क्रूड पाम तेल पर 10 फीसदी घटा आयात शुल्क, 27 नवंबर से लागू होगी नई दर
Friday, 27 November 2020 10:29

  • Print
  • Email

नई दिल्ली: देश में खाने के तेल की महंगाई को काबू करने के मकसद से सरकार ने गुरुवार को क्रूड पाम तेल के आयात पर शुल्क 37.50 फीसदी से घटाकर 27.50 फीसदी कर दिया है। आयात शुल्क की नई दर शुक्रवार से लागू होगी। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा-शुल्क बोर्ड द्वारा गुरुवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, क्रूड पाम तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी यानी आधारभूत सीमा-शुल्क की दर 27.5 फीसदी कर दी गई है, जो 27 नवंबर से लागू होगी।

इस समय क्रूड पाम तेल पर आयात शुल्क 37.50 फीसदी है, जो जनवरी 2020 से लागू है। इस पर सोशल वेलफेयर सेस यानी सामाजिक कल्याण उपकर 10 फीसदी लगता है। इस प्रकार, वर्तमान में क्रूड पाम तेल पर प्रभावी कर 41.25 फीसदी है, लेकिन 27 नवंबर से 27.50 फीसदी आयात कर और 10 फीसदी सोशल वेलफेयर सेस को जोड़ने के बाद 30.25 कर चुकाना होगा।

तेल तिलहन बाजार के जानकार बताते हैं कि क्रूड पाम तेल पर आयात शुल्क घटने से देश में पाम तेल का आयात सस्ता होगा, जिसका असर अन्य खाद्य तेल के दाम पर भी दिखेगा, क्योंकि भारत खाद्य तेलों में सबसे ज्यादा पाम तेल का ही आयात करता है।

भारत मलेशिया और इंडोनेशिया से पाम तेल का आयात करता है।

क्रूड पाम तेल के वायदा भाव पर इसका असर गुरुवार को ही देखने को मिला और सीपीओ के सबसे सक्रिय वायदा अनुबंध में तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

देश के सबसे बड़े वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर गुरुवार को रात 8.42 बजे क्रूड पाम ऑयल यानी सीपीओ के दिसंबर अनुबंध में पिछले सत्र से 33.20 रुपये यानी 3.69 फीसदी की गिरावट के साथ 866 रुपये प्रति 10 किलो पर कारोबार चल रहा था।

--आईएएनएस

पीएमजे/एसजीके

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

Don't Miss