माकपा, भाजपा ने तृणमूल की आलोचना की

कोलकाता: भाजपा और माकपा ने रविवार को भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के विद्यार्थियों का समर्थन करने पर पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की आलोचना की। तृणमूल कांग्रेस ने पुणे में संस्थान के अध्यक्ष के रूप में गजेंद्र चौहान की नियुक्ति के खिलाफ आंदोलनरत एफटीआईआई के छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए अपने तीन सांसदों को पुणे भेजा है।

लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी और शताब्दी रॉय और राज्यसभा के मुख्य सचेतक डेरेक ओ ब्रायन सोमवार को एफटीआईआई के विद्यार्थियों से मुलाकात करेंगे।

इस फैसले की घोषणा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को की थी। इसके एक दिन पहले ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस गतिरोध को सुलझाने का आग्रह किया था।

माकपा के राज्यसभा सदस्य रितब्रतो बनर्जी ने आईएएनएस से कहा, "जिस पार्टी का लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांतों से कोई संबंद्ध नहीं है, वह आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति एकजुटता दिखा रही है। यह एक मजाक के अलावा और कुछ नहीं है। तृणमूल सांसदों के पुणे दौरे का मकसद सिर्फ राजनीतिक लाभ प्राप्त करने का है।"

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ ने भी तृणमूल के इस कदम की निंदा की। सिंह ने आईएएनएस से कहा, "तृणमूल का लोकतंत्र की निंदा करने का इतिहास रहा है। फिर वह एक पूर्ण रूप से अलोकतांत्रिक अभियान का समर्थन करने का अवसर कैसे गंवा सकते हैं?"

प्रतिनिधिमंडल में ममता के भतीजे अभिषेक को शामिल करने के फैसले की भी कड़ी आलोचना हुई है।

POPULAR ON IBN7.IN