फ्रांस में ईंधन कर में प्रस्तावित वृद्धि स्थगित होगी

फ्रांस सरकार ईंधन कर में वृद्धि के निर्णय की योजना स्थगित करेगी। इस निर्णय की वजह से यहां हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। मीडिया रपटों में मंगलवार को यह जानकारी दी गई है। स्वच्छ ईंधन की दिशा में कदम के तहत अगले माह से पेट्रोल व डीजल पर प्रस्तावित कर वृद्धि के निर्णय की वजह से यहां प्रदर्शन शुरू हो गए थे। यह विरोध प्रदर्शन ग्रामीण क्षेत्रों को हाशिये पर करने, महंगी जीवनशैली और राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों की आर्थिक नीतियों से उपजे असंतोष की वजह से और तेजी से फैल गया।

बीबीसी ने फ्रांस की मीडिया के हवाले से कहा है कि पिछले तीन सप्ताहांतों से जारी इस विरोध प्रदर्शन ने फ्रांसीसी शहरों को नुकसान पहुंचाया और इस दौरान तीन लोग मारे गए।

इस आंदोलन को 'येलो वेस्ट्स' कहा जा रहा है, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने यहां उच्च दृश्यता वाले पीले रंग के कपड़े पहनकर प्रदर्शन किए हैं, जिसे फ्रांसीसी कानून के हिसाब से सभी वाहनों में रखना अनिवार्य है।

गार्जियन की रपट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान मैक्रों से इस्तीफा मांगा और फ्रांसीसी संसद को भंग करने की भी मांग की।

मैंक्रों ने लगातार प्रदर्शनकारियों से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की और अपने राजनीतिक विरोधियों पर सुधार को बाधित करने के लिए आंदोलन पर कब्जा करने का आरोप लगाया।

इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में सबसे पहले 300,000 लोगों ने हिस्सा लिया। एक सप्ताह बाद इस विरोध प्रदर्शन में 106,000 से अधिक लोग थे और गत शनिवार को 136,000 लोग।

विरोध प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा, और करीब 50 येलो वेस्ट्स प्रदर्शनकारियों ने मारसेल्ली के समीप फोस-सुर-मेर बंदरगाह के पास एक बड़े ईंधन डिपो पर कब्जा जमा लिया। पूरे देश में पेट्रोल स्टेशनों में ईंधन का आभाव है।

करीब 100 उच्च माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों ने पूरे देश में शैक्षणिक और परीक्षा सुधारों के खिलाफ प्रदर्शन किया। 

मैक्रों ने इस संकट से निपटने के लिए इस सप्ताह प्रस्तावित सार्बिया दौरा रद्द कर दिया है।

--आईएएनएस