ऑस्ट्रेलिया में रेल, बंदरगाह विकास में सहयोग करेगी भारतीय कंपनी
Thursday, 14 March 2013 14:57

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नई दिल्ली,11 मार्च (आईएएनएस)| ऑस्ट्रेलिया में रेल और बंदरगाहों के विकास का जिम्मा एक बड़ी भारतीय कंपनी को मिला है। भारतीय कंपनी 'जीवीके कोल इंफ्रास्ट्रक्चर(सिगापुर) प्राइवेट लिमिटेड(जीवीके हैनकॉक)' ऑस्ट्रेलियाई कंपनी ऑरिजॉन साथ मिलकर आस्ट्रेलिया में रेल और बंदरगाह के आधारभूत ढांचे को विकसित करने पर सहमत हो गए हैं। जीवीके समूह की ही एक कंपनी 'जीवीके पॉवर' ने सोमवार को यह जानकारी दी।

जीवेक समूह के चेयरमैन जीवीके रेड्डी ने समझौते पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, "क्वींसलैंड के कोयले के कारोबार के इतिहास में यह समझौता सबसे महत्वपूर्ण समझौतों में से एक है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में रेल और बंदरगाह के आधारभूत ढांचे को विकसित करने की कड़ी में हम वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े एकीकृत कोयला विकास परियोजना में शुमार होने की ओर अग्रसर हैं।"

प्रक्रियाधीन प्रस्तावित समझौते के तहत, कोयले के कारोबार से जुड़ी जीवीके की हैंकॉक इकाइ (एचसीआई) के लाभ में ऑरीजॉन की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। दोनों कंपनियों का बोर्ड और मुख्य समितियों में प्रबंधन अधिकार और प्रतिनिधित्व बराबर होगा और जीवीके रेड्डी बोर्ड के चेयरमैन होंगे।

वहीं ऑस्ट्रेलियाई कंपनी ऑरीजॉन के प्रबंध निदेशक और कार्यकारी अधिकारी लांस हॉकरिज ने कहा कि प्रस्तावित ऑरीजॉन-जीवीके हैंकॉक समझौता मील का पत्थर है, क्योंकि यह समझौता खदान-रेल-बंदरगाह क्षेत्र के दो बड़े कारोबारियों को एक मेज पर लाता है।

इस समझौते से भारतीय कंपनी को ऑस्ट्रेलिया में बॉवेन बेसिन में कोयले के उत्पादन के अगले चरण का अधिकार मिल जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के बॉवेन बेसिन में कोयले के कारोबार से जुड़ी असीमित संभावनाए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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