'राम के नाम पर' 134 करोड़ खर्च करेंगे यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ

लखनऊ: यूपी की योगी सरकार की  अयोध्‍या में राम के नाम पर 134 करोड़ खर्व करने की तैयारी है. यह रकम उसे केंद्र सरकार से मिलेगी जिससे वो अयोध्‍या को सजाए-संवारेगी. खासकर भगवान राम के महल, राजा दशरथ के महल और राम की जल समाधि वाले घाट का जीर्णोद्धार किया जाएगा. इसके अलावा शहर और तीर्थ यात्रियों को लिए भी कई योजनाएं हैं. इनका ऐलान छोटी दिवाली के दिन मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ अयोध्‍या में करेंगे. अयोध्‍या में वो भगवान राम की अगवानी भी करेंगे. उस दिन अयोध्‍या में ऐसी दिवाली मनेगी जैसी त्रेता में राम के आने पर मनी होगी.


अयोध्‍या आने वाले लाखों तीर्थयात्री रामलला के मंदिर को जाते हैं, लेकिन उस गुप्तार घाट पर विरले ही जाते हैं जहां भगवान राम जल समाधि ली थी. अभी यहां 19वीं शताब्‍दी के शुरू में राजा दर्शन सिंह का बनवाया घाट है जिसके ऊपर एक विशाल सीता-राम मंदिर है. सरकार 37 करोड़ से ज्‍यादा खर्च कर इसे नए सिरे से बनाएगी लेकिन पुराने आर्किटेक्‍चर से.

इसी तरह कनक भवन और दशरथ महल का भी जीर्णोद्धार करीब 11.5 करोड़ की लागत से होगा. ऐसी मान्‍यता है कि कनक भवन में भगवान राम और दशरथ महल में उनके पिता राजा दशरथ खुद रहते थे.

सिर्फ राम ही नहीं, सरयू के किनारे लक्ष्‍मण घाट को भी करीब पौने दस करोड़ की लागत से फिर से बनाया जाएगा. छोटी दिवाली के दिन सरकार भगवान राम के अयोध्‍या आने के मौके पर सरयू के तट पर करीब दो लाख दीये जलाएगी. इसी तरह सरयू के पास ही राम की पैड़ी को करीब 12.5 करोड़ खर्च कर नए सिरे से बनाया जाएगा. राम की पैड़ी से अयोध्‍या की स्‍काईलाइन सबसे खूबसूरत दिखती है. यहां एक कतार में मंदिर हैं, उनके नीचे पक्‍के बने घाट और उसके नीचे बहती है सरयू नदी. यहां सारे मंदिरों को रोशनी से जगमगाने के लिए जमीन में ऐसी लाइट लागई जाएंगी जो पूरी इमारत को रोशन कर देगी.

अयोध्‍या में रामलला के मंदिर के बाद दूसरी सबसे ज्‍यादा धार्मिक महत्‍व की जगह है हनुमान गढ़ी मंदिर. इसकी सड़क 11 करोड़ की लागत से बनेगी और राम काठ गैलरी पर 6 करोड़ खर्च होंगे.

विपक्ष कहता है कि ये राम के लिए नहीं बल्कि राम के नाम से मिलने वाले राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है.

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