पोती से दुष्कर्म, आजीवन कारावास की सजा

दार्जिलिंग: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में एक न्यायालय ने अपनी सौतेली नाबालिग पोती से बार-बार दुष्कर्म करने के दोषी व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दार्जिलिंग सदर पुलिस थानांतर्गत सिंगामरी निवासी मोहन थापा (50) को 15 वर्षीया पोती से सितंबर 2010 से मई 2011 तक दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया है।

दार्जिलिंग की एक अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती ने गुरुवार को थापा पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। जिसकी भरपाई न करने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा है।

माता-पिता के अलग-अलग रहने के चलते किशोरी अपने दादा के पास रह रही थी। पत्नी के घर में न होने पर आरोपी, पीड़िता को उसके साथ सोने के लिए मजबूर करता था।

घटना का पता उस वक्त चला जब किशोरी में शारीरिक बदलाव होते देख उसकी अध्यापिका ने इस बाबत उससे पूछताछ की, जिस पर पीड़िता ने बताया किया कि उसके दादा उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करते आ रहे हैं।

चिकित्सीय जांच में उसे गर्भवती पाया गया। जून 2012 में उसने लड़की को जन्म दिया।

पीड़िता फिलहाल कलिम्पोंग में है और मिशनरियों द्वारा चलाए जा रहे स्कूल में पढ़ती है।

न्यायालय ने आगे निर्देश दिया कि जुर्माना राशि पीड़िता को दे दी जानी चाहिए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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