श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि अगर कांग्रेस उनकी पार्टी के सीट बंटवारे के फार्मूले को स्वीकार कर ले तो वह कांग्रेस के साथ लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन के लिए तैयार हैं।

अनंतनाग जिले में पार्टी के एक समारोह से इतर उमर ने मीडिया से यह बात कही। उन्होंने कहा, "हमें कांग्रेस से प्रस्ताव मिला है, लेकिन हम बिल्कुल स्पष्ट हैं कि गठबंधन की बात तभी आगे बढ़ेगी जब कश्मीर में लोकसभा की सभी सीटों पर हमारी पार्टी के उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर सहमति बनेगी।"

जम्मू एवं कश्मीर में लोकसभा की छह सीट हैं। इनमें से तीन कश्मीर घाटी में, दो जम्मू संभाग में और एक लद्दाख संभाग में है।

उमर ने राज्य में लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव नहीं कराने के लिए एक बार फिर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह राज्य के लोगों को सरकार चुनने के उनके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित करने के समान है।

पूर्व आईएएस अफसर शाह फैसल द्वारा नई पार्टी लॉन्च करने के बारे में उन्होंने कहा कि अभी यह देखा जाना बाकी है कि इस नई पार्टी के पास राज्य के लोगों को कुछ नया देने के लिए है या नहीं।

राज्य में जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध और इसके कार्यकर्ताओं की धर-पकड़ पर उमर ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें जमात पर प्रतिबंध लगाने की कोई जरूरत नहीं महसूस हुई थी।

--आईएएनएस

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श्रीनगर: नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद(जेईएम) के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के खिलाफ चीन का वीटो और जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव नहीं कराना मोदी सरकार की 'बड़ी विफलता' है। अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा, "चीन ने संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर मसूद अजहर पर 'टेक्निकल होल्ड' लगा दिया! पाकिस्तान को एक बार अपना रास्ता मिल गया।"

जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने चीन के कदम और राज्य में विधानसभा चुनाव नहीं कराए जाने के केंद्र सरकार की अक्षमता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की असफलता करार दिया है।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने अजहर पर चीन के समक्ष और जम्मू एवं कश्मीर में चुनाव में देरी कर पाकिस्तान के समक्ष आत्मसमर्पण किया। भाजपा कैसे आतंक और आंतरिक सुरक्षा के विरुद्ध कड़े कदम उठाने का दावा कर सकती है।"

उन्होंने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के उस टिप्पणी पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि जेईएम प्रमुख के पक्ष में चीन के कदम पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का बयान पाकिस्तान में सुर्खियां बटोरेगा।

अब्दुल्ला ने कहा, "मंत्रीजी, आपकी सरकार ने पाकिस्तान को तब छोटी जीत दी थी, जब आपने 2017 में अनंतनाग उपचुनाव रद्द कर दिया था और अब विधानसभा चुनाव नहीं कराकर आपने पाकिस्तान को बड़ी जीत दे दी है। अगर कोई पाकिस्तान को जश्न मनाने का मौका दे रहा है तो वह राहुल गांधी नहीं है। अपने घर में देखें सर।"

--आईएएनएस

 

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श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विंग कमांडर वर्तमान अभिनंदन के भारत वापस आने तक अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर देने चाहिए। अभिनंदन इस समय पाकिस्तानी सेना की हिरासत में हैं। अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, "पीएम मोदी को तबतक अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर देने चाहिए, जबतक अभिनंदन सुरक्षित रूप से वापस नहीं लौट आते। यह सामान्य बात नहीं है कि जब हमारा पायलट पाकिस्तान के कब्जे में है और वे करदाताओं के पैसे से राजनीतिक भाषणबाजी कर रहे हैं।"

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता को उम्मीद है कि पाकिस्तान हिरासत में लिए गए पायलट से वैसा ही व्यवहार करेगा, जैसा वह भारत के कब्जे में लिए गए उसके सैनिक के साथ उम्मीद करता है।

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान, कृपया उनके (पायलट) साथ वैसा व्यवहार करे, जिस तरह के व्यवहार की उम्मीद आप अपने सैनिक के भारत के कब्जे में आने पर करते हैं।"

