updated 2:17 PM CST, Jan 21, 2017

UP Polls 2017 : कांग्रेस-सपा में गठबंधन की बातचीत टूटी

Saturday, 21 January 2017 16:21

नई दिल्ली: उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में मिलकर चुनाव लड़ने को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर जारी बातचीत टूट गई है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में शीर्ष स्तर पर सीटों को लेकर बातचीत टूट गई है. माना जा रहा है कि अखिलेश यादव 100 सीटों से आगे बढ़ने को तैयार नहीं थे जबकि कांग्रेस 110 सीटें मांग रही थी.  कांग्रेस की तरफ से गुलाम नबी आजाद बातचीत कर रहे थे. सूत्रों के मुताबिक जब मुलायम सिंह से अखिलेश का झगड़ा चल रहा था और लग रहा था कि दोनों गुट अलग लड़ेंगे तब सपा 140 सीटें देने के लिए तैयार थी. बाद में सपा ने 121 सीटों की पेशकश की लेकिन आज की स्थिति में सपा 100 से अधिक सीटें देना चाहती है.  

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने कल कहा था कि कांग्रेस को 2012 के विधानसभा चुनाव में 54 सीटों पर समाजवादी पार्टी से ज्यादा वोट मिले थे. लिहाजा वे गंठबंधन में 54 सीटों को ही हकदार हैं. पार्टी ने उन्हें 25-30 सीटें और ज्यादा दे सकती है.

समाजवादी पार्टी का सिंबल अखिलेश को मिलने से उनकी पोजिशन बहुत मजबूत हुई है. उसके पहले ही पार्टी के ज्यादातर लोग उनके गुट में आ गए थे लेकिन सिंबल फ्रीज होने का डर था. और समझा जा रहा था कि ऐसी हालत में अखिलेश और मुलायम गुट अलग-अलग सिंबल पर आमने सामने चुनाव लड़ेंगे. ऐसे में मुस्लिम वोट के बंटवारे का अंदेशा था जिससे अखिलेश की हालत कमजोर थी. लेकिन अब पार्टी का नाम, सिंबल, झंडा सब अखिलेश के साथ है और मुलायम चुनाव आयोग में लड़ाई हारने के बाद अपने उम्मीदवार मैदान में उतारने का इरादा छोड़ चुके हैं. ऐसे में अखिलेश मजबूत हुए हैं और कांगेस से सख्त सौदेबाजी कर रहे हैं.

सपा के लिए मतदान कर अपना वोट बर्बाद न करें मुसलमान : मायावती

Saturday, 21 January 2017 14:29

 

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने शनिवार को मुसलमानों से अपील की कि वे सपा के लिए मतदान कर अपना वोट बर्बाद न करें और बसपा का समर्थन करें, ताकि भाजपा को हराया जा सके। मायावती ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र की नीति से लोग परेशान हैं और दादरी जैसी घटनाओं ने भाजपा की पोल खोल दी है।

सपा की निंदा करते हुए मायावती ने कहा कि बाप-बेटे तो अपनी ही राजनीति में फंसे हुए हैं। मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए अखिलेश और मुलायम ने टकराव का ड्रामा रचा।

सपा में मचे घमासान पर तंज कसते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि आखिर सपा को कांग्रेस के साथ की जरूरत क्यों पड़ गई? मयावती ने कहा कि अखिलेश के कार्यकाल में प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। उप्र में अब तक 500 दंगे हुए हैं। अखिलेश को अच्छे उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में लगता है अब अखिलेश ही कांग्रेस का चेहरा बनेंगे।

आरक्षण को लेकर भाजपा व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमला करते हुए मायावती ने कहा कि जनता इन्हें सबक सिखाएगी।

सपा छोड़ बसपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी

Saturday, 21 January 2017 12:18

 

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री व शिवपाल यादव के करीबी नेता अंबिका चौधरी ने शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) छोड़कर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का दामन थाम लिया। यहां मॉल एवेन्यू स्थित बसपा कार्यालय में चौधरी ने बसपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर उन्होंने मुलायम के परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दो महीने से सपा में जो नौटंकी चल रही थी, उसका उद्देश्य कुछ और था। उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती की मौजूदगी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। मायावती ने चौधरी को उनकी पसंद की सीट से टिकट देने की भी घोषणा की। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि अंबिका चौधरी के कद के हिसाब से बसपा में हमेशा उनका सम्मान किया जाएगा।

चौधरी ने कहा, "मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता के साथ पिछले दो महीने में जो किया वह अच्छा नहीं था। वहां यह सब नौटंकी के पीछे का उद्देश्य ही कुछ और था। हम बसपा में शामिल हो रहे हैं, ताकि उप्र में 2017 में सांप्रदायिक शक्तियों को सत्ता में आने से रोका जा सके।"

उन्होंने कहा कि वह मुलायम और शिवपाल यादव दोनों के करीब थे, लेकिन समाजवादी पार्टी में जो कुछ हुआ वह अच्छा नहीं था। समाजवादी अपनी राह से भटक गए हैं। अखिलेश की ओर इशारा करते हुए चौधरी ने कहा कि जब एक बेटा अपने पिता के साथ इस तरह का बर्ताव करता है तो इसके बाद और कुछ कहने को क्या बचता है?

उल्लेखनीय है कि अंबिका चौधरी पिछले विधानसभा चुनाव में बलिया की फेफना सीट से चुनाव लड़े थे। भाजपा प्रत्याशी उपेंद्र तिवारी ने उन्हें पराजित किया था। बताया जाता है कि इस बार अंबिका को अहसास हो गया था कि अखिलेश के पास सपा की कमान होने पर उनका टिकट कटेगा, लिहाजा समय रहते उन्होंने पाला बदल लिया।

सपा-कांग्रेस गठजोड़ का पेच फंसा, लखनऊ में आज मिल सकते हैं अखिलेश-आज़ाद

Saturday, 21 January 2017 09:19

नई दिल्‍ली/लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच गठजोड़ में पेंच फंस गया है. सपा के 209 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होते ही गठबंधन खटाई में पड़ता दिख रहा है. इन सीटों में सात ऐसी सीटें हैं, जहां पिछली बार कांग्रेस जीती थीं.

सपा कह रही है कि जिन सीटों पर पिछले चुनावों में वो पहले-दूसरे नंबर पर रही, उन पर उसका हक़ बनता है और कांग्रेस बस 54 सीटों की हक़दार है. हालांकि कहा ये भी जा रहा है कि अगर तालमेल हो जाए तो शायद ये सीटें कांग्रेस को वापस मिल जाएं. माना जा रहा है कि आज लखनऊ में गुलाम नबी आज़ाद और अखिलेश यादव की मुलाक़ात हो सकती है, उसके बाद ही गठबंधन के सस्पेंस से परदा उठेगा.

