्राहक जोड़े और उसके कुल ग्राहकों की संख्या बढ़कर 11.34 करोड़ हो गई। 

देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया के ग्राहकों में समीक्षाधीन महीने में 73.61 लाख की कमी आई और कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या घटकर 42.76 करोड़ हो गई है। 

भारती एयरटेल के ग्राहकों की संख्या में अक्टूबर में 18.64 लाख की गिरावट आई है और इनकी संख्या घटकर 34.16 करोड़ हो गई है। 

--आईएएनएस

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 रिलायंस कम्यूनिकेशंस (आरकॉम) और रिलायंस जियो ने सोमवार को मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो को टॉवरों, फाइबर और स्पेक्ट्रम सहित आरकॉम के वायरलेस अवसंरचना की बिक्री के लिए अपने समझौते के विस्तार की घोषणा की। दोनों कंपनियों ने यह फैसला दूरसंचार विभाग (डीओटी) द्वारा परिसंपत्ति बिक्री सौदे को मंजूरी देने में देरी को देखते हुए किया गया है। 

आरकॉम ने बीएसई में नियामकीय फाइलिंग में कहा, "ऑरकॉम और रिलायंस जियो इंफोकॉम लि. ने 28 दिसंबर, 2017 को किए गए ऑरकॉम और उसके सहयोगी कंपनियों के टॉवरों, फाइबर और एमसीएन्स और स्पेक्ट्रम की बिक्री के समझौते की वैधता को 28 जून, 2019 तक बढ़ा दिया है। यह सौदा विभिन्न स्वीकृतियों के अधीन है, जो वर्तमान में प्रगति पर है।"

एक अलग फाइलिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने कहा, "यह अधिग्रहण विभिन्न नियामकीय मंजूरियों और शर्तो के अधीन है, जिस पर काम चल रहा है।"

आरकॉम ने डीओटी से गुजारिश की है कि वह सर्वोच्च न्यायालय के 14 दिसंबर को दिए गए आदेश के मद्देनजर जरूरी मंजूरी प्रदान करे, जिसमें दूरसंचार विभाग के परिसंपत्ति बिक्री सौदे को मंजूरी देने के निर्देश दिए गए हैं।

--आईएएनएस

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चीन की एक कंपनी पूरी दुनिया को निशुल्क वाईफाई उपलब्ध कराने वाला पहला उपग्रह लेकर आई है। इसका प्रक्षेपण अगले साल किया जाएगा। 

कंपनी लिंकश्योर नेटवर्क के अनुसार, उपग्रह चीन के पश्चिमोत्तर में स्थित गांसू प्रांत में स्थित जियुकान सेटेलाइट लांच सेंटर से अगले साल लांच किया जाएगा और 2020 तक अंतरिक्ष में ऐसे 10 उपग्रह होंगे।

अंतरिक्ष में 2026 तक 272 उपग्रह होंगे।

पीपुल्स डेली में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, उपग्रह द्वारा उपलब्ध कराई गई इंटरनेट सेवा के लिए उपयोगकर्ता अपने मोबाइल फोन का उपयोग कर सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, लिंकश्योर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) वांग जिंगयिंग ने कहा कि कंपनी इस परियोजना में तीन अरब यूआन (43.14 करोड़ डॉलर) का निवेश करेगी। उनका मानना है कि परिदृश्यों, एप्लीकेशनों और मोड के माध्यम से कंपनी भविष्य में कमाई कर सकती है।

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, 3.9 अरब लोग 2017 के अंत तक भी इंटरनेट की पहुंच से दूर थे।

फिलहाल गूगल, स्पेसएक्स, वनवेब और टेलीसेट जैसी कई विदेशी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने निशुल्क इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए उपग्रह के उपयोग की परियोजनाएं लांच की हैं।

--आईएएनएस 

 

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पाकिस्तान में 15 साल से लेकर 65 साल की उम्र के 69 फीसदी लोगों को नहीं मालूम है कि इंटरनेट क्या होता है। यह बात सूचना-संचार प्रौद्योगिकी है(आईसीटी) आधारित एक सर्वेक्षण में प्रकाश में आई है। श्रीलंका के थिंक टैंक लाइर्नी एशिया द्वारा करवाए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट सोमवार को डॉन में प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट पाकिस्तान के 2,000 लोगों के सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की गई है। 

