स्नेक रोबोट का विकास कर रहे भारतीय वैज्ञानिक

कोलकाता:  भारतीय वैज्ञानिक सांप के जैसे दिखने वाले एक रोबोट का विकास कर रहे हैं, जो आपदा और दुर्घटना में न सिर्फ लोगों की जान बचा सकता है, बल्कि निगरानी में भी सहायक साबित हो सकता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-हैदराबाद के मैकेनिकल व एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के वैज्ञानिकों ने तलाशी व बचाव अभियान (एसएआरपी-सांप के जैसा अर्टिकुलेटेड रोबोट प्लेटफॉर्म) के लिए स्नेक रोबोट के दो नमूनों को डिजाइन किया है।

विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर आर.प्रशांत कुमार ने आईएएनएस से कहा, "भूकंप के दौरान मकान गिरने, किसी इमारत में आग लगने या नाभिकीय संयंत्र में दुर्घटना जैसी आपदाओं के दौरान स्नेक रोबोट का इस्तेमाल मुश्किल जगहों में पहुंचने तथा मलबे में जिंदा बचे लोगों की तलाश के लिए किया जा सकता है।"

कुमार ने कहा, "यह हालात के बारे में जानकारी प्रदान कर सकता है, जिसके आधार पर बचाव दल अपने मिशन की योजना बना सकता है।"

उन्होंने कहा, "अग्निरोधक एबीएस प्लास्टिक से बना यह रोबोट सांप की तरह रेंगता है और ऊबड़-खाबड़ इलाके में भी काम करने में मदद कर सकता है।"

कुमार ने कहा, "जब स्नेक रोबोट को किसी तलाशी अभियान में लगाया जाएगा तो यह एक दूसरे से संपर्क स्थापित कर सकता है।"

इसके अलावा, ये रोबोट मलबे में जीवित बचे लोगों को छू सकता है और उनकी पहचान कर सकता है।

यह परियोजना संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के 'इनोवेशन हब फॉर साइबर फिजिकल सिस्टम्स' का हिस्सा है।

इस रोबोट का निर्माण जब स्थानीय स्तर पर किया जाएगा, तो इसकी कीमत लगभग 20 हजार रुपये के आसपास होगी।

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