कोलकाता के बड़े दुर्गा पंडाल विकलांगों के अनुकूल नहीं : एनजीओ

कोलकाता के एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ने कहा है कि 70 प्रतिशत से अधिक बड़े दुर्गा पूजा पंडाल विकलांगों के लिए पर्याप्त सुविधाएं प्रदान करने में नाकाम हैं, जो 2016 में पारित विकलांग अधिकार (आरपीडब्ल्यूडी) अधिनियम के खिलाफ है। एनजीओ ने कहा कि अधिकांश पूजा आयोजकों ने विकलांगों की सुविधा के लिए पंडालों के अंदर व्हीलचेयर जैसी बुनियादी सुविधाएं तक प्रदान नहीं की है। संगठन ने कहा कि वे विकलांगों के प्रति संवेदनहीन नजर आए।

सिविलियन वेलफेयर फाउंडेशन के अनुसार, "कुछ पंडालों ने हालांकि विकलांगों के लिए अनुकूल रवैया दिखाया है, लेकिन कोलकाता के 71 बड़े पूजा पंडालों में अपर्याप्त सुविधाएं देखने को मिली हैं। विकलांगों के प्रति यहां काफी भेदभाव है।"

फाउंडेशन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, "सभी पंडालों में व्हीलचेयर रही हैं, लेकिन गैर-सरकारी संगठन के सदस्यों ने जिस समय पंडालों का दौरा किया तो वे अनुपलब्ध थीं। पंडालों में ढलुआ रास्तों के बजाए सीढ़ियां बनाई गई हैं। इसके साथ ही विकलांगों के लिए अलग से द्वार नहीं बनाए गए हैं। इससे विकलांग पंडाल के प्रमुख आकर्षण को नहीं देख पा रहे हैं।"

विज्ञप्ति में कहा गया है कि बड़े पूजा पंडालों में विकलागों के प्रति बुनियादी संवेदनशीलता और समझ की कमी देखने को मिली है।

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