प्यार में रोड़ा बन रहे पति को पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर उतारा मौत के घाट

Sunday, 26 February 2017 21:23

लखनऊ के मड़ियाव थानाक्षेत्र में विवाह के रिश्तों का खून करते हुए एक विवाहिता ने अपने प्रेमी संग मिलकर अपने पति की निर्मम हत्या कर दी। फिर शव को घर के सामने ही सेप्टिक टैंक में डाल दिया। पुलिस ने आरोपी विवाहिता को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, मड़ियाव थानाक्षेत्र स्थित रामलीला मैदान के पास हरिओम नगर मोहल्ला निवासी शिवा सक्सेना उर्फ शैलू (30) अपनी पत्नी मधु के साथ रहता था। चार माह से शैलू गायब था। वहीं उसकी पत्नी मधु उसका घर छोड़कर अपने प्रेमी नीरज के साथ किराए के मकान में रहने लगी। उधर, बेटे के नहीं मिलने और बहू के घर छोड़ने पर परिजनों को शक हुआ, जिस पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

जांच में जुटी पुलिस ने मधु को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले वह आनाकानी करती रही, लेकिन सख्ती से पूछने पर उसने सारा सच बयान कर दिया, जिसकी निशानदेही पर मडियांव पुलिस ने घर के सामने बने सेप्टिक टैंक से शैलू के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

थाना प्रभारी मड़ियांव नागेश मिश्रा ने बताया कि प्रेम प्रसंग में मधु ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति शिवा उर्फ शैलू की चार माह पहले की हत्या कर दी। फिर शैलू का शव मधु ने प्रेमी के साथ मिलकर घर के सामने ही सेप्टिक टैंक में डाल दिया था। हत्या के बाद मधु अपना घर छोड़ एक किराए के मकान में रहने लगी थी। आरोपी पत्नी का कहना है कि उसकी शादी जबर्दस्ती की गई थी। वह शैलू से प्रेम नहीं करती थी। वह उसके प्रेम में रोड़ा था, इसलिए उसे रास्ते से हटा दिया। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। वहीं प्रेमी की तलाश की जा रही है।

गौरतलब है कि पंजाब के भठिंडा में अवैध संबंधों की वजह से एक एयरफोर्स कर्मी की हत्या का मामला सामने आया था। सेना के जवान का वायुसेना के ही एक सार्जेंट की पत्नी से अवैध संबंध था, जिसके बाद उस अफसर ने अपने साले और पत्नी के साथ मिलकर उसकी एक धारदार हथियार से बेहरमी से हत्या कर दी और शव को अलमारी और फ्रिज में 16 अलग-अलग बैगों में छिपा दिया था।

अखिलेश यादव बोले- कौन कहता है बिजली नहीं आती

Sunday, 26 February 2017 21:17

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर निशाना साधा है। अखिलेश ने कहा,’वो कहते हैं कि गोरखपुर में बिजली नहीं आती, मैं कहता हूं कि वहां का कोई बिजली का तार पकड़ कर दिखा दें बिजली आती है या नहीं।’ बता दें, भारतीय जनता पार्टी अखिलेश सरकार पर इस बात को लेकर निशाना साध रही है कि प्रदेश में बिजली नहीं आती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे को उठाया था। पीएम ने कहा था कि प्रदेश में ईद पर बिजली आती है तो दिवाली पर भी आनी चाहिए। होली पर बिजली आती है तो रमजान में भी बिजली आनी चाहिए।

साथ ही अखिलेश यादव ने कहा, ‘समाजवादियों ने बिना किसी भेदभाव के विकास किया है। मैं इस पर बहस करने के लिए तैयार हूं। देश के किसान सोच रहे हैं कि यूपी के बहाने उनका कर्ज माफ हो जाए। कहीं यूपी के किसान से वोट लेने के लिए आपने इनसे ये बात को नहीं की? आपने मन की बात की लेकिन यूपी की जनता इंतजार कर रही है कि आप कब काम की बात करेंगे।’

