भ्रष्टाचार मामले में हरीश रावत को फिर समन

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तराखंड में राजनीतिक उठापठक के बीच सामने आए स्टिंग वीडियो के मामले में राज्य के मुख्यमंत्री हरीश रावत को मंगलवार को पूछताछ के लिए फिर से समन भेजा है। 

अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वीडियो में कथित तौर पर वह विधायकों से समर्थन हासिल करने के लिए सौदेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं।

स्टिंग वीडियो नोएडा के एक निजी टीवी चैनल 'समाचार प्लस' ने शूट किया था। कांग्रेस के नौ बागी विधायकों ने 26 मार्च को उसे जारी किया था।

राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्य सरकार की ओर से इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी।

फिर बाद में केंद्र सरकार के आदेश पर सीबीआई ने समाचार प्लस के सीईओ और प्रमुख संपादक उमेश कुमार के स्टिंग आपरेशन की सत्यता जांचने के लिए 25 अप्रैल को एक प्राथमिक जांच शुरू की थी।

इससे पहले सीबीआई ने उमेश कुमार से भी पूछताछ की थी।

भाजपा ने आरोप लगाया था कि रावत ने बागी कांग्रेस विधायकों का समर्थन जीतने के लिए उन्हें पैसों और सरकारी पदों का लालच दिया था। हालांकि रावत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

सीबीआई के एक सूत्र के मुताबिक, एक फोरेंसिक रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि सीडी असली है और उससे कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।

सीबीआई ने पांच मई को रावत को पहला समन भेजकर उन्हें नौ मई को पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन रावत ने सीबीआई से कुछ समय की मांग की थी। 

विधानसभा में 11 मई को विश्वास मत जीतने के बाद उन्हें फिर से राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर बहाल कर दिया गया था।

शक्ति परीक्षण में बहुमत हासिल करने के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने 15 मई को अपनी बैठक की थी और इस स्टिंग की सीबीआई जांच करने संबंधी अधिसूचना वापस ले ली थी।

--आईएएनएस

  • Agency: IANS