दरअसल, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना पर उस समय संदेह के बादल मंडराने लगे जब प्रदेश के सत्तारूढ़ दल ने 209 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की सूची घोषित कर दी. कांग्रेस ने सपा के इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.

सपा के उम्मीदवारों की सूची जारी करने के बाद उप्र के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता तथा राज्य प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने संकेत दिए कि चुनाव पूर्व गठबंधन की अब संभावना क्षीण है.

सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने लखनऊ में संवाददाताओं से कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य मकसद आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराना है. इसके लिए कांग्रेस से गठबंधन की कोशिश की गई, लेकिन उसकी तरफ से अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अगर भाजपा को परास्त होते देखना चाहती है तो उसे सपा के फार्मूले को मानना होगा. इस फार्मूले के तहत वर्ष 2012 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जिन सीटों पर पहले या दूसरे नंबर पर रही थी, और वे सीटें जिन पर सपा तीसरे, चौथे या पांचवें नंबर पर रही थी, वे कांग्रेस को दे दी जाएंगी.

नंदा ने कहा कि इस हिसाब से कांग्रेस को 54 सीटें ही मिलनी चाहिए, लेकिन अगर वह गंभीरता से बातचीत करे तो उसे 25-30 सीटें और दी जा सकती है. सपा कांग्रेस को अधिकतम 85 सीटें दे सकती है.

यह पूछे जाने पर कि क्या सपा द्वारा घोषित 191 सीटों में में कई वे सीटें हैं, जिन पर वर्ष 2012 के पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी जीते थे, उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन होगा तो कांग्रेस जहां जीती है, वह सीट उसे दे दी जाएंगी. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेठी और लखनऊ छावनी सीटें सपा अपने पर ही रखेगी.

कांग्रेस बोली सपा से गठबंधन होगा; राहुल गांधी ने की प्रियंका वाड्रा से मुलाकात

Saturday, 21 January 2017 09:05

नई दिल्ली: कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी द्वारा पिछले चुनाव में कांग्रेस की जीती हुई नौ सीटों पर भी अपने प्रत्याशी घोषित कर देने को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है, और कहा है कि इससे दोनों पार्टियों के बीच होने वाले गठबंधन पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं. पार्टी ने कहा है कि अब इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद बात करेंगे.

कांग्रेस प्रवक्ता अजय माकन ने कहा, "समाजवादी पार्टी से गठबंधन के बारे में मैं अब तभी कुछ कह पाऊंगा, जब गुलाम नबी आज़ाद की मुलाकात अखिलेश यादव से हो जाएगी... हम कह चुके हैं कि इस गठबंधन के बारे में अंतिम बातचीत अखिलेश यादव से हो चुकी है... अब भी हम उन्हीं से बात करेंगे... यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नौ मौजूदा विधायकों की सीटें भी ले ली जा रहा है... किसी भी समझौते का सम्मान करना चाहिए..."

अजय माकन की यह टिप्पणी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में हुई आपात बैठक के बाद आई है. आपात बैठक में कांग्रेस नेताओं ने गठबंधन की राह में आए पेंच को सुलझाने के लिए चर्चा की. गौरतलब है कि दोनों ही पार्टियां पिछले कई दिन से कहती आ रही हैं कि गठबंधन को अंतिम रूप दे दिया गया है. इसी बीच, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने आवास पर अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की, जबकि अन्य वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने अलग से बैठक की.

इस गठबंधन की कथा में यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एक नया मोड़ पैदा कर दिया, जब उन्होंने 191 सीटों के लिए समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी घोषित कर दिए, जिनमें से सात सीटें वे हैं, जिन पर इस समय कांग्रेसी विधायक हैं. कुछ समय बाद जारी की गई 18 प्रत्याशियों की एक अन्य लिस्ट में भी कांग्रेस द्वारा जीती हुए दो सीटें दर्ज थीं.

 

ज़ाहिर है, कांग्रेस गठबंधन के तहत उन सभी सीटों पर लड़ना चाहेगी, जिन पर पिछले विधानसभा चुनाव में उसके प्रत्याशी जीते थे, लेकिन सूत्रों के मुताबिक दोबारा मुख्यमंत्री बनने की कोशिश में जुटे अखिलेश यादव कांग्रेस पर दबाव बना रहे हैं, क्योंकि अगर वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव और फिर वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के नतीजों पर नज़र डालें, तो समाजवादी पार्टी के साथ आए बिना उत्तर प्रदेश में कांग्रेस मुकाबले में कहीं नहीं ठहरती.

अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का कहना है कि यूपी की कुल 403 सीटों में से वह 300 से भी अधिक सीटों पर अपने खुद के उम्मीदवारों को लड़ाना चाहती है. सपा नेता किरणमॉय नंदा ने शुक्रवार को ही कहा है कि कांग्रेस को सिर्फ 54 सीटें मिलनी चाहिए, और ज़्यादा से ज़्यादा 30-35 सीटें और. इस हिसाब से कांग्रेस को 80 से 85 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का मौका मिलेगा, जबकि उसकी मांग 100 सीटों की है.

कुछ दिन से उत्तर प्रदेश का महागठबंधन कहकर प्रचारित किए जा रहे गैर-भारतीय जनता पार्टी (गैर-बीजेपी) गठजोड़ के लिए पिछले 48 घंटे काफी मुश्किल भरे रहे हैं. इस गठबंधन को बनाने का विचार पिछले साल बिहार में बने महागठबंधन की तर्ज पर किया गया था, जिसने जीत हासिल की थी. विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाटों पर खासी पकड़ रखने वाले अजित सिंह और उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से अलग रहकर आगे बढ़ने का फैसला किया है, क्योंकि उन्हें भी उनकी इच्छा से कम सीटों पर लड़ने की पेशकश दी गई थी.

समाजवादी पार्टी ने पलटकर कहा है कि अजित सिंह के इस फैसले से कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि दरअसल अजित सिंह के साथ होने वाले गठबंधन से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समर्थकों के बीच सपा की छवि बिगड़ सकती थी, जो वर्ष 2013 में मुज़फ्फरनगर में हुए दंगों के बाद से जाटों के खिलाफ हैं.