इसके अलावा अखिलेश यादव ने रविवार को महाराजगंज में रैली को संबोधित करते हुए काशी में बिजली नहीं आने के आरोप पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी कि अगर काशी में 24 घंटे बिजली नहीं आ रही तो मोदी गंगा मैया की कसम खाकर ये बात कहें। अखिलेश ने चुनावी जनसभा में कहा, ‘हमने जितनी बिजली रमजान पर दी, उससे अधिक दीवाली पर दी और क्रिसमस पर भी दी, जब किसी से सच बुलवाना होता है तो कहते हैं कि खाओ गंगा मैया की कसम। वाराणसी से चुनाव लड़ते समय पीएम ने कहा था कि गंगा मैया ने हमें बुलाया है, अगर काशी में 24 घंटे बिजली नहीं आ रही तो पीएम खाएं गंगा मैया की कसम।’

रैली में कांग्रेस के साथ गठबंधन पर अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस के साथ हमारा सहयोग है। समाजवादी लोग वैसे तो जब साइकिल चलाते हैं तो अपने आप पैडल मारकर साइकिल चला लेते हैं। जब जोश और उत्साह में होते हैं तो हैंडिल छोडकर भी चला लेते हैं। अब तो हैंडल पर कांग्रेस पार्टी का भी हाथ लग गया है तो बताओ साइकिल की रफ्तार कितनी होगी?

डिंपल यादव के रैली में सपा कार्यकर्ताओं को डांटने पर अखिलेश बोले

Sunday, 26 February 2017 21:06

कन्‍नौज सांसद डिंपल यादव की रैली में हंगामा करने का मसला उनके पति और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव के पास भी पहुंच गया है। 26 फरवरी को जौनपुर में रैली के दौरान डिंपल के आने से पहले कार्यकर्ताओं ने काफी बवाल किया। उनके भाषण के दौरान भी सपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते दिखे। रविवार(26 फरवरी) को लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जब अखिलेश यादव से इस बारे में सवाल किया गया तो वे बोले, ”देवरों को डांट दिया तो क्‍या हुआ।” वहीं मायावती के उत्‍तर प्रदेश में कानून-व्‍यवस्‍था की खराब स्थिति के आरोप पर उन्‍होंने कहा कि बुआजी को डर लग रहा है तो वे 1090 डायल करें। गौरतलब है कि 1090 पुलिस कॉल सेंटर का नंबर है।

डिंपल की इलाहाबाद रैली में सपा के युवा कार्यकर्ताओं ने काफी हंगामा किया था। उन्‍होंने भाषण से पहले और दौरान दखल डाली थी। इससे डिंपल नाराज हो गई थीं। उन्‍होंने अखिलेश यादव का जिक्र कर उन्‍हें शांत करने की कोशिश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ था। रैली के दौरान कार्यकर्ता मंच के बिलकुल पास खड़े हो गए थे और बीच में नारेबाजी कर रहे थे। इस पर डिंपल को गुस्‍सा आ गया। उन्‍होंने कहा, ”आप चिल्‍लाते हो, मुझे डर लगता है… प्‍लीज शांत शांत…” इसके बाद उन्‍होंने अखिलेश यादव के नाम का सहारा लिया और कहा, ”कल अखिलेश भैया आ रहे हैं… तब… बस तुम्‍हारा ही नाम बताने वाली हूं। अच्‍छा कमाल है… मतलब हां… कहां से ट्रेनिंग पाई है। अनुशासन में नहीं है आप। बहुत बुरी बात है।”

 

डिंपल यादव की रैली के दौरान हंगामे के जरिए विपक्षी दलों ने भी सपा को घेर लिया है। इस मामले के जरिए वे कह रहे हैं कि सपा सरकार में कानून व्‍यवस्‍था खतरे में हैं। केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्‍मृति र्इरानी ने एक रैली के दौरान कहा कि जब सीएम की पत्‍नी ही सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं तो आम जनता के साथ क्‍या गुजरता होगा। बसपा ने भी फेसबुक मीडिया के जरिए अखिलेश यादव सरकार पर हमला बोला। उन्‍होंने इस वाकये के जरिए बसपा के लिए वोट मांग लिए।

यूपी विधानसभा चुनाव 2017 : चंदा या रिश्‍वत? क्‍या है मायावती के फंड का रहस्‍य...

