कोलकाता में मुहर्रम जुलूस के लिए सुरक्षा चुस्त

मुहर्रम के 10वें दिन शिया मुस्लिमों द्वारा मातम जुलूस निकालने के लिए रविवार को यहां कोलकाता में सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। यह इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना होता है। कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने आईएएनस को बताया, "इस जुलूस पर निगरानी रखने के लिए 7,000 से 8,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।"

शिया मुस्लिम श्रद्धालु इस दिन विशाल जुलूस निकालते हैं और इस दौरान ढोल बजाते हुए अपनी छाती पीटते हैं इराक में 680 ईसवी में हुई पैगंबर मोहम्मद के पोते इमाम हुसैन की शहादत का मातम मनाते हैं।

पुलिस के अनुसार यह जुलूस शहर के विभिन्न भागों में सुबह नौ बजे से शुरू होकर सोमवार सुबह तक जारी रहेगा।

पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुहर्रम, विजयदशमी या दशहरा के बाद पड़ रहा है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने शुरू में दोनों समुदायों के बीच किसी भी प्रकार की अशांति से बचने के लिए मुहर्रम के दिन दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे।

हालांकि, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के निर्देश को रद्द कर दिया और दशहरा के बाद सभी दिन मध्यरात्रि तक दुर्गा पूजा विसर्जन की अनुमति दे दी।

उच्च न्यायालय ने प्रशासन से कहा कि दोनों समुदायों के जुलूसों को शांतिपूर्वक आयोजित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाए।

एक अधिकारी ने बताया कि कोलकाता पुलिस ने उन नदी के किनारों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है, जहां विसर्जन होंगे। उन्होंने आगे कहा कि अधिकांश प्रमुख समुदायिक पूजा पंडालों ने रविवार को देवी मूर्ति विसर्जन नहीं करने का निर्णय लिया है।

अधकारी ने कहा, "अगर कोई मूर्तियों को विसर्जित करना चाहता है, तो उसके लिए हमने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं। हालांकि, ज्यादातर बड़े पूजाओं ने दो और तीन अक्टूबर को विसर्जन की अनुमति मांगी है।"

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