बसपा आरएसएस को आरक्षण खत्म नहीं करने देगी : मायावती

Saturday, 21 January 2017 09:04

लखनऊ:  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भाजपा के मार्गदर्शक संगठन आरएसएस के प्रवक्ता व प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य द्वारा दलितों व अन्य पिछड़ों को मिलने वाला आरक्षण खत्म करने की वकालत की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि संविधान व देशहित में आरएसएस को अपनी गलत व जातिवादी मानसिकता बदलने की सख्त जरूरत है।

मायावती ने अपने बयान में कहा कि बसपा आरएसएस की आरक्षण संबंधी गैर-संवैधानिक सोच को कभी सफल नहीं होने देगी।

आरएसएस के प्रचार प्रमुख वैद्य ने जयपुर में जारी लिटरेचर फेस्टिवेल के दौरान आरक्षण को खत्म करने पर जोर दिया और कहा, "यह काम हमें ही करना है।"

मायावती ने कहा कि आरएसएस का आरक्षण विरोधी बयान व ²ष्टिकोण दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय है, क्योंकि केंद्र की भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आरएसएस के ही इशारों पर चलती है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि दलितों व पिछड़ों को मिलने वाले आरक्षण की संवैधानिक सुविधा निष्क्रिय व निष्प्रभावी बनाने के साथ-साथ इसे खत्म करने का प्रयास लगातार करती रहती है।

माया ने कहा कि आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने भी आरक्षण की समीक्षा की आड़ में इस संवैधानिक व्यवस्था को खत्म करने का प्रयास किया था, लेकिन देशभर में इसका जबरदस्त विरोध के कारण फिर उन्हें यह प्रयास रोकना पड़ा था। अब फिर इस मामले को छेड़ा गया है, जिसका खामियाजा भाजपा चुनाव में भुगतने को तैयार रहे।

उप्र : रालोद को चाहिए उपमुख्यमंत्री पद

Saturday, 21 January 2017 09:03

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के साथ राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के गठबंधन में पेच है। रालोद उपमुख्यमंत्री का पद चाहता है, जो सपा को मंजूर नहीं है। 

बहुजन विजय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव चंद्र ने कहा, "डिप्टी सीएम पद की मांग ने ही रालोद को महागठबंधन से दूर किया है।"

केशव ने कहा कि दरअसल, डिप्टी सीएम पद पर जयंत चौधरी की दावेदारी समाजवादी पार्टी को महंगी पड़ सकती है। वहीं सपा कांग्रेस के साथ गठबंधन को वर्तमान में अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मान रही है। उधर कांग्रेस को भी सपा की बैसाखी का सहारा है। ऐसी स्थिति में सपा डिप्टी सीएम के पद को विवादित करके इस गठबंधन को खटाई में नहीं डालना नहीं चाहती।

रालोद की तुलना में कांग्रेस से गठबंधन सपा के लिए फायदे का सौदा है। संख्या बल के हिसाब से रालोद के जहां 8 विधायक थे, वहीं कांग्रेस के 28 थे। इसके अलावा अजित सिंह और मुलायम के बीच शीतयुद्ध भी सदैव चलता रहा है।

कहा जाता है कि मुलायम सिंह चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक जमीन को हथिया करके ही 'धरती पुत्र' बने।

इन सारी स्थितियों पर यदि नजर डाली जाये तो मुलायम और अखिलेश में जो भी दिखावे के मतभेद हों लेकिन इस मुद्दे पर वो दोनों एक साथ होंगे कि अजीत सिंह का कदम बढ़ने न दिया जाये। यही कारण है कि सपा के लिए डिप्टी सीएम का पद काफी महत्वपूर्ण है। क्योंकि कांग्रेस इसीलिए सपा के पास आ रही है।

केशव चंद्र ने यह भी बताया कि बहुजन विजय पार्टी सहित समान विचारधारा की दसों पार्टियां अजित सिंह के रालोद से गठबंधन करने की योजना बना रही हैं।

उप्र : 2 असलहा कारखानों का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार

Saturday, 21 January 2017 09:04

बांदा:  उत्तर प्रदेश में बांदा जिले की तिंदवारी पुलिस ने शुक्रवार को अमलीकौर गांव छापामार कर दो असलहा कारखानों का भंडाफोड़ कर डेढ़ दर्जन असलहों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया। थानाध्यक्ष ए.के. सिंह ने बताया, "मुखबिर की सूचना पर अमलीकौर गांव में छापामार कर दो अवैध रूप से संचालित असलहा कारखानों का खुलासा किया गया है। इनसे डेढ़ दर्जन तमंचा और एक बंदूक के अलावा असलहा बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। अवैध असलहा बनाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, लेकिन लिखापढ़ी न होने पाने के कारण उनके नाम उजागर नहीं किए जा सकते।"

उप्र : 24 घंटों में 4,384 लीटर कच्ची शराब बरामद

Saturday, 21 January 2017 09:01

 

बांदा:  उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की पुलिस ने पिछले 24 घंटों में छापामारी कर 4,384 लीटर महुआ की कच्ची शराब बरामद की है। यह जानकारी देर शाम एसपी ने दी। पुलिस अधीक्षक श्रीपति मिश्र ने बताया, "मटौंध थानाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक और भूरागढ़ चौकी प्रभारी ने दोपहर बाद केन नदी किनारे बोधी पुरवा के खेतों में छापेमारी कर जमीन के नीचे गड़ी 28,00 लीटर महुए की कच्ची शराब के अलावा 125 कुंतल लाहन बरामद किया है। साथ ही भारी मात्रा में शराब बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं।"

उन्होंने बताया, "नगर कोतवाली पुलिस ने 415 लीटर कच्ची शराब बरामद की है। पिछले 24 घंटों में पुलिस जिलेकी पुलिस ने 4,384 लीटर कच्ची महुए की शराब और भारी मात्रा में लहन बरामद किया है। यहां शराब माफिया खेतों में शराब बनाने का गोरखधंधा कर रहे हैं, पूरी शराब जमीन के नीचे से बरामद की गई है।"

कार्यकर्ताओं के सम्मान की अनदेखी नहीं की जा सकती : राज बब्बर

Saturday, 21 January 2017 09:00

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित गठबंध को लेकर कांग्रेस के उत्तर प्रदेश कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि कार्यकर्ताओं के सम्मान की अनदेखी कर यूपी में सपा से गठबंधन नहीं होगा। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज बब्बर ने कहा, "हर पार्टी को अपने प्रत्याशियों की सूची जारी करने का अधिकार है। मैं भी फॉर्म बी पर साइन करने ही आया हूं।" उन्होंने सपा के साथ गठबंधन के बारे में जानकारी होने से इनकार किया।

समाजवादी पार्टी ने अपने 191 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है, जिसमें 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीती कई सीटों पर भी सपा ने प्रत्याशी उतार दिए हैं। इस सूची से राजनीतिक हलकों में कांग्रेस और सपा के गठबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

राज बब्बर ने कहा कि कांग्रेस समान विचारधारा के छोटे दलों जैसे पीस पार्टी और रालोद को भी तरजीह दिए जाने की पक्षधर है।

सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद किरणमय नंदा के इस बयान पर कि कांग्रेस केवल 54 सीटों की ही हकदार है, राज बब्बर ने कहा कि कांग्रेस जनता के प्यार की हकदार है।

समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट भी की जारी, अभी तक कुल 209 नाम घोषित

Friday, 20 January 2017 19:38

समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार शाम को यूपी विधानसभा के पांचवें चरण के चुनाव के लिए भी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 18 उम्मीदवारों के नाम शामिल किए गए हैं। इससे पहले सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार सुबह तीन 191 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। इस तरह से समाजवादी पार्टी ने अभी तक कुल 209 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी के गठबंधन पर भी संशय बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन की घोषणा की जानी थी, लेकिन अखिलेश ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करके संशय पैदा कर दिया है। ऐसे में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन पर सवाल उठने लगे हैं।

दूसरी लिस्ट में मिल्कीपुर से अवधेश प्रसाद, रुदौली से अब्बास अली जैदी, बीकापुर से आनंद सेन, अयोध्या से पवन पाण्डेय, गोसाईंगंज से अभय सिंह, कटेहरी से जयशंकर पाण्डेय, टांडा से अजीमुल हक़ पहलवान, जलालपुर से शंखलाल मांझी, अकबरपुर से राममूर्ति वर्मा, बलहा से वंशीधर बौद्ध, मटेरा से यासर शाह, बहराइच से रुआब सईदा, प्रयागपुर से मुकेश श्रीवास्तव, कैसरगंज से राकेश वर्मा, भींगा से इन्द्राणी वर्मा, श्रावस्ती से मो रमजान, तुलसीपुर से मो मसहूद खां, गैसड़ी से एसपी यादव और पुरवा से उदयराज यादव को उम्मीदवार बनाया गया है।

समाजवादी पार्टी ने अपनी पहली लिस्ट में उन आठ सीटों से भी अपने उम्मीदवारों खड़े किए हैं, जहां पर अभी कांग्रेस का कब्जा है। इनमें मथुरा, बिलासपुर, किदवई नगर, खुर्जा, स्याना, हापुड़, स्वार और शामली सीट शामिल हैं। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में गठबंधन को लेकर अभी भी चर्चा है। क्योंकि समाजवादी पार्टी ने अभी 403 सीटों में से 209 सीटों के लिए ही उम्मीदवार घोषित किए हैं।

वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमोय नंदा ने मीडिया से बात करते हुए था कि उनकी पार्टी अभी कांग्रेस की तरफ से सकारात्मक जवाब का इंतजार कर रही है। साथ ही कहा कि अगर कांग्रेस के साथ गठबंधन होता है तो उनकी पार्टी कांग्रेस के कब्जे वाली सीटों से अपने उम्मीदवारों के नाम वापस ले लेगी।

प्रतीक यादव की महंगी कार को बीजेपी ने बनाया निशाना, कहा 'लैंबोरगिनी पर सवार समाजवाद'

Friday, 20 January 2017 13:33

लखनऊ: पिछले हफ्ते की बात है जब मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव ने अपनी चमचमती नीली लैंबोरगिनी से मीडिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा था. उसी वक्त उनके पिता मुलायम और सौतेले भाई अखिलेश यादव के बीच समाजवादी पार्टी के नाम और उसके चुनाव चिह्न को लेकर खींचतान चल रही थी. मीडिया ने इसे एक तरफ साइकिल तो दूसरी तरफ 4 करोड़ की शानदार लैंबोरगिनी की तरह दिखाया. प्रीतक ने भी इस कार के साथ अपना एक फोटो इंस्टाग्राम पर शयेर किया जिसका कैप्शन था -  ब्लूबोल्ट

इस तस्वीर के सामने आने के कुछ दिन बाद गुरुवार रात को बीजेपी लेकर आया है 2 मिनट का वीडियो जो प्रतीक यादव के करोड़ी की संपत्ति पर उंगली उठा रहा है. वीडियो में यूपी के सबसे बड़े जिम जो सात हज़ार स्कॉयर फुट में फैला हुआ है, उसके मालिक प्रतीक यादव अपने लैंबोरगिनी के साथ दिखाई देते हैं. बीजेपी इस वीडियो को 'पांच करोड़ की लैंबोरगिनी पर सवार समाजवाद' के टाइटल से 'सजाती' है. वीडियो सवाल उठाता है कि प्रतीक यादव का सादगी भरे जीवन से कोई लेना देना नहीं है, हालांकि एक समाजवादी पिता के बेटे होने के नाते उनसे कुछ लोगों की यह अपेक्षा हो सकती है लेकिन यह ठीक है क्योंकि वह राजनीति में नहीं है.
 

 
वहीं समाजवादी पार्टी की जूही सिंह कहती हैं 'प्रतीक का अपना बिज़नेस है, वह सफल हैं और अगर वह अपनी कार लेना चाहते हैं और उनके पास इतने संसाधन हैं तो फिर पार्टी का इससे क्या लेना देना? अगर उनके परिवार से कोई राजनीति में शामिल होना चाहता है तो ये उनकी मर्ज़ी है. वह स्वतंत्र हैं और वह अपनी मनमर्ज़ी से अपने रहन सहन का तरीका चुन सकते हैं. पार्टी का इससे कोई लेना देना नहीं है.'

लेकिन फिर वीडियो में बीजेपी सवाल पूछती है कि अगर राजनीति से दूरी है तो फिर क्यों प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव चुनाव लड़ रही हैं. वीडियो में दो साल पहले का एक नज़ारा भी दिखाया गया है कि पहलवानी की ट्रेनिंग ले चुके मुलायम अपने बेटे के जिम का उद्घाटन कर रहे हैं.



बीजेपी के विजय बहादुर पाठक लैंबोरगिनी के मालिक के नाम पर तंज कसते हुए कहते हैं 'उत्तरप्रदेश तो भ्रष्टाचार का 'प्रतीक' है. यह जाहिर सी बात है कि यादव परिवार के करीबी सबसे बड़े भ्रष्टाचार के घोटालो में लिप्त हैं.' पाठक ने मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के 'मर्सिडीज़ प्रेम' की तरफ भी इशारा किया क्योंकि दोनों ही यादव दिल्ली समेत कई जगहों पर इसी कार में नज़र आते हैं. यहां तक की मुख्यमंत्री के चुनावी अभियान की शुरूआत भी मर्सिडीज़ बस से हुई थी जिसमें बैठकर अखिलेश को पूरे प्रदेश का दौरा करना था लेकिन फिर पिता के साथ उनके तनाव ने ज्यादा सुर्खियां बटोर लीं.

यूपी चुनाव: सपा के 191 उम्‍मीदवारों की सूची जारी, मुलायम की लिस्‍ट के 12 नाम कटे

Friday, 20 January 2017 12:34

लखनऊ: यूपी चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को अपने 191 उम्‍मीदवारों की सूची जारी कर दी. सूची में शिवपाल यादव और आजम खां के नाम शामिल हैं. हालांकि अहम यह है कि मुलायम सिंह यादव द्वारा अखिलेश को दी गई सूची में से 12 के नाम काट दिए गए हैं.

