गुजरात चुनाव: बीजेपी को रोकने अख‍िलेश भी आगे आए, पांच सीटों पर लड़ेगी सपा, बाकी पर कांग्रेस को साथ

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार (23 अक्टूबर) को आगामी गुजरात चुनाव में राज्य की पांच विधान सभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अऩुसार राज्य की बाकी सीटों पर समाजवादी पार्टी कांग्रेस को समर्थन देगी। गुजरात में चुनाव की तारीख की अभी तक घोषणा नहीं हुई है लेकिन चुनाव आयोग ने कहा है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधान सभा चुनाव के नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे। चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में नौ नवंबर को मतदान की घोषणा की है। चूंकि चुनाव नतीजे आने की तारीख 18 दिसंबर तय हो चुकी है इसलिए गुजरात में भी मतदान उससे पहले होना तय है।

गुजरात में कुल 182 विधान सभा सीटें हैं। गुजरात में 13 विधान सभा सीटें अनुसूचित जाति के लिए और 27 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।  कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। राहुल गांधी ओबीसी नवसृजन जनादेश महासम्मेलन में हिस्सा लिया।सोमवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी बीजेपी प्रदेश बोर्ड की बैठक में हिस्सा लेने के लिए गांधीनगर पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले एक महीने में कई बार गुजरात का दौरा कर चुके हैं।

गुजरात और हिमाचल प्रदेश दोनों राज्यों में सीधा मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है। गुजरात में कांग्रेस बीजेपी के हाथ से सत्ता की बागडोर छीनने की कोशिश करेगी तो हिमाचल प्रदेश उसे अपनी गद्दी बचानी होगी। हिमाचल प्रदेश के सीएम और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता वीरभद्र सिंह भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हैं। वहीं गुजरात में पाटीदार आरक्षण और दलित आंदोलन की वजह से विपक्ष दावा कर रहा है कि इस बार गुजरात से बीजेपी को हार का सामना करना पड़ सकता है। राज्य में पिछले 22 साल से लगातार बीजेपी का शासन है।

गुजरात में चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गयी है। पिछले दो दिनों में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल के दो साथी उनका साथ छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गये। वहीं नाटकीय घटनाकर्म में रविवार (22 अक्टूबर) को शाम को बीजेपी में शामिल हुए हार्दिक के एक साथ कुछ ही घंटे बाद पत्रकारों के सामने करीब 10 लाख रुपये लेकर हाजिर हुए और आरोप लगाया कि बीजेपी उन्हें एक करोड़ रुपये में खरीदना चाहती थी और ये पैसे उन्हें एडवांस मिले थे। सोमवार को कुछ हफ्ते पहले हार्दिक का साथ छोड़कर बीजेपी में गये निखिल सवानी ने भी बीजेपी पर वादा-खिलाफी का आरोप लगाते हुए उसका साथ छोड़ने की घोषणा की। इस साल फरवरी-मार्च में हुए उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। हालांकि बीजेपी नीत एनडीए ने उत्तर प्रदेश में दो-तिहाई बहुमत हासिल करके डेढ़ दशक बाद सूबे में सरकार बनायी थी।

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