--आईएएनएस

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श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि कोई यह अंदाजा नहीं लगा सकता कि भारतीय वायु सेना (आईएएफ) द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार किए गए हमले के बाद आगे क्या होगा क्योंकि नुकसान के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के विमानों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार की और पाकिस्तान वायुसेना द्वारा जवाबी कार्रवाई करने के बाद जल्दबाजी में बम गिराने के बाद लौट गए।

पाकिस्तान के दावे के बाद अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, "जब तक हमें पता नहीं चल जाता कि पाकिस्तानी जनरलों द्वारा किस बालाकोट के बारे बात की जा रही है, यह अंदाजा लगाना बेकार है कि हमने किस पर हमला किया होगा और हवाई हमले का क्या नतीजा होगा।"

उन्होंने कहा, "अगर यह केपीके (खैबर पख्तूनख्वा) में स्थित बालाकोट है तो यह एक बड़ा हमला है और भारतीय वायुसेना के विमानों द्वारा एक महत्वपूर्ण स्ट्राइक है।"

उमर ने कहा, "हालांकि, अगर यह एलओसी से सटा पुंछ सेक्टर में स्थित बालाकोट है तो यह काफी हद तक प्रतीकात्मक स्ट्राइक है क्योंकि साल के इस समय में आगे के लॉन्च पैड और आतंकवादी शिविर खाली और निष्क्रिय हैं।"

नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष ने हवाई हमलों से संभावित नुकसान का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा, "समस्या अब प्रधानमंत्री इमरान खान की अपने देश के प्रति जताई गई प्रतिबद्धता है ..'पाकिस्तान जवाब देने के बारे में नहीं सोचेगा, पाकिस्तान जवाब देगा'।"

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, "यह जवाब क्या रूप लेगा? कहां प्रतिक्रिया होगी? क्या भारत को पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का जवाब देना होगा?"

अब्दुल्ला का यह ट्वीट ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक हुई है।

पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली:  जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि भाजपा को हराने के लिए राजनीतिक दलों को अपनी रणनीति में बदलाव लाने की जरूरत है और उन्हें आलोचना की जगह सकारात्मक विकल्प तलाशना चाहिए।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता उमर ने ट्वीट कर कहा, "पंजाब, गोवा और मणिपुर के नतीजों से साफ है कि भाजपा को हराना नामुमकिन नहीं है, लेकिन इसके लिए रणनीति को बदलकर आलोचना के स्थान पर सकारात्मक विकल्प तलाशने की जरूरत है।"

उमर ने कहा कि वर्तमान में कोई नेता ऐसा नहीं है जिसे देशभर में स्वीकार किया जा रहा हो और जो 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को टक्कर दे सके।

उन्होंने कहा, "इस स्तर पर हमें 2019 को भूलकर उम्मीद कायम रखते हुए 2024 के लिए योजना बनानी चाहिए।"

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा के जीत की ओर बढ़ने के बीच उमर की यह टिप्पणी आई है।

वहीं, पंजाब और मणिपुर में कांग्रेस आगे चल रही है और गोवा में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला है।

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श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने देश के सभी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रध्वज फहराने के केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय के निर्देश की शुक्रवार को आलोचना की। एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी की अध्यक्षता में केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में गुरुवार को लिए गए निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उमर ने ट्विटर पर लिखा, "यदि अलगाव की भावना दूर करने के लिए झंडा फहराना ही एकमात्र उपाय होता तो कश्मीर और पूर्वोत्तर की समस्याएं दशकों पहले ही सुलझ चुकी होतीं।"

अब्दुल्ला ने हालांकि कहा कि वह फैसले के खिलाफ नहीं हैं, क्योंकि यह विभिन्न विश्वविद्यालयों में उठ रही अलगाववादी भावनाओं को दूर करने का एक नया तरीका प्रतीत हो रहा है।

उमर ने एक अन्य ट्वीट में कहा, "मैं नए उपायों के पक्ष में हूं, लेकिन हमें अपने आपको यह दिलासा नहीं देना चाहिए कि एचआरडी मंत्रालय के इस निर्देश से जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) या जाधवपुर में सुने गए नारे बंद हो जाएंगे।"