पार्टी ने राज्‍य चुनावों के पहले तीन दौर के यह लिस्‍ट जारी की है. शिवपाल यादव को उनकी परंपरागत जसवंत नगर सीट से टिकट दी गई है, जबकि आजम खां रामपुर से चुनाव लड़ेंगे. इनके साथ ही पार्टी ने आजम खां के बेटे अब्‍दुल्‍ला खान को स्‍वार सीट से टिकट दिया है. हालांकि बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा को सपा से टिकट नहीं मिला है.

मुजफ्फरनगर सीट से गौरव स्‍वरुप, कैराना से नाहिद हस और ब़ढाना से प्रमोद त्‍यागी को उम्‍मीदवार बनाया गया है. मेरठ के सरधना से अतुल प्रधान को टिकट मिला है, जबकि इसी सीट से बीजेपी की तरफ से चर्चित नेता संगीत सोम उम्‍मीदवार हैं.

गाजियाबाद की सभी सीटों पर पार्टी ने उम्‍मीदवार उतारे हैं, यानि गठबंधन होने पर कांग्रेस इस अहम क्षेत्र की किसी भी सीट पर चुनाव नहीं लड़ पाएगी.

उल्‍लेखनीय है कि साहिबाबाद सीट से बसपा विधायक अमरपाल शर्मा ने पार्टी छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया था अौर माना जा रहा था कि यह सीट कांग्रेस को मिलेगी, लेकिन सपा ने यहां अपना उम्‍मीदवार स्‍पष्‍ट कर दिया है कि उसका उम्‍मीदवार ही इस सीट से लड़ेगा. वहीं, गौतमबुद्ध नगर की नोएडा सीट सुनील चौधरी को मैदान में उतारा गया है. इस सीट पर बीजेपी की तरफ से गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह के चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि पंकज के साहिबाबाद सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं.

अलीगढ़ की अतरौली सीट से सपा ने वीरेश यादव को टिकट दिया है. परंपरागत रूप से यह सीट बीजेपी के दिग्‍ग्‍ज नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्‍यंत्री कल्‍याण सिंह का गढ़ मानी जाती रही है. बीजेपी ने कल्‍याण के पौत्र को इस सीट से मैदान में उतारा है.

वहीं, मथुरा की बलदेव सीट (सुरक्षित) से रणवीर सिंह धनगर को टिकट दिया गया है. इस सीट पर बीजेपी ने अपने राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता श्रीकांत शर्मा को टिकट दिया है. सहारनपुर की देवबंद सीट से माबिया अली को टिकट दिया गया है. अभी तक यह सीट कांग्रेस के पास थी.

हरदोई सीट से सपा के दिग्‍गज नेता नरेश अग्रवाल के पुत्र नितिन अग्रवाल को दोबारा से यहां का उम्‍मीदवार बनाया गया है. नितिन अखिलेश कैबिनेट में मंत्री भी हैं.

इसी तरह कानपुर कैंट से पार्टी ने हसन रोमी को टिकट दिया है. उल्‍लेखनीय है कि पहले शिवपाल की लिस्‍ट में इस सीट से बाहुबली नेता अतीक अहमद का नाम था, लेकिन अब यह स्‍पष्‍ट है कि सपा अतीक को टिकट नहीं देने जा रही है.

देखें... समाजवादी पार्टी के 191 उम्‍मीदवारों की पूरी लिस्‍ट
 

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उधर, सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन का फॉर्मूला लगभग तय हो गया है. आज इसकी घोषणा होने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक इसी कड़ी में आज कांग्रेस के प्रदेश अध्‍यक्ष राज बब्‍बर दिल्‍ली से लखनऊ पहुंच रहे हैं. इस बात की भी संभावना व्‍यक्‍त की जा रही है कि लखनऊ पहुंचने के बाद सपा के नए प्रदेश अध्‍यक्ष नरेश उत्‍तम के साथ शाम तक उनकी संयुक्‍त प्रेस कांफ्रेंस हो सकती है जिसमें औपचारिक रूप से गठबंधन का ऐलान किया जा सकता है.

उप्र चुनाव : दूसरे चरण के तहत नामांकन शुरू

Friday, 20 January 2017 12:30

 

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण की अधिसूचना शुक्रवार को जारी की गई। इसके साथ ही राज्य के 11 जिलों की 67 सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन सीटों पर 15 फरवरी को मतदान होगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी. वेंकटेश ने बताया कि दूसरे चरण के तहत प्रत्याशी 27 जनवरी तक अपना नामांकन कर सकेंगे। नामांकन-पत्रों की जांच 28 जनवरी को की जाएगी। 30 जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।

टी. वेंकटेश ने बताया कि दूसरे चरण के तहत सहारनपुर की बेहट, नकुर, सहारनपुर नगर, सहारनपुर, देवबंद, रामपुर मनिहारन, गंगोह तथा बिजनौर जिले की नजीबाबाद, नगीना, बरहापुर, धामपुर, नेहतौर, बिजनौर, चांदपुर, नूरपुर में मतदान होगा।

मुरादाबाद की कांठ, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद रूरल, मुरादाबाद नगर, कुंडरकी, बिलारी और संभल जिले की चंदौसी, असमोली, संभल, गुन्नौर में दूसरे चरण के तहत मतदान संपन्न होगा।

रामपुर जिले की स्वार, चमरउवा, बिलासपुर, रामपुर, मिलक और बरेली जिले की बहेड़ी, मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, फरीदपुर, भिठारी चौनपुर, बरेली, बरेली कैंट में मतदान होगा।

उन्होंने बताया कि दूसरे चरण के तहत अमरोहा जिले की धनौरा, नौगावां सादत, अमरोहा, हसनपुर, पीलीभीत जिले की पीलीभीत, बरखेड़ा, पूरनपुर, बिसालपुर, खीरी जिले की पलिया, निघासन, गोला गोकर्णनाथ, श्रीनगर, धौरहरा, लखीमपुर, कास्ता, मोहम्मदी तथा शाहजहांपुर की कटरा, जलालाबाद, तिलहर, पुवायां, शाहजहांपुर, ददरौल विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा।

बदायूं जिले की बिसौली, सहसवां, बिलसी, बदायूं, शेखूपुर, दातागंज में भी दूसरे चरण के तहत मतदान होगा।

रुपये के विवाद में पिता और भाभी को फावड़े से काट डाला

Friday, 20 January 2017 10:13

 

