यूपी पर्यटन प्रकाशन में आगरा गायब

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा प्रकाशित प्रकाशन में आगरा के ताजमहल का उल्लेख नहीं किए जाने से पर्यटन उद्योग के दिग्गजों में मायूसी छा गई है। उद्योग के दिग्गजों और विरासत संरक्षणविदों ने आगरा के इस मशहूर स्मारक के खिलाफ अन्याय करने का आरोप लगाया है।

आलोचकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की नजरों में 17वीं सदी का विश्व विरासत स्मारक ताज महल अब कोई महत्वपूर्ण आकर्षण नहीं रहा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ताज को मुगल बादशाह शाहजहां ने बनवाया था जो कि भारतीय संस्कृति और विरासत का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।

उनकी सरकार का ध्यान मथुरा-वृंदावन, वाराणसी, अयोध्या और दूसरे िंहदू धार्मिक स्थानों पर केंद्रित है।

एक प्रमुख होटल के मालिक ने कहा, "आगरा भारत का गर्व रहा है, और देश में पर्यटकों का शीर्ष आर्कषण का केंद्र रहा है।"

ब्रज मंडल विरासत संरक्षण सोसायटी के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने कहा, "अगर ताज महल भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करता तो कौन करता है? मुगल स्मारक हमारे लिए गर्व रहे हैं और हमारे इतिहास की एक मूल्यवान विरासत हैं।"

मुगल काल के इतिहासकार आर. नाथ ने पहले ही मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इतिहास के संतुलित और निष्पक्ष मूल्यांकन किए जाने के लिए आग्रह किया है।

इस बीच, राज्य सरकार ने गरीब समर्थक पर्यटन योजना के तहत आगरा और मथुरा में पर्यटन विकास के लिए 370 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की है।

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