Sunday, 26 February 2017 17:20

लखनऊ: यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती पर निशाना साधा था. उन्‍होंने कहा था कि बीएसपी अब 'बहनजी संपत्ति पार्टी' हो गई है. प्रधानमंत्री शायद हाल ही आई उन मीडिया रिपोर्टों का हवाला दे रहे थे जिनमें आयकर विभाग के हवाले से दावा किया गया था कि नोटबंदी के तुरंत बाद बीएसपी के खातों में 100 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की रकम जमा की गई थी.

मायावती ने इसका करारा जवाब दिया और अपने एक भाषण में उन्‍होंने कहा कि जब नोटबंदी लागू हुई तब बीएसपी की चंदा इकट्ठा करने की प्रक्रिया जारी थी और वो 100 करोड़ रुपये पार्टी के लाखों समर्थकों द्वारा दिए गए छोटे दान से मिले, इनमें से कुछ लोग तो बिल्‍कुल हाशिए पर हैं. लेकिन माना जाता है कि आयकर विभाग ने जांच में बीएसपी के पैसों के स्रोत पर सवालिया निशान लगाया है.

जहां एक ओर सभी राजनीतिक दल प्राप्‍त धन का 60-70 फीसदी हिस्‍सा ही अज्ञात स्रोत से मिला दर्शाते हैं (यानी 20000 से कम का चंदा जो कि छूट के दायरे में आता है), जबकि बीएसपी अपने 100 फीसदी प्राप्‍त धन को अज्ञात स्रोत से मिला बताती है.

और ये कोई छोटी रकम नहीं है, पार्टी के अनुसार वर्ष 2004 से 2015 के बीच उसे 760 करोड़ रुपये का चंदा मिला जिसमें से एक रुपया भी चेक के जरिए नहीं मिला. इससे इस आशंका को बल मिला कि बीएसपी को मिले ये पैसे अगर सभी नहीं, तो कुछ सीटें चुनाव में उम्‍मीदवारों को बेची गईं.

पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोंडा में मायावती की एक रैली के दौरान हमारी मुलाकात इस क्षेत्र के कुछ उम्‍मीदवारों से हुई, उनमें से करीब सभी पर यह आरोप है कि उन्‍होंने टिकट के लिए 2 से लेकर 4 करोड़ रुपये तक दिए हैं.

लेकिन गोंडा सदर से बीएसपी उम्‍मीदवार जलील खान मायावती के दावों का समर्थन करते हुए कहते हैं कि दूसरी पार्टियां हैं जो घबराकर प्रत्‍येक चुनाव क्षेत्र में 10-20 करोड़ रुपये बांट रही हैं.

और सच्‍चाई हमेशा की तरह ही जटिल है. रैली के कुछ घंटे पहले हमने गोंडा के नरोरा अर्जुन गांव का दौरा किया जहां ज्‍यादातर दलित रहते हैं. यहां लोग दावा करते हैं कि उन्‍होंने स्‍थानीय कल्‍याणकारी कार्यों के लिए पैसे दिए हैं न कि पार्टी को.

नरोरा अर्जुन गांव के गोविंद गौतम कहते हैं, 'हमने कभी भी किसी पार्टी को चंदा नहीं दिया.' लेकिन एक स्‍थानीय बीएसपी कार्यकर्ता के उकसाने के बाद वो मानते हैं कि उनमें से कुछ ने पार्टी को चंदा दिया है. गौतम कहते हैं कि उन्‍होंने छमाही योगदान के रूप में 500 रुपये दिए हैं जिसकी उन्‍हें रसीद भी मिली है.

