पटना: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने यहां सोमवार को कहा कि उनके पिता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद के साथ झारखंड की जेल में ज्यादती की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनसे मिलने पर रोक लगा दी गई है। 

महागठबंधन द्वारा यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर एक बार फिर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने पिता (लालू प्रसाद यादव) से एक महीना बाद मिलने गए थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा, "लालू जी के साथ सरकार अमानवीय व्यवहार कर रही है। उनका इलाज नहीं करवाया जा रहा है। सुशील मोदी, नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री के निर्देश पर ये सब हो रहा है।"

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सिर्फ तीन 'सी' यानी 'क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म' से समझौता नहीं करने की बात कहते हैं, जबकि हकीकत में वह क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म को आज प्रश्रय दे रहे हैं।

तेजस्वी ने जनता दल (युनाइटेड) का घोषणापत्र अब तक जारी न होने पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जद (यू) ऐसी इकलौती पार्टी है जिसने अभी तक अपना घोषणापत्र जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि शायद उनके पास घोषणापत्र के लिए कोई मुद्दा ही नहीं है।

संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एक ओर तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आरक्षण खत्म न करने की बात करते हैं, जबकि दूसरी तरफ इसे खत्म करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि पिछड़े समाज के लोग अब तक न्यायाधीश क्यों नहीं हैं। बिहार में शिक्षा की बदहाली पर भी कुशवाहा ने नीतीश को आड़े हाथों लिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नीतीश कुमार के डीएनए पर सवाल उठाए जाने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है और इस चुनाव में मतदाता इसका जवाब दे देंगे।

इस मौके पर महागठबंधन में शामिल सभी दलों के नेता उपस्थित रहे।

--आईएएनएस

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रांची: झारखंड में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष गौतम सागर राणा ने सोमवार को एक अस्पताल में पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद से मुलाकात पर रोक लगाए जाने पर नाखुशी जताई।

बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल ने 20 अप्रैल को कानून और व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए आदेश जारी किया था।

हर शनिवार को राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरआईएमएस) के एक वार्ड में तीन लोगों को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के पास जाने की अनुमति दी जाती थी।

राणा ने यहां मीडिया से कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जेल प्रशासन ने इस तरह का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के निर्देश पर ऐसा किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है शनिवार तक प्रतिबंध हटा लिया जाएगा।

10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद को जमानत देने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद से ही लालू आरआईएमएस में हैं।

राजद सुप्रीमो को बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में रखा गया है क्योंकि केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उन्हें इस घोटाले से जुड़े तीन मामलों में दोषी ठहराया था। उन्हें 13 साल की सजा हुई है।

--- आइएएनएस

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पटना: बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) ने शुक्रवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद पर कई आरोप लगाए और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

जद (यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि जेल में रहते हुए लालू प्रसाद ने जेल नियमों का उल्लंघन किया है। पत्र में लिखा गया है कि लालू प्रसाद भ्रष्टाचार के मामले में रांची के होटवार जेल में बंद है और स्वास्थ्य कारणों से रिम्स, रांची के पेइंग वार्ड में इलाजरत हैं।

पत्र के अनुसार, कुमार ने कहा कि जेल मैनुअल में स्पष्ट है कि इन्हें केवल परिजनों से मिलना है। लालू से मिलने के लिए सप्ताह में केवल एक दिन (शनिवार) निश्चित है, जिसके लिए अदालत से आदेश लेना पड़ता है।

जद (यू) नेता ने कहा, "लालू एक पार्टी के अध्यक्ष भी हैं और लोकसभा चुनाव में अपने हस्ताक्षर से ही टिकट भी बांटे हैं। क्या टिकट बांटने में उन्होंने हस्ताक्षर करने के लिए अदालत से आदेश लिया था? अगर नहीं तो उनके द्वारा बांटे गए टिकट पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के नामांकन को अवैध घोषित किया जाना चाहिए।"

उन्होंने चुनाव आयोग से यथोचित कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि नियम है कि जेल में बंद व्यक्ति को राजनीतिक बातें नहीं करनी है, परंतु लालू प्रसाद का केवल राजनीतिक हस्तियों से मिलना स्पष्ट करता है कि राजनीतिक उद्देश्य से ही ऐसे लोगों से मुलाकात किया गया है।

