चीन की कंपनी ने भारत को भेजी नकली रैबीज वैक्सीन की खेप
Thursday, 09 August 2018 08:35

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भारत समेत कई देशों को भेजी गईं नकली रैबीज वैक्सीन्स को चीन वापस ले रहा है। चीन की एक कंपनी पर आरोप है कि उसने प्रतिरोधक क्षमता संबंधी मानकों उल्लंघन करते हुए और जाली दस्तावेजों के आधार पर नकली रैबीज टीके बनाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले हफ्ते वैक्सीन घोटाले के केंद्र में रही चीनी कंपनी चैंगचुन चैंगशेंग बायोटेक्नोलॉजी कार्पोरेशन को लेकर खुलासा हुआ था कि उसने अपना प्रोड्क्ट भारत भी भेजा था। बताया जा रहा है कि कंपनी 2014 से बेअसर रैबीज टीके बेच रही थी। विशेषज्ञों का मानना है भारी तादात में भारतीय इसके संक्रमण में आए होंगे, जिनकी मृत्यु दर 2017 तक 100 फीसदी रही होगी। दिल्ली में एक सरकारी अधिकारी ने मीडिया को बताया, ”जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, हमने फिलहाल चीनी फर्म के द्वारा तैयार की गई रैबीज वैक्सीन्स को वापस लेने के लिए आदेश कर दिया है। हमें मिली जानकारी के मुताबिक चीनी औषध नियंत्रक ने टीकों का उत्पादन बंद करने का आदेश जारी कर दिया है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीनी सरकार ने ऐसे बहुत से देशों के साथ जानकारियां साझा नहीं की हैं जिन्होंने बेकार वैक्सीन्स खरीदीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने कहा है कि चैंगचुन चैंगशेंग ने बीती 16 जुलाई से एक्सपोर्ट की गई वैक्सीन्स को वापस लेना शुरू कर दिया है। चीनी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (सीएफडीए) वैक्सीन्स को वापस लेने के काम की निगरानी जारी रखेगा। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में भेजी गई ऐसी वैक्सीन्स की संख्या और उनकी तारीख के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।

सीएफडीए की तरफ से जारी किए गए समाचार के मुताबिक चैंगचुन चैंगशेंग के रैबीज टीकों के अवैध उत्पादन के मामले में चीनी कैबिनेट की स्टेट काउंसिल की टीम जांच कर रही है। बयान में कहा गया है कि सीएफडीए ने चीन में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि कार्यालय के साथ संचार बनाए रखा है। चीन की सरकारी मीडिया की तरफ से कहा गया है कि उत्तर-पूर्वी जिलिन प्रांत आधारित चैंगचुन चैंगशेंग ने अप्रैल 2014 से रेबीज वैक्सीन्स का उत्पादन करते हुए राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया। शिनहुआ न्यूज एजेंसी के एक अधिकारी ने मंगलवार (7 अगस्त) को बताया कि स्टेट काउंसिल के द्वारा भेजी गई जांच टीम के अनुसार वैक्सीन्स को वापस लेने का काम पहले ही शुरू किया जा चुका है, उन देशों और इलाकों को इस बारे में सूचना भी दी गई है जहां इन वैक्सीन्स बेचा गया।

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