बीएसपी के कार्यकर्ता संगम दास भारती ने बताया कि वह हर 6 महीने में 5100 रुपये पार्टी को देते हैं. वह कहते हैं, इसे ऐसे समझिए कि जिस पार्टी से धनी व्‍यापारी लोग किनारा किए रहते हैं, उसने इस तरह तैयारी की है.

इन बातों से स्‍पष्‍ट है कि बीएसपी को प्राप्‍त धन का कुछ हिस्‍सा वाकई छोटे दान के जरिए ही आता है, लेकिन किस हद तक, ये अंदाजा लगा पाना असंभव है.

राज्‍यसभा के लिए दिए गए अपने पिछले हलफनामे में मायावती ने 100 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की संपत्ति घोषित की थी, जिससे सवाल उठे थे कि उनके गरीब समर्थकों से मिला पैसा बसपा सुप्रीमो को अमीर बनाने के काम तो नहीं आया.

लेकिन यहां गांव में, लगता नहीं कि लोग कोई परवाह करते हैं. गौतम ने कहा, 'मायावती हम सब के लिए बड़ा सहारा हैं. अगर वह यहां हैं तो हम जिंदा रह सकते हैं, नहीं तो लोग हमें जीने नहीं देंगे.'

यूपी चुनाव में पैसे और नशे का बोलबाला

Sunday, 26 February 2017 13:42

बीते चुनावों के मुकाबले इस साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और पंजाब के विधानसभा चुनाव के दौरान अधिक संख्या में संदिग्ध नकद, शराब और मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त निगरानी दलों द्वारा कल (25 फरवरी, 2017) तक की गई जब्तियों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि इस बार उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड जब्ती हुई है जिसमें 115.70 करोड़ रूपये नकदी, 57.69 करोड़ रूपये मूल्य की शराब के 20.29 लाख पीपे, 7.91 करोड़ रूपये मूल्य के 2,725 किलो मादक पदार्थ शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2012 के चुनाव में 36.29 करोड़ रूपये

बीते चुनावों के मुकाबले इस साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और पंजाब के विधानसभा चुनाव के दौरान अधिक संख्या में संदिग्ध नकद, शराब और मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त निगरानी दलों द्वारा कल (25 फरवरी, 2017) तक की गई जब्तियों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि इस बार उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड जब्ती हुई है जिसमें 115.70 करोड़ रूपये नकदी, 57.69 करोड़ रूपये मूल्य की शराब के 20.29 लाख पीपे, 7.91 करोड़ रूपये मूल्य के 2,725 किलो मादक पदार्थ शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2012 के चुनाव में 36.29 करोड़ रूपये नकद और 6.61 लाख रूपये मूल्य की 3,073 लीटर शराब जब्त की गई थी।

इसी तरह उत्तरखंड में इस महीने की शुरूआत में खत्म हुए एक चरण के चुनाव में बड़े पैमाने पर ये जब्तियां हुई हैं। यहां इन निगरानी दलों ने अब तक 3.40 करोड़ संदिग्ध नकद, 3.10 करोड़ रूपये मूल्य की 1.01 लाख लीटर शराब, 37.88 लाख रूपये मूल्य के 81 किलो नशीले पदार्थ जब्त किए। राज्य में एक सीट कर्णप्रयाग में उम्मीदवार की मौत के कारण चुनाव टल गया था। वर्ष 2012 में राज्य में 1.30 करोड़ रूपये नकद, 15,151 लीटर शराब (मूल्य 15.15 लाख रूपये) जब्त की गई थी।

