आगरा में होटलों पर छापे से पर्यटक परेशान

आगरा: ताज नगरी आगरा में अधिकारियों द्वारा सस्ते होटलों पर मारे जा रहे छापों से उनमें ठहरने वाले पर्यटक और होटल मालिक परेशान हो गए हैं। अधिकारी इन होटलों के कमरों में महिला साथियों के साथ शराब का लुत्फ उठाने वाले पर्यटकों को पकड़ने के लिए छापे मार रहे हैं।

होटल व्यवासायी और पर्यटक सवाल कर रहे हैं कि होटल के कमरों को सार्वजनिक या निजी स्थल के रूप में देखा जाना चाहिए।

गिरते राजस्व से चिंतित आबकारी विभाग के अधिकारी ए.के. वर्मा ने आदेश जारी किया है कि बिना वैध लाइसेंस के कोई भी होटल अपने परिसर में शराब पीने की अनुमति नहीं दे सकता है। जबकि होटल व्यवसाइयों का कहना है कि कानून एक व्यक्ति को शराब की तीन बोतलें रखने और निजी स्थलों पर उनके सेवन की अनुमति देता है।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले छापामार दल ने एक होटल के एक कमरे को जबरन खुलवा कर दो युवाओं को बियर पीते हुए पकड़ा था।

पर्यटन उद्योग के नेता राजीव तिवारी ने आईएएनएस को बताया, "सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से यह स्पष्ट है कि कि होटल का कमरा निजी स्थान है और किसी को भी मेहमानों की निजता में दखल देने का अधिकार नहीं है। सिर्फ तलाशी वारंट पर ही कमरा खुलवाया जा सकता है और मेहमानों से पूछताछ किया जा सकता है।"

"लेकिन यहां अधिकारी कह रहे हैं कि होटल का कमरा सार्वजनिक स्थल में सम्मिलित है।"

उन्होंने कहा कि पर्यटक आनंद के लिए आते हैं और वे अपने कमरे में जो चाहे करने के लिए स्वतंत्र हैं।

एक अन्य होटल व्यवसायी रवीन्द्र कुमार ने कहा कि अब होटलों के कमरों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा जाएगा।

स्थिति को भांपते हुए आगरा के प्रभागीय आयुक्त प्रदीप भटनागर ने अब छापे बंद करने के आदेश दिए हैं।

आगरा के होटल और रेस्तरां व्यवसायियों ने दो दिन पहले इस मुद्दे जिलाधिकारी जुहेर बिन सागिर से मुलाकात की। जिलाधिकारी सागिर ने उनकी शिकायत पर अमल करने का आश्वासन दिया, लेकिन वह चाहते हैं कि होटलों में निर्धारित मात्रा से अधिक शराब की खपत न हो।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

 

POPULAR ON IBN7.IN