कोलकाता: नौका का इंतजार कर रहे लोग नदी में बहे, तीन की मौत

हुगली नदी पर बनी एक जेटी का कुछ हिस्सा ढहने की वजह से बुधवार को नदी में डूब कर दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कम से कम 70 लोग अभी लापता हैं। यह हादसा हुगली जिले के तेलिनीपाड़ा घाट पर हुआ। करीब सौ लोग हुगली जिले के तेलिनीपाड़ा फेरीघाट से उत्तर चौबीस परगना के श्यामनगर फेरीघाट जाने के लिए नौका का इंतजार कर रहे थे। ज्वार के कारण पानी का बहाव तेज होने की वजह से ही यह हादसा बुधवार को करीब 11 बजे हुआ। सूत्रों का कहना है कि तेज बहाव के कारण अधिकतर लोगों के बह जाने की आशंका है। इस कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। रोशनी का प्रबंध कर डूब गए लोगों की तलाश की जा रही है। हुगली के पुलिस अधीक्षक सुकेश जैन ने बताया कि जेटी ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई और कम से कम 70 लोग लापता हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ मिल कर बचाव कार्य शुरू कर दिया है। राहत व बचाव कार्यों की निगरानी के लिए राज्य सरकार के दो मंत्री मौके पर पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को तीन-तीन लाख और घायलों को 25-25 हजार रुपए मुआवजा देने का एलान किया है।

जैन ने बताया कि हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने छोटी नौकाओं के सहारे 18 लापता लोगों को नदी से बचा लिया। उन सबको चंदननगर सब-डिवीजनल अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। उनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि यह हादसा उस वक्त हुआ जब उत्तर 24-परगना जिले के तहत श्यामनगर जाने वाले यात्री एक मोटर नौका पर चढ़ने के लिए बांस से बनी डेढ़ सौ फीट ऊंची जेटी पर इंतजार कर रहे थे। उनको नौका के जरिए हुगली नदी पार करना था। फिलहाल, 20 लोगों को अस्पताल में दाखिल कराया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेटी की मरम्मत और बेहतरी के लिए बहुत बार कहा गया। पश्चिम बंगाल के 2011 और 2016 के चुनावों में वायदों के बादजूद जेटी की मरम्मत नहीं की गई। अब हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जेटी की देख-रेख करने वाली संस्था और नौका सेवाओं को ज्वार के समय के बारे में चेतावनी क्यों नहीं दी गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अरसे से जेटी की देख-रेख नहीं हो रही थी। इसकी वजह से वह कमजोर हो गई थी। नतीजतन पानी के दबाव और लोगों के बोझ के कारण उसका एक बड़ा हिस्सा टूट कर पानी में गिर गया। चश्मदीदों ने बताया कि जेटी टूटने की वजह से लगभग सौ लोग पानी में गिर गए। कई ने तैर कर अपनी जान बचाई। लेकिन जो तैरना नहीं जानते थे वे डूब गए और तेजधार में बह गए। श्यामनगर फेरी घाट श्यामनगर रेलवे स्टेशन के पास ही है। उस पार तेलिनीपाड़ा फेरीघाट से आइटी प्रोफेशनल समेत तमाम नौकरीपेशा व व्यवसायी रोज भारी संख्या में कोलकाता जाने के लिए श्यामनगर रेलवे स्टेशन आते हैं।

  • Agency: IANS