बांदा:  उत्तर प्रदेश में बांदा जिले के मर्का थाना क्षेत्र के मउ गांव में गुरुवार की देर शाम आटा चक्की बेचने के रुपये को लेकर हुए विवाद में एक युवक ने अपने पिता और भाभी की फावड़े से काट कर हत्या कर दी। थानाध्यक्ष मर्का वी.के. मिश्र ने बताया, "सालिगराम (70) ने अपनी पुरानी आटा चक्की हाल ही में बेची थी, उसका छोटा बेटा महेन्द्र सिंह इस रकम में अपना हिस्सा जता रहा था। इसी को लेकर पिता-पुत्र में गुरुवार देर शाम विवाद हुआ और महेन्द्र ने पिता पर फावड़े से कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ससुर को बचाने गई हमलावर की भाभी सरोज (40) पत्नी ज्ञान सिंह पर भी कई वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।"

थानाध्यक्ष ने बताया, "ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल सरोज को उपचार के लिए बबेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जा रही थी, अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। हमलावर महेन्द्र फरार हो गया है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है।"

जीआरपी सिपाही पर महिला से दुष्कर्म का आरोप

Friday, 20 January 2017 10:11

झांसी:  उत्तर प्रदेश के जनपद झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में जीआरपी सिपाही द्वारा घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। सिपाही महिला को शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग निकला। इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाही शुरू कर दी है। 

जनपद के प्रेमनगर थानांतर्गत रानीलक्ष्मी नगर में एक महिला अपने घर मे रहती है। महिला के अनुसार, तीन महीने पहले जब वह अपने घर थी, उसी दौरान मानिकपुर जीआरपी में तैनात सिपाही शफीक झांसी आकर उसके घर में घुस गया। इसके बाद जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी देकर भाग गया।

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।

स्मृति ईरानी की शिक्षा डिग्री में दाल में जरूर काला : मायावती

Friday, 20 January 2017 10:08

लखनऊ:  बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा दिल्ली यूनिवर्सिटी को अपनी शिक्षा डिग्री संबंधी जानकारियों को सार्वजनिक नहीं करने देने की निंदा की है। माया ने कहा है कि उनकी डिग्री के विवादों के बाद यह केन्द्रीय मंत्री की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे अपनी डिग्री से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करें।

मायावती ने एक बयान में कहा कि केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा दिल्ली यूनिवर्सिटी को उनकी डिग्री संबंधी जानकारी सार्वजनिक करने के लिए मना करना इस आशंका को बल देता है कि दाल में जरूर काला है, वरना केन्द्रीय सूचना आयोग (सी.आई.सी.) के निर्देश के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निग (एस.ओ.एल.) को स्मृति ईरानी की डिग्री संबंधी जानकारी अवश्य ही सार्वजनिक कर देनी चाहिए थी।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की डिग्री का मामला तबसे विवादों में रहा है जब वे केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री के पद पर आसीन थीं तथा उन्होंने सन 2004, 2011 व सन 2014 के चुनावों के दौरान अपने हलफनामों में अपनी शिक्षा के संबंध में अलग-अलग जानकारियां दी थीं।

सपा के महागठबंधन रालोद नहीं : नंदा

Friday, 20 January 2017 10:08

लखनऊ:  समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन होगा, लेकिन रालोद के साथ किसी प्रकार का गठबंधन नही किया जाएगा। यह कहना है पूर्व सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव द्वारा पार्टी से निकाले गए सपा नेता किरणमय नंदा का। 

उन्होंने कहा कि रालोद के साथ आगामी चुनाव तहत किसी प्रकार का कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 300 सीटों से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बाकी बची अन्य सीटों पर कांग्रेस अपने प्रत्याशी उतारेगी।

सूत्रों के अनुसार रालोद गठबंधन में कम से कम 35 से 50 सीटें चाह रही है, लेकिन उसे सिर्फ 20 ही देने की बात सामने आ रही है। लेकिन रालोद मानने को तैयार नहीं है। जिसके चलते समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने उसे नजरअंदाज कर दिया गया है।

उधर रालोद का तर्क है कि वर्ष 2012 में कांग्रेस से गठबंधन पर 45 सीटों पर चुनाव लड़े, जिसमें नौ सीटों पर जीते और 12 पर दूसरे नंबर पर रहे। रालोद ने वर्ष 2012 में मथुरा में तीन, अलीगढ़ में तीन, गाजियाबाद, बागपत व मुजफ्फरनगर में एक-एक सीटें जीती थीं। इसलिए इन 21 सीटों के साथ कुछ और सीटें चाहिए।

उधर रालोद प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद का कहना है कि उनकी तैयारी 403 सीटें की है, क्योंकि अब चुनाव में अधिक समय नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के बारे में पार्टी के नेताओं से किसी ने कोई वार्ता नहीं की है। उन्होंने कहा कि रालोद को सीटें लेने देने की जो बातें मीडिया में आ रही है। वह सपा द्वारा गठबंधन की शिगुफेबाजी भर है।

बाहुबली अतीक ने चुनाव लड़ने से किया इंकार

Friday, 20 January 2017 10:03

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के पूर्व मुखिया मुलायम सिंह यादव के गुट की ओर से कानपुर की कैंट विधानसभा सीट से घोषित किए गए सपा उम्मीदवार बाहुबली अतीक अहमद ने चुनाव लड़ने से खुद ही इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि वह अखिलेश की बेदाग छवि को बरकरार रखना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि वह चुनाव लड़ेंगे नहीं, लेकिन चुनाव लड़वाएंगे।

राजधानी के एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में अतीक अहमद ने कहा कि वह अखिलेश यादव को बेदाग देखना चाहते हैं इसलिए चुनाव नहीं लड़ेंगे। अतीक ने कहा, "अगर अखिलेश यादव मुझे टिकट देते हैं तो आप उन पर ऊंगली उठाएंगे, जो मैं नहीं चाहता हूं। इसलिए अगर मुख्यमंत्री मुझे टिकट देते भी हैं तो मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा। अतीक ने कहा कि अगर मीडिया मेरे बारे में बाहुबली होने और टिकट काटने की खबर चला रही है, लेकिन क्या मीडिया को भाजपा उम्मीदवार संगीत सोम जैसे नेता नहीं दिख रहे हैं।"

अतीक अहमद ने कहा कि मीडिया मुझे बाहुबली कह रही है लेकिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य पर मेरे से भी ज्यादा केस हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर भी केस दर्ज हैं लेकिन मुकदमे दर्ज होने पर सिर्फ अतीक को ही बदनाम क्यों किया जा रहा है।

बता दें कि मुलायम गुट ने अतीक को कानपुर कैंट से टिकट दिया था लेकिन अखिलेश गुट की लिस्ट में कानपुर कैंट सीट खाली छोड़ दी थी।

उप्र में 6.89 लाख हैं 'दिव्यांग मतदाता'

