सुशांत अब नहीं है, इस सच के साथ जीने में मुझे वक्त लगेगा : श्वेता
Tuesday, 24 November 2020 20:49

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मुंबई: श्वेता सिंह कीर्ति का कहना है कि उन्हें इस बात को समझने में काफी लंबा वक्त चाहिए कि उनका भाई सुशांत सिंह राजपूत अब इस दुनिया में नहीं है। इस सच से उबरने की प्रक्रिया धीमी है। श्वेता ने इंस्टाग्राम पर एक नोट साझा कर सुशांत के प्रशंसकों को धन्यवाद दिया है, जिन्होंने अभिनेता को न्याय दिलाने के उनके सफर में अपना पूरा समर्थन दिया है।

श्वेता ने अपने नोट में लिखा, "मैं गहरे दुख से गुजरी हूं और अब भी गुजर रही हूं। जब भी मुझे लगता है कि अब मैं एक सामान्य जीवन जी सकती हूं, तभी कोई नया दुख सामने आ जाता है। इससे उबरने में मुझे वक्त लगेगा और धर्य भी। अगर मैं अपने जख्मों को कुरेदती रहूंगी और सोचती रहूंगी कि यह ठीक हो गया है या नहीं, तो बात और बिगड़ेगी। जिस भाई को मैंने खोया है, उसके साथ पल-पल बिताते हुए मैं बड़ी हुई हूं। वह मेरा एक अहम हिस्सा है। हम दोनों एक-दूसरे के पूरक रहे हैं। अब चूंकि वह नहीं है, तो मुझे इसे समझने और इसके साथ जीने में वक्त लगेगा।"

श्वेता आगे लिखती हैं, "लेकिन मैं एक बात जानती हूं और वो ये कि ईश्वर अपने सच्चे भक्तों का साथ कभी नहीं छोड़ते हैं। उन्हें पता है कि यहां कितने सारे दिलों में दर्द समाया हुआ है और वह ये जरूर सुनिश्चित करेंगे कि सच आगे आए। ईश्वर और उनकी दयालुता पर भरोसा रखिए। एकजुट बनकर रहिए और कृपया एक-दूसरे के साथ मत लड़िए। जब हम दुआ मांगते हैं, तब हम अपने दिलों का शुद्धिकरण करते हैं और अभिव्यक्ति के लिए ईश्वर के लिए जगह बनाते हैं।"

श्वेता ने इसके आगे लिखा, "ईश्वर, प्यार, दया और सहिष्णुता के अलावा और कुछ भी नहीं है। हालांकि यह कहने का मतलब ऐसा नहीं है कि हम न्याय के लिए अपनी आवाज उठाना बंद कर दें। ऐसा करें, लेकिन सम्मान और दृढ़ता के साथ। क्रोध में रहेंगे, तो हमारे अंदर की ऊर्जा जल्द ही खत्म हो जाएगी। जिस इंसान में विश्वास और धैर्य बना रहता है, वह काफी दूर तक चलता है। मैं अपने एक्टेंडेड फैमिली से यही उम्मीद रखती हूं।"

श्वेता आखिर में लिखती हैं, "आप लोगों को नहीं पता कि आप सभी मेरे लिए कितना मायने रखते हैं। एक परिवार के तौर पर हमें जितना प्यार और समर्थन मिला है, उसने इंसानियत और भगवान पर मेरे विश्वास को अटूट बना दिया है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि वह हमें सच्चाई और रोशनी के मार्ग पर आगे लेकर जाए।"

--आईएएनएस

एएसएन/एसजीके

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