इस देश के हर घर में महिलाओं के साथ मर्द का होना जरूरी, गार्ड या डॉक्टर से भी चल जाता है काम

सऊदी अरब एक ऐसा देश है जो अक्सर अपने नियम कानूनों की वजह से भी सुर्खियों में रहता है। यहां ऐेसे कई नियमों का पालन किया जाता है जिससे शायद ही आप इत्तेफाक रखते होंगे। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सऊदी अरब में मर्दों को औरतों के साथ साए की तरह रखा जाता है। अगर कोई महिला घर में हैं और उसके घर में कोई मर्द नहीं है तो वो घर में भी नहीं रह सकती। हां, अगर उनके साथ कोई गार्ड या डॉक्टर भी हो तो कोई बात नहीं, वो घर में रह सकती हैं।

हाल ही में सऊदी अरब की महिलाओं को अधिकारों के मामले में रोबोट से भी कमतर माना गया था। दरअसल कुछ दिन पहले सऊदी अरब पहला ऐसा देश बन गया है जिसने एक महिला रोबोट को भी अपने देश की नागरिकता दी है, इस रोबोट का नाम सोफिया है। उसी दौरान मीडिया रिपोर्ट्स में ये बात उठी थी कि यहां रोबोट को महिलाओं से ज्यादा अधिकार हैं। क्योंकि सऊदी ऐसा देश है जहां सार्वजनिक रूप से सिर ढंकना होता है और हमेशा पुरुषों की निगरानी में रहना पड़ता है।

‘डाइचे वेले’ की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब में महिलाएं बगैर मर्द के अपने घर में भी नहीं रह सकतीं। यहां तक कि अगर उस वक्त घर में कोई मर्द ना हो तो गार्ड का होना जरूरी माना जाता है। ठीक उसी तरह घर से बाहर जाने के लिए अगर कोई संबंधी मर्द ना हो तो वो बाहर नहीं जा सकतीं। लेकिन कोई गैर-संबंधी मर्द यानी गार्ड या डॉक्टर भी मिल जाए तो वो घर से बाहर भी जा सकती हैं।

वही दूसरी ओर जिन मर्दों के साथ महिलाओं का खून का संबंध नहीं होता, उनके साथ रहना भी अच्छा नहीं माना जाता। सऊदी अरब में महिलाओं के स्थिति की कल्पना इसी बात से की जा सकती है कि वहां पहली बार साल 2013 में किसी महिला वकील को प्रैक्टिस करने का लाइसेंस मिला था।

 

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