ताजमहल में घायल उल्लू को बचाया गया

आगरा: वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने तजमहल के एक कोने में बंदरों के हमले से घायल मटमैले रंग के एक उल्लू के बच्चे को बचाया है। उल्लू का यह बच्चा दुर्लभ प्रजाति का है। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को बचाए गए इस उल्लू के बच्चे को उपचार के लिए आगरा के वन्यजीव अस्पताल वाइल्डलाइफ एसओएस में ले जाया गया है। एक बार जब वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाए तो उसे छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह अपने प्राकृतिक कोटर में लौट सके।

उसके कोटर की तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उसे उसके परिवार से मिलाया जा सके। इस पक्षी को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के कर्मियों ने जब सबसे पहले देखा, उस समय इसे बंदरों ने घेर रखा था और यह घायल अवस्था में बचने का प्रयास कर रहा था। 

वाइल्डलाइफ एसओएस के वरिष्ठ पशु चिकित्सक एस. इल्याराज ने कहा, "लगता है कि यह बच्चा अपने कोटर से गिर गया। अभी यह सदमे में है। हम इसकी तब तक निगरानी करेंगे, जब तक यह छोड़ने लायक नहीं हो जाता।" 

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, "वास्तव में यह बहुत अच्छी खबर है कि ताजमहल मटमैले उल्लू जैसे दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों का घर भी है। भारत में इस पक्षी को देखने वाले लोग खुद को बहुत भाग्यशाली समझते हैं।

उल्लू की यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण कानून 1972 के तहत संरक्षित है। 

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस। 

 

  • Agency: IANS