10 साल में सबसे तेज 200% तक बढ़ेगी भारतीयों की संपत्ति

वॉशिंगटन.दुनिया में भारतीयों की निजी संपत्ति सबसे तेज रफ्तार से बढ़ रही है। अफ्रेशिया बैंक और न्यू वर्ल्ड वेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 10 साल में भी भारतीयों की निजी संपत्ति में सबसे ज्यादा 200% का इजाफा होगा। इसी के साथ भारतीयों की कुल निजी संपत्ति 16 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो जाएगी।अमेरिका से 10 और ब्रिटेन से 20 गुना तेजी से बढ़ेगी हमारी संपत्ति

भारतीयों की संपत्ति में अमेरिका की तुलना में 10 गुना, जबकि ब्रिटेन और जर्मनी की तुलना में 20-20 गुना तेजी से इजाफा होगा। भारतीयों की निजी संपत्ति 5.35 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 16.01 लाख करोड़ होने का अनुमान है।

2017 की स्थिति

अमेरिका 40.68
चीन 16.12
जापान 12.68
ब्रिटेन 6.44
जर्मनी 6.27
  संपत्ति लाख करोड़ रुपए में

2027 के लिए अनुमान

अमेरिका 48.81
चीन 45.14
जापान 16.50
भारत 16.01
ब्रिटेन 7.09
  संपत्ति लाख करोड़ रुपए में

दुनिया में 2252 बिलिनेयर हैं

- दिसंबर 2017 तक दुनिया भर के लोगों की निजी संपत्ति 13975 लाख करोड़ रुपए थी।

- दुनिया में 1.52 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिनकी निजी संपत्ति औसतन 6.5 करोड़ या इससे ज्यादा है।

- दुनिया में 2252 बिलिनेयर हैं। इनमें में हर एक के पास औसतन 6500 करोड़ रुपए की संपत्ति है।

अमेरिकी 10 साल बाद भी पहले पायदान पर रहेगा

- इतना ही नहीं, इस मामले में ब्रिटेन और जर्मनी को पछाड़कर भारतीय दुनिया के चौथे सबसे अमीर बन जाएंगे।

- फिलहाल, 5.35 लाख करोड़ संपत्ति के साथ भारत छठे नंबर पर है आैर करीब 40.68 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ अमेरिकी अव्वल हैं, जो 10 साल बाद भी अव्वल ही रहेंगे। हालांकि, इस दौरान उनकी संपत्ति में महज 20% इजाफा होने का अनुमान है।

कैसे की जाती है व्यक्ति की संपत्ति की गणना?

- इस रिपोर्ट में पिछले 10 साल में और आने वाले 10 साल में दुनिया भर के लोगों की निजी संपत्ति में होने वाली ग्रोथ का विश्लेषण किया गया है। इसमें किसी भी देश की सरकार की संपत्ति या फंड को शामिल नहीं किया है।

- देश की संपत्ति का मतलब वहां के लोगों की निजी संपत्ति से हैं। इसमें प्रॉपर्टी, नकदी, इक्विटी, कारोबार से कमाई आदि शामिल हैं। इनमें से कर्ज को घटाकर संपत्ति की गणना की जाती है। इसमें किसी भी तरह की सरकारी संपत्ति शामिल नहीं है।

10 सालों में भारत में होंगे बदलाव

 

- रिपोर्ट के मुताबिक, 10 सालों में भारत में इंडस्ट्रीज, उद्यमियों, बेहतर शिक्षा प्रणाली और अच्छी अंग्रेजी बोलने वालों की संख्या बढ़ेगी। इसके अलावा वित्तीय और बैंकिंग सेवाएं, आईटी सेक्टर, बीपीओ, रियल एस्टेट, हेल्थकेयर और मीडिया सेक्टर में भी जबरदस्त ग्रोथ होने की उम्मीद है।

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