उल्लेखनीय है कि अब्दुल्ला के पिता फारुख अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा था कि जेएनयू की समस्या को विश्वविद्यालय के कुलपति को हल करना चाहिए था और इसे विश्वविद्यालय परिसर से बाहर नहीं उछाला जाना चाहिए था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस। 

 

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ब्रिटिश संसद में दिए गए भाषण की आलोचना करने वालों पर निशाना साधा और कहा कि उनके बेहतरीन भाषण पर 'हम क्यों गौरवान्वित नहीं हो सकते।'

उमर ने एक ट्विटर अकाउंट पर किए गए ट्वीट के जवाब में कहा, 'भारतीय प्रधानमंत्री ने ब्रिटिश संसद में वहां के सांसदों के समक्ष बेहतरीन भाषण दिया। हम उससे क्यों गौरवान्वित नहीं हो सकते।'


यह अकाउंट कांग्रेस स्वयंसेवियों का हैंडल होने का दावा करता है। इस ट्वीट में कहा गया था, 'प्रधानमंत्री ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित नहीं किया, बल्कि रॉयल गैलरी में सांसदों के समक्ष भाषण दिया। यह झूठ भी पकड़ा गया।'

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से पूछे गए कुछ सवालों पर टिप्पणी की कि यह मानना सुरक्षित होगा कि ब्रिटिश प्रेस को पूछे जाने वाले सवालों के बारे में 'सुझाव' नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा, 'मैं समझता हूं कि हम यह सुरक्षित रूप से मान सकते हैं कि ब्रिटिश प्रेस को यह 'सुझाव' नहीं दिया गया था कि क्या पूछें और क्या नहीं। कुछ काफी कटु सवाल पूछे गए।'

हालांकि उन्होंने यह साफ किया कि ब्रिटिश अखबार 'गार्डियन' द्वारा पूछे गए सवाल का दूसरा हिस्सा प्रधानमंत्री के लिहाज से 'अनुचित' था। 'गार्डियन' के संवाददाता ने प्रदर्शनों के बारे में मोदी से सवाल किया था कि लंदन की सड़कों पर यह कहते हुए प्रदर्शन हुए हैं कि गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर उनके रिकॉर्ड को देखते हुए वह उस सम्मान के हकदार नहीं हैं, जो विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता को सामान्य तौर पर मिलता है।

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नई दिल्ली: जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को जारी मतगणना में महागठबंधन को बढ़त के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दी। उमर ने ट्विटर पर लिखा, "नीतीश कुमार साहिब को जीत पर हार्दिक बधाई हो।"

उन्होंने लिखा, "आपकी जीत आने वाले दिनों में देश के लिए अहम साबित होगी।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मुद्दे को रुपये-पैसों में तोल दिया है। उमर ने यह टिप्पणी शनिवार को राज्य के लिए प्रधानमंत्री द्वारा 80,000 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा करने के बाद ट्विटर पर की। 

उमर ने ट्वीट में लिखा, "प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर मुद्दे को रुपयों और पैसों में तोलने की गलती की है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला और कई अन्य नेताओं ने सोमवार को विधायक इंजीनियर राशिद पर दिल्ली में हुए स्याही हमले की निंदा की है। सईद ने कहा, "भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में हमें असहमति को सम्मान देने की हिम्मत होनी चाहिए, अलग-अलग नजरियों को जगह दिया जाना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "इस तरह की बुरी घटनाओं की बाढ़ का आना बेहद परेशान करने वाला है।"

उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, "इंजीनियर राशिद पर हमला मंजूर नहीं है। इसकी कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। असहिष्णुता और हिंसा का यह माहौल बेहद चिंताजनक है।"

विधायक हाकिम यासीन, निजामुद्दीन बट और उस्मान मजीद ने भी बयान जारी कर घटना की निंदा की है और इसे असहिष्णुता की कार्रवाई बताते हुए लोकतंत्र के खिलाफ करार दिया है।

राशिद पर दिल्ली में प्रेस क्लब के बाहर स्याही फेंकी गई। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है। राशिद ने गोमांस पर रोक की मांगों के खिलाफ गोमांस पार्टी दी थी। इस पर राज्य विधानसभा में भाजपा विधायकों ने उनकी पिटाई की थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।