प्रूडेंट फ्रेमवर्क में कोरोना संकट से प्रभावित परिसंपत्ति के लिए आरबीआई का विशेष समाधान
Thursday, 06 August 2020 18:55

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मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को अपने प्रूडेंशियल फ्रेमवर्क के तहत कोरोना महमारी के चलते संकटग्रस्त परिसंपत्तियों के समाधान के लिए विशेष समाधान मुहैया करवाने का फैसला लिया है जिसमें कर्जदाता स्वामित्व में बदलाव किए बगैर एक समाधान योजना ला सकता है।

केंद्रीय बैंक की मौद्रिक समिति की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कहा कि महामारी के चलते नकदी का संकट होने के कारण कर्ज चुकाने में लाचार कंपनियों को राहत देने के लिए इस कदम की घोषणा की गई है।

संकटग्रस्त परिसंपत्तियों के समाधान के लिए सात जून 2019 को जारी संशोधित प्रूडेंशियल फ्रेमवर्क में सामान्य परिस्थितियों में कर्जदात की चूक का समाधान करने के लिए सैद्धांतिक समाधान फ्रेमवर्क प्रदान किया गया है।

इस फ्रेमवर्क के तहत लागू कोई भी समाधान की योजना जिसमें कर्जदार की वित्तीय कठिनाइयों के कारण छूट दी जाती है उसमें परिसंपत्ति के कम दर्जे में वर्गीकरण करना होता है सिवा यह कि स्वामित्व में बदलाव करने पर परिसंपत्ति का वर्गीकरण अपग्रेडेड से स्टैंडर्ड तक होता है जो कि तय शर्तो के अधीन होता है।

दास ने कहा, "प्रूडेंशियल फ्रेमवर्क के तहत एक विशेष विंडो प्रदान करने का फैसला लिया गया है जिसके तहत कर्जदाता पात्र कॉरपोरेट के संकटग्रस्त होने के मामले में स्वामित्व और पर्सनल लोन में परिवर्तन किए बगैर एक समाधान योजना ला सकता है जबकि इस प्रकार संकटग्रस्त परिसंपत्ति को तय शर्तो के अधीन स्टैंडर्ड के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।"

-- आईएएनएस

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