'धर्मांतरण', 'घर वापसी' माहौल खराब करने वाला : अधोक्षजानंद

इलाहाबाद : पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ ने शुक्रवार को कहा कि 'धर्मांतरण' व 'घर वापसी' कोई मुद्दा ही नहीं है, क्योंकि सनातन धर्म शास्वत है जो अनादि काल से चला आ रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर उठे विवाद को देश का माहौल खराब करने वाला बताया। तीर्थराज प्रयाग में संगम तट पर माघ मेले में उन्होंने शुक्रवार को कहा कि सनातन धर्म ही सृष्टि का आधार है और धरती का हर इंसान सनातनी है।

मेला स्थित अपने शिविर में कुछ पत्रकारों के साथ बातचीत में अधोक्षजानंद ने कहा कि सनातन धर्म धरती के हर व्यक्ति और जीव के कल्याण की बात करता है।

ज्ञात हो कि इस समय धर्मांतरण और घर वापसी के मुद्दे पर पूरे देश में बहस छिड़ी हुई है।

शंकराचार्य ने कहा कि धर्म के कुछ तथाकथित ठेकेदार अनायास ही देश का माहौल खराब करने में लगे हुए हैं, जो ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों के आने और जाने से सनातन धर्म पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

भाजपा सांसद साक्षी महाराज की चार बच्चे पैदा करने की अपील को स्वामी अधोक्षजानंद ने अज्ञानता का पर्याय बताया। उन्होंने कहा, "हमारे धर्मशास्त्रों में परिवार नियोजन का कोई उल्लेख नहीं है, लेकिन इंसान को समाजहित में सोचना चाहिए।"

शंकराचार्य ने केंद्र की भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए कहा, "लोकसभा चुनाव के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद उसमें से एक भी अब तक पूरा नहीं हुआ। न महंगाई कम हुई, न किसी को रोजगार मिला। गंगा की निर्मलता का प्रयास भी कागजी है।"

स्वामी अधोक्षजानंद ने कहा कि माघ मेले के दौरान 16 जनवरी से उनके शिविर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें असम, जम्मू एवं कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के राजनेता, समाजसेवी व बुद्घिजीवी भाग लेंगे।

स्वामी अधोक्षजानंद अपने शिष्यों के साथ इस समय माघ मेले में कल्पवास पर हैं। पूरे महीने उनके शिविर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न होंगे।

  • Agency: IANS
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