विधान पार्षद नीरज ने पत्र में कहा, "लालू प्रसाद विभिन्न धाराओं में दोषी पाए गए हैं। वे अपराधिक मामले में दोषसिद्घ अपराधी हैं, ना कि किसी जन आंदोलन के नेता हैं। लालू प्रसाद लगातार सोशल मीडिया पर भी अपने विचार रखते हैं, जिससे चुनाव प्रभावित किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा कि अगर उनका ट्विटा हैंडल कोई दूसरा व्यक्ति चला रहा है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि वे अपना विचार जेल से किसे बता रहे हैं।

नीरज ने कहा कि चुनाव प्रभावित करने वाले सोशल साइटों पर दिए गए लालू प्रसाद के बयान गंभीर हैं, इस कारण आदर्श चुनाव आचार संहिता बनाए रखने के लिए कारगर कार्रवाई की जानी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि लालू चारा घोटाला के कई मामलों में दोषी पाए जाने के बाद रांची की एक जेल में बंद हैं। स्वास्थ्य कारणों से वे इन दिनों रांची के रिम्स में भर्ती हैं।

--आईएएनएस

 

 

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पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को यहां खुलासा करते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद ने चारा घोटाला मामले में मदद के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात की थी और कहा था कि अगर उन्हें मदद मिलती है तो 24 घंटे के अंदर नीतीश कुमार का 'इलाज' कर देंगे।

पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय ने चारा घोटाले के मामले में फंसे लालू प्रसाद के पक्ष में तब फैसला सुनाते हुए कहा कि था इस घोटाले से जुड़े अन्य मामलों में ट्रायल की जरूरत नहीं है क्योंकि सभी मामले एक तरह के हैं। इसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय गई थी। मोदी ने कहा, "लालू प्रसाद ने इसके बाद अपने दूत प्रेमचंद गुप्ता को भाजपा नेता अरुण जेटली के पास भेजा और मदद मांगी।"

उस समय लालू ने कहा था कि अगर उन्हें मदद मिलती है तो 24 घंटे के अंदर नीतीश कुमार का इलाज कर देंगे। मोदी ने कहा कि लालू ने नीतीश की सरकार गिराने की पेशकश की थी।

मोदी ने दावा किया कि इसके बाद प्रेमचंद गुप्ता के साथ लालू ने खुद जेटली से मुलाकात की थी। मोदी ने कहा कि उस समय हालांकि जेटली ने लालू को मदद देने से इनकार करते हुए कहा था कि हम सीबीआई के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकते, क्योंकि यह एक स्वायत्त संस्थान है।

मोदी ने लालू पर निशाना साधते हुए कहा कि लालू प्रसाद अपने फायदे के लिए किसी के भी पैर पकड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा की आलोचना करने वाले लालू ने बिहार में सरकार भी भाजपा की मदद से बनाई थी। मोदी ने कहा कि इसके लिए लालू खुद भाजपा से मदद मांगने भाजपा दफ्तर गए थे।

--आईएएनएस

 

 

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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के लिए चल रहे प्रचार अभियानों के बीच सोशल मीडिया पर भी अलग तरह का ऐसा ही अभियान चल रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने अपना एक पुराना वीडियो साझा किया है, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2014 में किए गए वादे 'अच्छे दिन आएंगे' कहने के उनके अंदाज की नकल की है। 

लालू ने मोदी पर कटाक्ष करते हुए 17 सेकेंड का यह वीडियो शनिवार को ट्विटर पर शेयर किया था। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा था- "मुफ्त में ले लो 15 लाख, अच्छे दिन और जुमला।"

इस वीडियो में मोदी की आवाज में सुनाई देती है- "प्रत्येक भारतीय को 15-20 लाख रुपये मिलेंगे।" मगर होंठों की जुंबिश लालू करते दिखते हैं, जो मटमैले रंग का गोलगला बनियान पहने हुए हैं।

यह वीडियो ट्विटर पर अब तक 1,600 कमेंट, 2,500 रीट्वीट और 12,000 लाइक बटोर चुका है। लोगों को मोदी के 2014 के वादे याद दिलाना इस वीडियो का मकसद है। विपक्ष मोदी के प्रधानमंत्री बन जाने के बावजूद वादे पूरे न किए जाने को लेकर उन पर तंज करने का कोई मौका नहीं चूकता।

