दूरसंचार क्षेत्र का परिदृश्य नकारात्मक : इंडिया रेटिंग्स
Saturday, 31 August 2019 09:07

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नई दिल्ली: दूरसंचार ऑपरेटर्स (टेल्कोज) का क्रेडिट प्रोफाइल्स तीव्र प्रतिस्पर्धा, कर्ज के बढ़ते स्तर और डेब्ट सर्विसिंग और कैपेक्स के लिए कैपिटल इंफ्यूजन पर लगातार निर्भरता के कारण मध्यम अवधि में दवाब में रहेगा। फिच समूह की कंपनी इंडिया रेटिंग्स ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि रिलायंस जियो इकलौटी टेल्को होगी, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 2022 तक 40-45 फीसदी बढ़ सकती है। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रा) ने दूरसंचार सेवाओं के क्षेत्र के लिए वित्त वर्ष 2020 में नकारात्मक परिदृश्य का अनुमान लगाया है।

रिपोर्ट में कहा गया, "दूरसंचार उद्योग में प्रतिस्पर्धा में तीव्रता जारी रहेगी, क्योंकि रिलायंस जियो इंफोकॉम (आरजियो) ने डेटा टैरिफ भारतीय एयरटेल लि. (भारती) और वोडाफोन-आइडिया (वोडा-आइडिया) की तुलना में 25-30 फीसदी कम रखा है।"

इंड-रा ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2022 में आरजियो की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 40-45 फीसदी हो जाएगी (वित्त वर्ष 2019 में करीब 30 फीसदी रही) और भारती/वोडा-आइडिया की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी घटकर 25-27 फीसदी (दोनों की फिलहाल 30-33 फीसदी है) की हो जाएगी।

एजेंसी ने कहा, "वोडा-आइडिया, भारती (भारतीय कारोबार) और आरजियो पर वित्त वर्ष 2019 के अंत तक कुल कर्ज 3.9 खरब डॉलर था।"

एजेंसी ने कहा कि भारत में मीडिया कंटेंट के क्षेत्र में भारी उथल-पुथल होने वाला है, क्योंकि असीमित योजनाओं के साथ सस्ते और प्रचुर मात्रा में डेटा विकल्प उपलब्ध हैं, जिसके कारण मोबाइल डिवाइसों पर कंटेंट का उपभोग बढ़ रहा है।

--आईएएनएस

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