मायावती ने दो दलितों को पार्टी से किया सस्पेंड, नेता का दावा- 20 लाख रुपए नहीं देने पर निकाला

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने दो दलित नेताओं को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। निकाले गए नेताओं का नाम अशोक कुमार रावत और उनके भाई मनीष कुमार रावत है। अशोक कुमार पूर्व सांसद हैं और मनीष कुमार ने मिसरिख विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। बसपा के नेताओं का कहना है कि दोनों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए हटाया गया है। लेकिन मनीष कुमार ने दावा किया है कि मायावती ने उनसे बीस लाख रुपए मांगे थे। मनीष कुमार ने कहा, ‘मेरे पिताजी बिस्तर से उठ नहीं पा रहे। उनको सर्वाइकल है और बायपास सर्जरी करवानी है। मैंने मायवती को बोला कि मैं पैसे नहीं दे पाउंगा, शायद इसलिए ही मुझ को निकाल दिया गया। मैंने 15 साल पार्टी के लिए काम किया लेकिन अब उनके लिए मैं किसी काम का नहीं रहा।’

मनीष ने आगे कहा कि बसपा में पैसे मांगने की लिमिट तोड़ी जा रही हैं इसलिए लोग उसको छोड़ रहे हैं। मनीष ने कहा नेता जो कि अभी पार्टी में हैं वे नहीं बोलेंगे लेकिन वे भी तंग आ गए हैं। मनीष ने फिलहाल कोई पार्टी ज्वॉइन नहीं की है लेकिन अपने समर्थकों ने उन्होंने कह दिया है कि वह जल्द ही कोई फैसला लेंगे। उनके चाचा रामपाल वर्मा हरदोई के बालामऊ से भाजपा से विधायक हैं।

इससे पहले दलित नेता इंद्रजीत सरोज बसपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे। सरोज और रावत दोनों पासी जाति के हैं। यूपी में यह दूसरी सबसे बड़ी दलित जाति है। इसके आगे जाटव हैं। दोनों को बसपा का परंपरागत वोटर माना जाता है। पिछले छह महीनों में बसपा के 12 नेताओं ने या तो पार्टी छोड़ दी या फिर उनको निकाल दिया गया।

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