शेयर हस्तांतरण विवाद में स्पाइसजेट को 579 करोड़ भुगतान का निर्देश

सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्पाइसजेट को निर्देश दिया कि एयरलाइन के स्वामित्व में 2015 में बदलाव के दौरान शेयर हस्तांतरण विवाद मामले में वह 579 करोड़ रुपये का भुगतान करे।

न्यायमूर्ति रोहिंगटन एफ. नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 3 जुलाई के आदेश के खिलाफ स्पाइसजेट की अपील को खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी को 31 अगस्त या उससे पहले 250 करोड़ रुपये जमा कराने तथा बाकी की 329 करोड़ रुपये की रकम को बैंक गारंटी के रूप में जमा कराने का आदेश दिया गया था।

केएएल के गैरकार्यकारी अध्यक्ष कलानिधि मारना और केएएल ने अपनी समूची 58.46 फीसदी हिस्सेदारी स्पाइसजेट और उसके सहसंस्थापक अजय सिंह को साल 2015 के फरवरी में हस्तांतरित कर दी थी जो 35.04 करोड़ शेयर थे।

इस शेयर खरीद समझौते के अंतर्गत केएएल एयरवेज और मारन को परिचालन खर्च और कर्ज भुगतान के रूप में स्पाइसजेट पर किए गए 690 करोड़ रुपये के खर्च के बदले प्रतिदेय वारंट प्राप्त करना था।