Friday, 20 January 2017 10:03

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश में कुल 6 लाख 89 हजार 29 दिव्यांग मतदाता चिन्हित किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 26,771 दिव्यांग आजमगढ़ में तथा सबसे कम 692 दिव्यांग मतदाता जनपद बलरामपुर मंे चिन्हित किए गए हैं।

सूबे के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने टी. वेंकटेश ने बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हंै कि जहां तक संभव हो दिव्यांग मतदाताओं के सभी मतदेय स्थल भूतल पर ही बनाए जाएं ताकि दिव्यांग मतदाताओं को मतदान स्थ्ल पर पहुंचने में कोई कठिनाई न हो। उन्होंने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए रैम्प/व्हील चेयर आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

टी. वेंकटेश ने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं को एक विशेष प्रकार के पास जारी किए जाएंगे जिससे वे मतदान स्थल पर आसानी से पहुंच सकें। उन्हांेने बताया दृष्टिहीन और अशक्त मतदाताओं को मतदान करने के लिए मतदान प्रकोष्ठ तक एक वयस्क साथी ले जाने कि अनुमति होगी।

उन्हांेने बताया कि अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण के दौरान यह जानकारी दी जाए कि वे दिव्यांग मतदाताओं कि विशेष आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील बने रहें। उन्होंने निर्देश दिए हंै कि बूथों पर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि दिव्यांग मतदाता बिना किसी रुकावट के अपना मत दे सकें। उन्हांेने बताया कि अधिकारियांे को निर्देश दिए गए हैं कि मतदान स्थल पर दिव्यांग मतदाताओं के प्रवेश मंे प्राथमिकता दी जाए तथा मतदान स्थल के पास ही उनके वाहनांे की पार्किं ग के लिए एक निश्चित स्थान उपलब्ध कराया जाए।

सपा की इच्छा- गठबंधन का ऐलान करने लखनऊ आएं राहुल गांधी

Friday, 20 January 2017 09:53

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच अब तक सीट बंटवारे का ही मुद्दा नहीं सुलझा है कि दोनों पार्टियों के सामने एक नया मुद्दा खड़ा हो गया है। यह मुद्दा है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ दिल्ली में मंच शेयर करेंगे या दिल्ली में। सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी चाहती है कि अखिलेश के साथ राहुल गांधी गठबंधन का एेलान लखनऊ से करें, जबकि कांग्रेस आलाकमान इसकी घोषणा दिल्ली से चाहती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि अखिलेश ने संकेत दिया है कि अगर राहुल इवेंट में नहीं आते तो वह भी गठबंधन का एेलान करने के लिए नहीं आएंगे।

सूत्रों के मुताबिक अगर एेसा होता है तो कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, राजबब्बर और समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ही गठबंधन का एेलान कर देंगे या फिर दोनों अपने-अपने उम्मीदवारों की अलग सूचियों का एेलान करेंगे।
यूं तो 73 सीटों वाले पश्चिमी उत्तरप्रदेश में पहले चरण के चुनाव के लिए उम्मीदवारी पत्र दाखिल करने के लिए सिर्फ 5 दिन शेष हैं, लेकिन अब तक दोनों पार्टियों की ओर से गठबंधन के एेलान के लिए किसी बड़े आयोजन का संकेत दिखाई नहीं पड़ रहा। पार्टी नेताओं ने कहा कि संयुक्त आयोजन के लिए फिलहाल तारीख, वक्त और जगह का फैसला नहीं हो पाया है। पार्टी के प्रवक्ता सत्यदेव त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमिटी की बैठक दिल्ली में उम्मीदवारों के आखिरी चयन के लिए हो रही है। उनके मुताबिक 21 जनवरी को दिल्ली से इसकी घोषणा की जा सकती है।

बता दें कि अखिलेश अब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उन्होंने सपा से निकाले गए अपने विश्वासपात्रों, जिनमें 5 एमएलसी भी शामिल थे का निष्काषन रद्द कर दिया है। उन्हें उत्तर प्रदेश के पूर्व सपा अध्यक्ष और अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव ने निकाला था। इससे पहले अखिलेश और मुलायम सिंह यादव के बीच साइकिल के चुनावी निशान को लेकर भी घमासान हुआ था। दोनों गुटों ने अपना-अपना पक्ष चुनाव आयोग के सामने रखा था। लेकिन चुनाव आयोग ने अखिलेश यादव के गुट को साइकिल का निशान दिया था।

बुंदेलखंड : माया को अपनी ही कौम पर भरोसा!

Thursday, 19 January 2017 21:23

 

बांदा:  उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड की 19 में से 5 अनुसूचित जातियों के लिए सुरक्षित विधानसभा सीटों पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने 'अपनी ही कौम' से ताल्लुक रखने वाले सभी उम्मीदवार उतारे हैं, इससे अन्य अनुसूचित जातियों में काफी रोष है।

गुस्साए लोगों का कहना है कि मायावती को अन्य अनुसूचितों पर भरोसा नहीं रहा, इसलिए टिकट वितरण में अपनी ही कौम को उन्होंने तवज्जो दिया है।

उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड अंचल के सात जनपदों- बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी और ललितपुर में विधानसभा की उन्नीस सीटें हैं, इनमें पांच बांदा की नरैनी, हमीरपुर की राठ, जालौन की उरई सदर, ललितपुर की महरौनी और झांसी की मऊरानीपुर सीट अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

बसपा ने 2012 के चुनाव में भी इन सीटों पर अनुसूचित जाति की एक विशेष बिरादरी के नेताओं पर दांव लगाया था, जिस वजह से बांदा की नरैनी से गयाचरण दिनकर और ललितपुर की महरौनी से फेरनलाल अहिरवार की जीत के अलावा तीन सीटों में उसे हार का मुंह देखना पड़ा था। साथ ही अनारक्षित सीटों पर भी इसका असर हुआ और सामान्य 14 में से सिर्फ पांच सीटें (कुल सात) ही उसके खाते में जा पाई थीं।

इस बार के चुनाव में भी बसपा ने इन आरक्षित सीटों में अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाली एक विशेष कौम (जाटव) से बांदा की नरैनी सीट पर गयाचरण दिनकर, हमीरपुर से अनिल अहिरवार, जालौन से अजय सिंह, झांसी की मऊरानीपुर से प्रागीलाल अहिरवार और ललितपुर की महरौनी से फेरनलाल अहिरवार (सभी जाटव) को चुनाव मैदान में उतारा है। यहां की सभी 19 सीटों में जाटव के अलावा कोरी, खटिक, मेहतर, कुछबंधिया, धोबी, पासी, बहेलिया, भाट आदि कई अनुसूचित जाति के मतदाता बहुसंख्यक हैं, लेकिन बसपा ने किसी पर भरोसा नहीं जताया। ऐसा भी नहीं कि बसपा में अन्य कौम के नेता नहीं हंै।