पंजाब में अब चुनाव खत्म हो चुके हैं। वहां पिछले चुनाव में जब्त 11.51 करोड़ रूपये के मुकाबले इस बार 58.02 करोड़ रूपये जब्त किए गए। पिछली बार जब्त की गई 3,2978 लीटर शराब (मूल्य 2.59 करोड़ रूपये) के मुकाबले इस बार 12.43 लाख लीटर (मूल्य 13.36 करोड़ रूपये) जब्त की गई। गोवा में भी चार फरवरी को खत्म हुए एक चरण के चुनाव में 2.24 करोड़ संदिग्ध नगदी और 1.07 करोड़ रूपये मूल्य की लगभग 76,000 लीटर शराब जब्त की गई है। पिछले चुनाव में यहां महज 60 लाख रूपये जब्त किए गए थे जबकि बहुत ही कम मात्रा में मादक पदार्थ और शराब जब्त की गई थी।

मणिपुर में अगले महीने चुनाव होने वाले हैं वहां के तुलनात्मक आंकड़े प्राप्त नहीं हो सके हैं। इन अभियानों में शामिल कर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि चुनावी मौसम में मतदाताओं को लुभाने के लिए काले धन और अन्य किस्म के गैरकानूनी लेनदेन करने वालों पर नोटबंदी का कोई असर नहीं हुआ है।’’ सभी पांच राज्यों में मतगणना 11 मार्च को होगी।

नकद और 6.61 लाख रूपये मूल्य की 3,073 लीटर शराब जब्त की गई थी।

इसी तरह उत्तरखंड में इस महीने की शुरूआत में खत्म हुए एक चरण के चुनाव में बड़े पैमाने पर ये जब्तियां हुई हैं। यहां इन निगरानी दलों ने अब तक 3.40 करोड़ संदिग्ध नकद, 3.10 करोड़ रूपये मूल्य की 1.01 लाख लीटर शराब, 37.88 लाख रूपये मूल्य के 81 किलो नशीले पदार्थ जब्त किए। राज्य में एक सीट कर्णप्रयाग में उम्मीदवार की मौत के कारण चुनाव टल गया था। वर्ष 2012 में राज्य में 1.30 करोड़ रूपये नकद, 15,151 लीटर शराब (मूल्य 15.15 लाख रूपये) जब्त की गई थी।

पंजाब में अब चुनाव खत्म हो चुके हैं। वहां पिछले चुनाव में जब्त 11.51 करोड़ रूपये के मुकाबले इस बार 58.02 करोड़ रूपये जब्त किए गए। पिछली बार जब्त की गई 3,2978 लीटर शराब (मूल्य 2.59 करोड़ रूपये) के मुकाबले इस बार 12.43 लाख लीटर (मूल्य 13.36 करोड़ रूपये) जब्त की गई। गोवा में भी चार फरवरी को खत्म हुए एक चरण के चुनाव में 2.24 करोड़ संदिग्ध नगदी और 1.07 करोड़ रूपये मूल्य की लगभग 76,000 लीटर शराब जब्त की गई है। पिछले चुनाव में यहां महज 60 लाख रूपये जब्त किए गए थे जबकि बहुत ही कम मात्रा में मादक पदार्थ और शराब जब्त की गई थी।

मणिपुर में अगले महीने चुनाव होने वाले हैं वहां के तुलनात्मक आंकड़े प्राप्त नहीं हो सके हैं। इन अभियानों में शामिल कर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि चुनावी मौसम में मतदाताओं को लुभाने के लिए काले धन और अन्य किस्म के गैरकानूनी लेनदेन करने वालों पर नोटबंदी का कोई असर नहीं हुआ है।’’ सभी पांच राज्यों में मतगणना 11 मार्च को होगी।

उप्र चुनाव : रोजाना 5 लाख घर घूम रहा गठबंधन का संदेश

Sunday, 26 February 2017 13:32

 

