आगरा शोध छात्रा हत्याकांड की जांच सीबीआई के हवाले

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आगरा जिले में शोध छात्रा नेहा शर्मा हत्याकांड की विवेचना सीबीआई से कराए जाने की संस्तुति की है। (21:15) 

प्रमुख सचिव (गृह) आर.एम. श्रीवास्तव ने गुरुवार को बताया कि इस संबंध में आगरा जिले के थाना न्यू आगरा पर आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। श्रीवास्तव ने बताया कि इस मुकदमे की विवेचना सीबीआई से कराए जाने के संबंध में शासन द्वारा सचिव कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय भारत सरकार को पत्र भेजा गया है।

आगरा के प्रतिष्ठित दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) में पढ़ने वाली शोधछात्रा नेहा की संस्थान परिसर के अंदर ही हत्या कर दी गई थी। नेहा 15 अप्रैल को आरएस रेसीडेंसी स्थित अपने मकान नंबर 34 से इंस्टीट्यूट के लिए निकली थी। नेहा को अपने शोध के लिए लैब में काम था, लेकिन वह काफी देर तक घर नहीं लौटी। जब घरवालांे ने उसे फोन किया तो नेहा का फोन एक अनजान शख्स ने उठाया और कुछ देर बाद उसके घर लौटने की बात कही।

काफी वक्त गुजरने के बाद भी नेहा के घर नहीं पहुंचने पर घरवालों ने उसे दोबारा फोन किया तो नेहा का फोन रिसीव नहीं हुआ। इस पर परेशान घरवाले जब तुरंत डीईआई पहुंचे तो वहां लैब में ताला लटका मिला। अनहोनी के डर से नेहा के घरवालों ने जब इंस्टीट्यूट के लोगों के जरिए लैब का ताला खुलावाय तो वहां फर्श पर नेहा का शव पड़ा था।

इस हत्याकांड के बाद से ही दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट सुर्खियों में आ गया था और इंस्टीट्यूट की लैब के अंदर उसकी शोध छात्रा की हत्या कई सवालों को जन्म दे रही थी और डीईआई की ओर कई उंगलियां उठ रहीं थीं।

इस हत्याकांड में पुलिस ने जांच के दौरान डीईआई लैब का कोना-कोना छान मारा। उसे नेहा के शव के पास से कुछ बाल बरामद हुए जिनको फॉरेन्सिक जांच के लिए भेज दिया गया था। साथ ही मौके से फिंगर प्रिंट भी जुटाए गए थे। पुलिस ने इस मामले में डीईआई के प्रोफेसर और छात्रों सहित 500 से ज्यादा लोगों के फिंगर प्रिंट और बालों के नमूने भी लिए थे और आखिरकार गहरी जांच पड़ताल के बाद 13 लोगों के नमूने विशेष तौर से फॉरेन्सिक जांच के लिए भेजे थे।

इसके बाद डीईआई के प्रेसिडेंट का नाती और वहां के बीएससी ऑनर्स का छात्र उदय स्वरूप को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने अपने खुलासे में दावा किया था कि उदयस्वरूप ने नेहा से जोर-जबर्दस्ती करने की कोशिश की और विरोध करने पर उसकी नृशंस हत्या कर दी।

हवस में अंधे उदय स्वरूप ने लैब के ही उपकरणों से नेहा को बेदर्दी से मौत की नींद सुला दी और फिर उसकी गाड़ी खेलगांव के पास ले जाकर खड़ी कर दी। उदय स्वरूप के पास लैब की चाभी रखने की भी सच्चाई का खुलासा हुआ।

खास बात यह कि नेहा के कत्ल के बाद उदय स्वरूप ने इतमिनान से कार में ही उसका स्केच बनाया और उसे वहीं छोड़कर चला गया। उदयस्वरूप के गुनाहों को छिपाने में डीईआई के लैब टेक्निीशियन यशवीर संधू ने भी उसका साथ दिया था।

पुलिस ने फॉरेन्सिक रिपोर्ट के खुलासे के बाद उदयरूवरूप और यशवीर संधू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये मामला अभी तक जाने के लिए विवेचना के दौर में था, वहीं अब राज्य सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद इसकी पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद बढ़ गई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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