करीब 15 साल से बसपा संगठन के कई ओहदों में काम कर रहे नरैनी के हरीराम कबीरबेदी का कहना है, "बसपा संस्थापक कांशीराम का वह नारा 'जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' का अब कोई मतलब नहीं रहा। अनुसूचित जाति की अन्य कौमें बसपा में सिर्फ दरी बिछाने और कुर्सी उठाने के लिए पूछी जाती है, चुनाव लड़ाने में उनसे परहेज किया जा रहा है।"

वह कहते हैं कि बराबर की राजनैतिक हिस्सेदारी न मिलने पर ही अनुसूचित वर्ग में शामिल हजारों मतदाता पिछले चुनाव में तितर-बितर हो गए और बसपा का गढ़ होने के बाद भी 12 सीटों पर अन्य दलों के उममीदवार चुनाव जीत गए।

नरैनी विधायक और उप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गयाचरण दिनकर के कभी दायां हाथ माने जा रहे उन्हीं के गांव गौरीखानपुर के वाशिंदे बंशगोपाल निर्मल (कोरी) का कहना है कि अनुसूचित जाति की अन्य कौमों के लिए बसपा भी अन्य दलों से पीछे नहीं है। कांशीराम के जमाने में बसपा एक मिशन थी, अब सिर्फ राजनैतिक दल है जो अन्य दलों की भांति दलितों को गुमराह कर सत्ता के शीर्ष तक पहुंचना चाह रही है।

उन्होंने कहा, "मायावती को चाहिए था कि प्रदेश की सभी सुरक्षित 85 सीटों पर अन्य दलितों को ही चुनाव लड़ातीं, क्योंकि वह खुद मुख्यमंत्री पद की दावेदार हैं, लेकिन उन्हें अन्य दलितों पर भरोसा नहीं रहा।"

उप्र : एटा सड़क हादसे में 12 बच्चों की मौत, स्कूल की मान्यता रद्द

Thursday, 19 January 2017 19:35

 

लखनऊ /एटा:  उत्तर प्रदेश के एटा जिले में गुरुवार तड़के घने कोहरे में एक निजी स्कूल बस और रेत भरे ट्रक की सीधी टक्कर में कम से कम 12 बच्चों सहित 13 लोगों की मौत हो गई और 35 घायल हो गए। स्कूल बस चला रहे ड्राइवर की भी मौत हो गई। जिलाधिकारी ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज करने और निजी स्कूल की मान्यता रद्द करने के आदेश दिए हैं। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ ) के पुलिस महानिरीक्षक राम कुमार ने निजी स्कूल की मान्यता रद्द किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस महानिदेशक की तरफ से 15 छात्रों की मौत के बारे में जो ट्वीट किया गया था, वह त्वरित जानकारी पर आधारित था।

राम कुमार ने बताया कि इस हादसे में 12 स्कूली बच्चों के अलावा ड्राइवर की भी मौत हुई है। एटा जिले के अलीगंज थाने के अंतर्गत जे. एस. विद्या निकेतन पब्लिक स्कूल की बस सुबह 8 बजे बच्चों को स्कूल पहुंचाने जा रही थी। प्रदेश सरकार ने ठंड बढ़ने के मद्देनजर 20 जनवरी तक सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया था, लेकिन प्राइवेट स्कूल वाले मनमानी करते हैं।

उन्होंने बताया कि अलीगंज-दरियाब मार्ग पर असदपुर गांव के पास सामने से आ रहे ट्रक ने बस को करीब 8़ 30 बजे टक्कर मार दी, जिससे बस पलट गई। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि मृतकों में हिमांशु, विकास, लविश, सनी, अनुज, शिवानी, किशन, पंकज, राधिका, निक्की, दीक्षा और ऋषभ शामिल हैं। इस हादसे में स्कूल बस के चालक आकाश की भी मौत हो गई। घायल और मृत बच्चों में लोअर केजी से कक्षा 8वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राएं हैं।

पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि एटा के जिलाधिकारी द्वारा शीतलहर की वजह से 18 से 20 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया था, बावजूद इसके स्कूल संचालक सुधीर कुमार व अजीत कुमार व प्रधानाचार्य गोविंद श्रीवास्तव ने आदेश की अवहेलना की।

राम कुमार ने बताया कि इस घटना के संबंध में राजाकारामपुर थाने में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमाकांत वर्मा व खंड विकास अधिकारी श्रीकांत पटेल की तहरीर पर स्कूल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

विश्वस्त पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हालांकि एटा में हुए हादसे में मृतकों की संख्या 20 बताई जा रही है। कई समाचार चैनलों पर संख्या 25 बताई जा रही है।

इस हादसे के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "मुझे इस दुर्घटना को लेकर काफी पीड़ा है। छोटे बच्चों की मौत का मुझे बहुत दुख है। इस हादसे में अपने बच्चों को गंवा देने वाले परिवारों के प्रति मेरी पूरी संवेदना है।"

मोदी ने आगे लिखा, "दुर्घटना में घायल और गंभीर रूप से घायल बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की मैं ईश्वर से प्रार्थना कर रहा हूं।"

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट कर इस हादसे पर दुख जताया।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस स्कूली बस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने बच्चों के मुफ्त उपचार के आदेश दिए और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर तुरंत पहुंचने का निर्देश दिया।

3.5 लाख रुपये की नकली शराब के साथ 3 भाई गिरफ्तार

Thursday, 19 January 2017 19:00

 

जौनपुर:  उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले की पुलिस ने सिकरारा थाना क्षेत्र के एक गांव में गश्त के दौरान छापा मारकर साढ़े तीन लाख रुपये की नकली शराब के साथ तीन सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना ने गुरुवार को बताया, "सिकरारा थाना क्षेत्र की पुलिस ने बुधवार की देर शाम गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर रामसहाय पट्टी गांव के एक घर में छापा मार कर तीन सगे भाई अजय मिश्रा, राजेश मिश्रा और शैलेन्द्र मिश्रा को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर 35 पेटी नकली देशी शराब, 100 पत्ता रैपर, 2000 लीटर स्प्रिट, नकली शराब बनाने वाली सामाग्री में कैमिकल, 5100 खाली शीशी, छह हजार शीशी के नए ढक्कन, एक हजार होलोग्राम, पैड पेपर, 20 किलोग्राम यूरिया खाद और शीशी सील करने वाली मशीन बरामद की है। बरामद की गई नकली शराब की कीमत बाजार में साढ़े तीन लाख रुपये है।"

एसपी ने बताया, "तीनों भाइयों को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद वहां से जेल भेज दिया गया है।"

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