उत्तराखंड : गर्मी से पहाड़ों पर धधक रहे जंगल

देहरादून: उत्तराखंड में गर्मियों के मौसम में पहाड़ों पर आग लगने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। वन अधिकारियों ने वन पंचायतों को इसके लिए खासतौर पर आग से बचने की हिदायत दी है। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष ज्यादा जंगल आग की भेंट चढ़ गए हैं। इस बार बारिश नहीं के बराबर होने की वजह से पहाड़ों पर मार्च से ही जंगल धधकने शुरू हो गए थे। मई और जून में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है, लिहाजा इस दौरान आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं। 

वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक, पिछले साल फायर सीजन में राज्य में 750 हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ गए थे, जबकि इस साल अप्रैल खत्म होने से पहले ही लगभग पिछले साल की अपेक्षा दोगुना जंगल जल गया। सैकड़ों प्रजाति के जीवों पर भी संकट बढ़ गया है। 

जिलाधिकारियों ने सभी वन पंचायतों और ग्राम प्रधानों से जंगलों में आग नहीं लगाने की अपील की है। हिदायत दी गई है कि जिन वन पंचायतों के जंगलों में आग लगेगी, उनके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। 

वन विभाग ने 3500 मजदूरों को भी जंगलों में आग बुझाने के लिए अस्थायी तौर पर तैनात किया है, लेकिन यह संख्या लगभग 38 हजार वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैले जंगलों में आग लगने के लिहाज से पर्याप्त नहीं है।

मुख्य वन संरक्षक बी.पी. गुप्ता का कहना है कि इस बार बारिश न के बराबर होने की वजह से जंगलों में आग भड़क रही है। इस हिसाब से महकमे के पास मैन पावर उपलब्ध नहीं है। जहां से भी सूचना मिल रही है, आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

आईएएनएस

  • Agency: IANS
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