शारदा घोटाला : मित्रा की जमानत याचिका फिर खारिज

Kolkata: West Bengal Transport Minister Madan Mitra being taken to be produced at a Kolkata Court in connection with the multi-crore-rupee Saradha chit fund scam in Kolkata, on Jan 16, 2015. Kolkata: West Bengal Transport Minister Madan Mitra being taken to be produced at a Kolkata Court in connection with the multi-crore-rupee Saradha chit fund scam in Kolkata, on Jan 16, 2015.

कोलकाता:  पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के शारदा चिटफंड घोटाला मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को प्रदेश के परिवहन मंत्री मदन मित्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी। उन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने न्यायाधीश निशिता म्हात्रे तथा आशा अरोड़ा की खंडपीठ के समक्ष मित्रा के पक्ष में दलील पेश की। उन्होंने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 409 मित्रा पर लागू नहीं होती, क्योंकि वह शारदा समूह से नहीं जुड़े हैं।

सिब्बल ने इस बात पर जोर दिया कि न तो वह फरार होंगे और न ही गवाहों को प्रभावित करेंगे। उन्होंने न्यायालय से यह भी कहा कि यदि उन्हें जमानत मिलती है, तो वह मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए भी तैयार हैं।

सीबीआई के वकील के.राघवाचार्युलु ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मित्रा एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और जमानत पर उनकी रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने तर्क दिया कि यह मित्रा के प्रभाव का ही परिणाम है कि वह आज भी मंत्री हैं और अपनी हिरासत की अधिकांश समयावधि जेल की जगह सरकारी अस्पताल एसएसकेएम हॉस्पिटल के वीआईपी केबिन में गुजार रहे हैं।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने मित्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी।

इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल द्वारा मित्रा का मुकदमा लड़ने पर प्रदेश कांग्रेस ने नाराजगी जताई।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक वरिष्ठ नेता होते हुए कपिल सिब्बल एक ऐसी पार्टी के नेता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है। इससे साफ पता चलता है कि सिब्बल के लिए उनका पेशा पार्टी से प्यारा है।"

शारदा घोटाला मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने के लिए बंगाल कांग्रेस पहले भी सिब्बल की आलोचना कर चुकी है।

मित्रा को सीबीआई ने बीते साल 12 दिसंबर को गिरफ्तार किया था, तब से लेकर आज तक वह जेल की सींखचों में कैद हैं। करोड़ों रुपये के इस घोटाले में आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी तथा आपराधिक विश्वासघात सहित कई अपराधों के तहत आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।

POPULAR ON IBN7.IN