गोरखालैंड आंदोलन के बावजूद दार्जीलिंग में पर्यटन की आशा

उत्तरी बंगाल के पर्यटन उद्योग के लिहाज से गर्मी का मौसम अभी तक बेहतर है। राज्य के पहाड़ी जिलों की अर्थव्यवस्था के लिए चाय की खेती के साथ ही पर्यटन मुख्य आधार है।

अगले महीने से शुरू हो रहे पर्यटन मौसम को लेकर टूर ऑपरेटर आशान्वित हैं, लेकिन उन्हें पृथक गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर गोरखा मुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के आंदोलन तेज करने की योजना का डर भी सता रहा है।

इस साल गर्मियों में घरेलू तथा विदेशी पर्यटकों के बड़ी संख्या में आने की उम्मीद लगाए पर्यटन उद्योग असमंसज में है। अभी तक के संकेत सकारात्मक हैं। अंतर्राष्ट्रीय यात्रा एवं भ्रमण कंपनी कॉक्स एंड किंग्स ने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में पर्यटकों की संख्या में 25 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद जताई है।

कंपनी के मुताबिक पिछले साल की तुलना में होटलों की बुकिंग 25 प्रतिशत ज्यादा है।

अभी हालांकि शुरुआत है क्योंकि उत्तरी बंगाल के इस पहाड़ी जिले में पर्यटन का सबसे व्यस्त समय अप्रैल माह में शुरू होता है और जुलाई तक जारी रहता है।

कॉक्स एंड किंग्स के वाइस प्रेसिडेंट यूसुफ पूनावाला ने आईएएनएस को बताया, "दार्जीलिंग (कस्बा) घरेलू पर्यटकों के बीच लोकप्रिय स्थान है। यह कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे महानगरों के लोगों के बीच भी लोकप्रिय है।"

जीजेएम ने हाल में गोरखालैंड के लिए आंदोलन तेज कर दिया था। लेकिन इसने 14 मार्च को 48 घंटे का बंद वापस लेकर पर्यटकों, टूर ऑपरेटरों और होटल कारोबारियों को बड़ी राहत दी है।

ग्लेनबर्न टी इस्टेट एंड बूटिक होटल के एक अधिकारी ने बताया, "अच्छी शुरुआत का अंत अच्छा रहता है।"

अपना नाम जाहिर न होने देने की इच्छा जाहिर करते हुए अधिकारी ने कहा, "बंद से पर्यटक प्रभावित होते हैं। यह अच्छी बात है कि उन्होंने बंद वापस ले ली। हम उम्मीद करते हैं कि चीजें शांतिपूर्ण रहेंगी।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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