विदेशी बाजारों में भारतीय कंपनियों की डायरेक्ट लिस्टिंग का प्रस्ताव

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को बाजार नियामक को भारतीय कंपनियों के विदेशी शेयर बाजार में बिना भारत में सूचीबद्ध हुए सूचीबद्ध होने (डायरेक्ट लिस्टिंग) की सिफारिश की है। समिति ने कहा है कि इस प्रकार के ढांचे से भारतीय कंपनियों को कम लागत में विदेशी पूंजी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

वर्तमान नियमों के तहत भारत में गठित किसी भी कंपनी को, जो भारतीय बाजार में सूचीबद्ध नहीं है, विदेशी शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने की अनुमति नहीं है। इसी प्रकार से जिन कंपनियों का गठन भारत से बाहर हुआ है, वे भारतीय शेयर बाजारों में सीधे सूचीबद्ध नहीं हो सकती हैं। 

इस समिति ने अपनी 29 पृष्ठों की रपट में यह सलाह भी दी है कि प्रतिभूति बाजार नियामक को विदेशी कंपनियों को सीधे भारतीय शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने की अनुमति देनी चाहिए। 

सेबी ने इस रपट पर 24 दिसंबर तक लोगों की राय मांगी है। 

सेबी को सौंपी गई रपट में कहा गया है, "विदेशी शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने का आदेश केवल उन्हीं देशों में दिया जाए, जिनके साथ भारत की सूचना साझा करने तथा किसी प्रकार की जांच में सहयोग करने की संधि हुई है।"

रपट के मुताबिक, जिन शेयर बाजारों में भारतीय कंपनियां सूचीबद्ध हो सकेंगी, उनमें अमेरिका का नासडैक, न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज, चीन का शंघाई स्टॉक एक्सचेंज और शेनझेन स्टॉक एक्सचेंज, लंदन स्टॉक एक्सचेंज और हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज प्रमुख रूप से शामिल हैं। 

--आईएएनएस