उप्र : सपा के 'गृह युद्ध' में सुल्तानपुर में अखिलेश का दबदबा

सुल्तानपुर: समाजवादी पार्टी (सपा) में मचे 'गृह युद्ध' में स्थानीय स्तर पर सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव जहां हाशिए पर पहुंच गए हैं, वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का दबदबा कायम है।

यहां दोनों खेमों के बीच हुए शक्ति प्रदर्शन में पदाधिकारियों ने शपथ पत्र के जरिए अखिलेश यादव में आस्था जताई है। एक महिला समेत दो सपा पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री में नहीं बल्कि मुलायम में आस्था जताई है।

सपा में मची रार की चिंगारी सुल्तानपुर जिले तक पहुंच चुकी है। अखिलेश और मुलायम के बीच मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। शक्ति प्रदर्शन के जरिए सपा सदस्य अपनी आस्था मुख्यमंत्री में जता रहे हैं। एक जनवरी को लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में हुए सपा के अधिवेशन मे पहुंचे जिले के सैकड़ों सपा सदस्यों ने अखिलेश यादव में आस्था जताई।

कार्रवाई रजिस्टर पर सैकड़ों पदाधिकारियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। मुलायम सिंह यादव का साथ छोड़कर जिले के लगभग सभी प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी मुख्यमंत्री के साथ हो गए हैं। इसका खुलासा तब हुआ, जब अखिलेश यादव के निर्देश पर अधिवेशन में समर्थन देने वाले एमएलए समेत पदाधिकारियों की सूची लेकर रात करीब आठ बजे विधायक अरुण वर्मा जिले के सपा कार्यालय पहुंचे।

यहां पर पहले से ही जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव के स्तर से पदाधिकारियों को बुलाया गया था। सूची मिलते ही पदाधिकारियों ने अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के समर्थन में शपथ पत्र दिया और कहा कि 'हम अपनी पूरी निष्ठा अखिलेश यादव में रखते है।' कल तक जो लोग मुलायम सिंह यादव के चौखट की परिक्रमा करते नहीं थकते थे, वे भी एकाएक साथ छोड़कर मुख्यमंत्री के खेमे में पहुंच गए हैं।

सपा सदस्य डॉ. सुरभि शुक्ला, उनके पति संदीप शुक्ला एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी शकील अहमद अभी भी मुलायम के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। बाकी सभी ने अखिलेश में आस्था जताई है।

इस बारे में जिला महासचिव मोहम्मद अहमद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिले के समस्त पदाधिकारियों ने अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर आस्था ही नहीं जताई है बल्कि बकायदे शपथ पत्र देकर वे अखिलेश के साथ खड़े हैं।

  • Agency: IANS
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