दूसरी तिमाही के नतीजे, आर्थिक आंकड़ों से इस हफ्ते मिलेगी शेयर बाजार को दिशा
Sunday, 11 October 2020 20:21

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मुंबई: घरेलू शेयर बाजार को इस सप्ताह देसी कंपनियों द्वारा जारी होने वाले दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों से दिशा मिलेगी। हालांकि कोरोनावायरस संक्रमण के प्रकोप का साया बना रहेगा, लेकिन इससे मिल रही आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर किए जा रहे उपायों और कोरोना के टीके तैयार करने की दिशा में हो रही प्रगति का असर शेयर बाजार पर देखने को मिलेगा। खासतौर से अमेरिका के प्रोत्साहन पैकेज पर बाजार की नजर टिकी रहेगी। देश की प्रमुख आईटी कंपनियां -- विप्रो, इन्फोसिस और एचसीएल टेक्नोलोजी समेत कई अन्य कंपनियां चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे इस सप्ताह जारी करने वाली हैं। विप्रो के वित्तीय नतीजे सप्ताह के आरंभ में सोमवार को ही जारी होंगे जबकि इन्फोसिस की वित्तीय नतीजे बुधवार को और एचसीएल टेक्नोलोजी के नतीजे सप्ताह के आखिर में शुक्रवार को जारी होंगे।

वहीं, देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के अगस्त महीने के आंकड़े और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई के सितंबर महीने के आंकड़े भी सप्ताह के आरंभ में सोमवार को ही जारी होंगे। इसके बाद थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित थोक महंगाई के सितंबर महीने के आंकड़े बुधवार को जारी होंगे।

देश में कोरोना संक्रमण के अब तक सामने आए मामलों की तादाद 70 लाख से ज्यादा हो चुकी है जिसमें एक लाख से ज्यादा लोगों ने दम तोड़ दिया है। अमेरिका के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमितों की संख्या भारत में ही है। इसलिए, वैश्विक बाजार के साथ-साथ घरेलू बाजार पर भी कोरोना का साया लगातार बना हुआ है।

इसलिए कोरोना के कहर से मिल रही आर्थिक चुनौतियों से निपटने के क्रम में सरकार द्वारा आगे प्रोत्साहन पैकेज की उम्मीद की जा रही है। उधर, अमेरिका में भी प्रोत्साहन पैकेज के प्रस्ताव के मामले में होने वाली प्रगति का असर वैश्विक बाजार पर देखने को मिलेगा।

वहीं, वैश्विक मोर्चे पर भी जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहेगी। अमेरिका में मंगलावार को सितंबर महीने की महंगाई के आंकड़े और शुक्रवार को खुदरा बिक्री के आंकड़े जारी होंगे। इससे पहले, चीन में सितंबर महीने की महंगाई के आंकड़े गुरुवार को जारी होंगे।

घरेलू शेयर बाजार की नजर, घरेलू संस्थागत निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के निवेश के प्रति रुझानों पर रहेगी। साथ ही, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले घरेलू मुद्रा की चाल और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम का भी असर बाजार पर देखने को मिल सकता है।

--आईएएनएस

पीएमजे-एसकेपी

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