--आईएएनएस

 

 

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पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की परेशानी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। पार्टी के अध्यक्ष लालू प्रसाद के साले और पूर्व सांसद साधु यादव महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। 

बसपा की बहार इकाई के अध्यक्ष भरत बिंद ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि बसपा प्रमुख मायावती ने राजद के पूर्व सांसद साधु यादव को गुरुवार को पार्टी की सदस्यता दिलाई, जिसके बाद मायावती ने उन्हें महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है।

महाराजगंज में साधु यादव का मुकाबला पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के बेटे और महागठबंधन के प्रत्याशी रणधीर कुमार सिंह से होगा। वहीं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने यहां से भाजपा नेता जनार्दन सिंह सिग्रीवाल को चुनावी मैदान में उतारा है।

महाराजगंज के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह विधायक अशोक सिंह की हत्या के मामले में हजारीबाग जेल में बंद हैं।

उल्लेखनीय है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव पार्टी में सीट के बंटवारे से अभी भी नाराज हैं।

बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटों पर सभी सात चरणों में मतदान होगा। वहीं पहले चरण के तहत चार सीटों पर गुरुवार को मतदान संपन्न हो चुका है। राज्य में 18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 29 अप्रैल, 6 मई, 12 मई और 19 मई को मतदान होगा। मतों की गिनती 23 मई को होगी।

--आईएएनएस

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पटना: जेल में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद द्वारा बुधवार को बिहार के लोगों को लिखे पत्र पर गुरुवार को जनता दल (युनाइटेड) ने जवाब दिया है। जद (यू) ने लालू प्रसाद को पत्र लिखकर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश में चल रहे लोकतंत्र के उत्सव में जब आप शामिल होने के ही योग्य नहीं हैं, तो इस पर लिखने या अफसोस जताने से क्या लाभ?

लालू को लिखे पत्र में जद (यू) ने कहा कि बिहार के लेाग अब उस 'लालटेन युग' और 'जंगल राज' को भूलकर 'नए बिहार' की पटकथा लिख रहे हैं।

जद (यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू प्रसाद को एक पत्र लिखकर कहा है, "यहां के लोग बिहार के गौरवशाली अतीत की तरह ही वर्तमान को गौरवशाली बनाने के लिए व्यग्र हैं, जिसकी पटकथा 'सुशासन' की इस सरकार ने लिखी है। वैसे, आपकी व्यग्रता और छटपटाहट उस कालखंड का परिणाम है, जिसके लिए अदालत ने भी उस काल को 'जंगल राज' कहा था।"

पत्र में कहा गया है, "आपकी (लालू) व्यग्रता जेल में रहने के कारण बढ़ गई है परंतु आप कोई स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई के कारण, अल्पसंख्यकों या सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने के कारण जेल नहीं गए हैं, बल्कि अदालत ने आपको सरकारी राशि में घोटाला करने का दोषी पाया है। ऐसे में आपको सजा तो होनी ही थी।"

पत्र में कटाक्ष करते हुए लिखा गया है, "आपने राजनीतिक जीवन में परिवार के लिए अकूत बेनामी संपत्ति अर्जित कर ही ली तथा अपने पुत्रों को भी राजनीति में 'सेट' कर ही दिया तो फिर अब क्या शेष रह गया? आप तो राजनीतिक गुरु बन अपने पुत्रों को भी अपने रास्ते पर चलने के लिए प्रशिक्षित कर चुके हैं।"

जद (यू) के नेता नीरज ने लालू पर संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण बचाने के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश करने का आरोप लागते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान में ही अदालत का भी समावेश है।

उन्होंने कहा, "आपकी करनी के कारण देश की सर्वोच्च अदालत आपको जमानत तक देने को तैयार नहीं हैं। आप को उसी संविधान के तहत सजा सुनाई गई है, जिसे बचाने की आप दुहाई दे रहे हैं।"

पत्र के अंत में नीरज ने लालू को नसीहत देते हुए कहा कि संविधान पर विश्वास करना सिखिए।

उल्लेखनीय है कि बुधवार को लालू ने बिहार के लोगों को पत्र लिखकर कहा था कि इस चुनाव में सब कुछ दांव पर है।

उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, "44 वर्षो में पहला चुनाव है, जिसमें मैं आपके बीच नहीं हूं। चुनावी उत्सव में आप सब के दर्शन नहीं होने का अफसोस है।"

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के कुछ घंटे पूर्व लालू ने पत्र लिखकर लोगों से लोकतंत्र और संविधान बचाने की अपील करते हुए कहा था, "चुनावी उत्सव में आप सब के दर्शन नहीं होने का अफसोस है। आपकी कमी खल रही है इसलिए जेल से ही आप सब के नाम पत्र लिखा है। आशा है आप इसे पढ़िएगा एवं लोकतंत्र और संविधान को बचाइएगा।"

--आईएएनएस

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पटना: करोड़ो रुपये के चारा घोटाले में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद की जमानत याचिका सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने को भाजपा ने 'फंसाने के झूठे आरोप' पर करारा तमाचा कहा है। 

भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यहां कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला लालू प्रसाद के फंसाने के झूठे आरोप पर करारा तमाचा है।

उन्होंने कहा, "लालू प्रसाद को पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया के बाद चारा घोटाले के चार मामलों में सजा सुनाई है, परंतु वह (लालू) अपना गुनाह कुबूल करने के बजाए फंसाए जाने का आरोप लगाते रहे।"

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अगर उन्हें फंसाया गया था तो फिर उनकी जमानत याचिका क्यों खारिज की गई।

भाजपा नेता ने कहा कि चारा घोटाले के दो अन्य मामलों में अभी फैसला होना शेष है। उन्होंने कहा कि लालू चुनाव लड़ने के अयोग्य हो गए हैं, फिर भी जेल में राजनीतिक मुलाकातें जारी हैं।

उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी। लालू प्रसाद करोड़ों रुपये के चारा घोटाले में जेल में बंद हैं।

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नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी। लालू प्रसाद करोड़ों रुपये के चारा घोटाले में जेल में बंद हैं।

लालू प्रसाद के वकील कपिल सिब्बल ने सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला दिया जिसमें अदालत ने ऐसे ही एक मामले में याचिकाकर्ता को जमानत दे दी थी। सिब्बल ने कहा कि लालू प्रसाद इन मामलों में पहले ही 22 महीने जेल की सजा काट चुके हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने जवाब दिया कि उन्हें प्रत्येक मामले में सजा काटनी होगी।

सिब्बल ने कहा, "इसमें कोई मांग और वसूली नहीं हुई है और यह साजिश का मामला है।"

इसके जवाब में मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि मैं आपको जमानत दे सकता हूं।" और विशेष राहत याचिका खारिज कर दी।

साल 1996 में सामने आए चारा घोटाला मामले में पाया गया था कि 1990 के दशक की शुरुआत में मवेशियों के लिए फर्जी चारा और दवाओं के लिए राजकीय कोष से लगभग एक हजार करोड़ रुपये का गबन किया गया था।

राजद प्रमुख केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक अदालत द्वारा उन्हें घोटाले से संबंधित तीन मामलों में दोषी करार देने के बाद से रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं। उन्हें 13 साल से ज्यादा की जेल की सजा पहले ही सुनाई जा चुकी है।

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नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मंगलवार को चारा घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल(राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका का विरोध करेगी।

सीबीआई चाहती है कि अदालत लालू प्रसाद की याचिका को खारिज कर दे, जो चिकित्सा आधार पर मांगी गई है।

एजेंसी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल के नेता 11 अप्रैल से शुरू होने वाले लोकसभा चुनाव से संबंधित राजनीतिक प्रचार और गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहते हैं, और चिकित्सकीय कारणों का हवाला देना महज बहाना है।

सीबीआई अधिवक्ता ने अदालत से लालू प्रसाद की जमानत याचिका का विरोध करते हुए एक हलफनामा दायर करने की अनुमति मांगते हुए दावा किया है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने बीमारी की आड़ में सफलतापूर्वक जेल की सजा काटते हुए अपना अधिकांश समय अस्पताल के एक विशेष वार्ड में बिताया है।

कई शीर्ष स्तर के राजनेता उनसे मिलने भी गए। सीबीआई ने कहा कि लालू ने अस्पताल में विशेष वार्ड से राजनीतिक गतिविधियों का संचालन किया।

--आईएएनएस

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