दूसरे ग्रह के प्राणियों से संपर्क करने जा रहा चीन, बनाई खास डिवाइस

चीन दुनिया में स्पेस सुपरपावर बनने की राह पर बढ़ रहा है। दावा है कि वह पहला देश होगा, जो एलियनों से संपर्क साधेगा। ऐसा करने के लिए उसने एक खास यंत्र तैयार किया है, जो दुनिया की सबसे बड़ी रेडियो डिश बताई जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि किसी उड़ने वाली अज्ञात वस्तु (यूएफओ) को बीते हफ्ते ग्रेट वॉल ऑफ चाइना के पास देखा गया था। शोधकर्ताओं की मानें, तो यह डिश 500 मीटर की अपर्चर स्फेरिकल टेलिस्कोप होगी, जिसका आकार अमेरिका स्थित प्यूर्टो रिको के अरिसीबो वेधशाला से दोगुणी बताई जा रही है। खास बात है कि यह स्पेस में मौजूद गहराई से भी सिग्नलों का पता लगा लेगी। 

2016 में चीन ने नई प्रयोगशाला टिएनगॉन्ग-2 को निचले ऑर्बिट में स्थापित कर स्पेस एक्सप्लोरेशन पॉवरहाउस का निर्माण किया था। यह काम कर के वह संयुक्त राष्ट्र और रूस की बराबरी पर आ पहुंचा था। मीडिया रिपोर्टस की मानें, तो चीन ने स्पेस एक्सप्लोरेशन और दूसरी आकाशंगागाओं से आने वाले एलियनों के सिग्नल का पता लगाने वाली सबसे बड़ी रेडियो डिश बनाने पर अरबों पाउंड खर्चे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस बारे में कहा था कि इस प्रोजेक्ट से स्पेस एक्सप्लोरेशन के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए जा सकेंगे और चीन को स्पेस पावर बनाने में मदद मिलेगी।

लियू सिक्सिन नाम के एक शोधकर्ता ने इस डिश को साइंस फिक्शन से बाहर की बात बताई। वह इनमें दूसरे ग्रहों के प्राणियों से मिलने पर कई किताबें और लेख लिख चुके हैं, जिसमें उन्होंने कई जोखिम और चेतावनियों का जिक्र किया है। वह इस मामले में स्टीफन हॉकिंस जैसा सोचते हैं। वह कहते हैं कि एलियन सभ्यता के साथ संपर्क पर हो सकता है कि मनुष्यों का अंत ही हो जाए। उन्होंने अपनी किताबों के जरिए इस पर चिंता जताई है। लिखा है कि इंसान जिस तारों वाले आकाश को अभी धरती से देखते हैं, वह शायद 10 हजार साल में खाली हो जाएगा। 

 

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