सर्वेक्षक थिंक टैंक ने दावा किया है कि नमूने की प्रक्रिया के तहत राष्ट्रीय स्तर पर 15 साल से 65 साल की उम्र की 98 फीसदी आबादी के प्रतिनिधित्व सुनिश्चित की गई है।

लाइनर एशिया की सीईओ हेलनी गलपाया ने कहा, "पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) की वेबसाइट में 15.2 करोड़ सक्रिय सेल्युलर फोन धारक हैं। चाहे वे आदमी हो या औरत, गरीब हो या अमीर लेकिन वे नहीं एप्स का उपयोग करना नहीं जानते हैं।"

--आईएएनएस

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हॉन्ग कॉन्ग-झुहाई-मकाओ पुल पर भविष्य में 5जी सेवा शुरू हो सकती है। अधिकारियों ने रविवार को कहा कि यह समुद्र पर बना विश्व का सबसे लंबा पुल है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, 55 किलोमीटर लंबा यह पुल पिछले महीने खुला था, जो ग्वांगदोंग प्रांत को हॉन्ग कॉन्ग और मकाओ के साथ जोड़ता है।

जीटीई कोर्प के डब्लूएलएएन कार्यालय के उपमहाप्रबंधक व पुल के नेटवर्क संचालक फांग झेंग ने कहा, "हॉन्ग कॉन्ग-झुहाई-मकाओ पुल पर अभी 4जी सेवा की अच्छी कवरेज है।"

उन्होंने कहा, "विशेषज्ञ व कर्मी एक जटिल निर्माण माहौल एवं पुल के लिए 4जी समाधान मुहैया करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर की कमी जैसी समस्याओं से पार पा चुके हैं और भविष्य में इसे 5जी सेवा में उन्नत करने की तैयारी कर रहे हैं।"

निर्माताओं के मुताबिक, विशेषज्ञों व कर्मियों ने ऑप्टिकल फाइबर के दायरे को 20 किलोमीटर तक बढ़ा दिया है, ताकि पुल पर पूरे नेटवर्क सिग्नल को सुनिश्चित किया जा सके।

फांग के मुताबिक, पुल पर अब इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

--आईएएनएस

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बात जब भारत में 5जी अपनाने की आती है, तो इसके लिए सरकार की तरफ से एक उपभोक्ता के रूप में बड़ी भूमिका निभाने की जरूरत है, ताकि इसे सफल बनाया जा सकें। रिसर्च फर्म टेकएआरसी की रिपोर्ट में सोमवार को कहा गया है कि भारत में 5जी को शुरू करने के लिए सरकार को सक्रिय होकर एक ग्राहक के रूप में इसकी मांग पैदा करनी चाहिए। 

टेकएआरसी के संस्थापक और प्रमुख विश्लेषक फैसल कावूसा ने कहा, "5जी सेवाओं की मांग पैदा करने में सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस प्रौद्योगिकी को व्यवहार्य बनाने के लिए सरकार समेत विभिन्न संगठनों को इसका इस्तेमाल करना होगा।"

उन्होंने कहा, "सरकार की भूमिका प्रौद्योगिकी को सक्षम बनाने के लिए मांग पैदा करने में उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी आम उपभोक्ताओं की।"

रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में 5जी का इस्तेमाल करने की जरूरत है, और 5जी ही ग्रामीण भारत को डिजिटल बना सकता है।

'मेक इन इंडिया' को स्मार्टफोन से बढ़कर अन्य डिवाइसों पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि 5जी के लिए डिवाइसों में स्मार्टफोन के अलावा भी कई डिवाइसें होंगी।

रिपोर्ट में कहा गया है, "सरकार को 5जी की बोली नहीं लगानी चाहिए। क्योंकि साल 2020 से पहले इस प्रौद्योगिकी का पारिस्थितिकी तंत्र ही तैयार नहीं हो पाएगा। उसके बाद ही इसके स्पेक्ट्रम के लिए बोलियां आयोजित करनी चाहिए।"

--आईएएनएस

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