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश के चुनावी महासमर में वार और पलटवार की राजनीति तेज हो गई है। जुबानी जंग के बीच सपा-कांग्रेस गठबंधन ने घर-घर संपर्क अभियान भी शुरू कर दिया गया है। रोजाना पांच लाख घरों तक गठबंधन का संदेश पहुंचाया जा रहा है। पांचवें, छठे व सातवें चरण के लिए गठबंधन की ओर से 'टीम पीके' यानी प्रचार प्रबंधक प्रशांत किशोर के कार्यकर्ता घर-घर जाकर पार्टी के लिए समर्थन जुटा रहे हैं। हर घर में एक पत्र के जरिए अखिलेश का संदेश दिया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में करीब 100 स्वयंसेवी घर-घर जा रहे हैं और लोगों से मिलकर 'प्रगति के 10 कदम' लिखा एक बड़ा कैलेंडर और एक पॉकेट कैलेंडर बांट रहे हैं। इन कैलेंडरों में समाजवादी पार्टी व कांग्रेस गठबंधन की 10 प्रमुख प्राथमिकताएं लिखी हुई हैं।

संदेश में कहा गया है कि पिछले पांच साल में यूपी की तरक्की के लिए कई काम किए गए हैं। राज्य की खुशहाली के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है। पिछले पांच साल में जो नींव रखी गई है, उस पर बड़ी इमारत खड़ी करनी है। इसके लिए जरूरी है कि विकास की रफ्तार बनी रहे।

कहा गया है, "हम में काम करने का जज्बा है और यूपी को विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने का इरादा है। रफ्तार से काम हुआ है और राहुल का साथ मिलने के बाद रफ्तार और तेज होगी।"

पीके के ये वालेंटियर सफेद रंग की टीशर्ट पहनते हैं जिसके पीछे गठबंधन का नारा 'यूपी को ये साथ पसंद है' लिखा रहता है। यह अभियान उन जिलों में चलाया जा रहा है, जहां अगले तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

टीवी पर उत्तर प्रदेश का प्रचार अभियान देखने वाले अन्य राज्यों के लोग समझ रहे होंगे कि सिर्फ चुनावी रैलियां हो रही हैं, लेकिन सच तो यह है कि पीके के वालेंटियर हर घर और दुकान पर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा उप्र के हर गांव में गठबंधन का प्रचार विजय रथ वैन के जरिए भी किया जा रहा है। करीब 250 वैन के जरिए गांव-गांव में गठबंधन का संदेश पहुंच रहा है। एक गांव में यह वैन कम से कम 20 से 25 बार रुकती है और फिर इसमें लगी एलईडी स्क्रीन के जरिए एक 30 मिनट की शॉर्ट फिल्म दिखाई जाती है।

सूत्रों का कहना है कि एक समय में इस फिल्म को देखने वालों की संख्या करीब 50 से 75 तक रहती है। उनके सामने जो फिल्म दिखाई जाती है, उसमें राहुल और अखिलेश की संयुक्त प्रेस वार्ता के अंश, दोनों नेताओं के रोड शो के अंश और 'यूपी को यह साथ पसंद है' गाना के अलावा नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में जो वादे किए थे और प्रधानमंत्री बनने के बाद कौन-कौन से वादे पूरे नहीं किए, ये भी दिखाया जाता है।

पीके के एक वालेंटियर ने बताया कि अखिलेश के लिए जनता में काफी सकारात्मक संदेश है। गठबंधन रैलियों के जरिए जवाब देने के साथ ही जमीन पर भी आम जनमानस तक यूपी के विकास और युवाओं की तरक्की का रोडमैप पहुंचा रहा है।

प्रशांत किशोर के इस प्रचार तरकीब का जनता पर कितना असर हो रहा, यह 11 मार्च को ईवीएम खुलने के बाद ही पता चलेगा।

अखिलेश का पीएम मोदी पर निशाना

Sunday, 26 February 2017 08:21

सिद्धार्थनगर/संतकबीरनगर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह दूसरों के कपड़ों की नकल करते हैं. अखिलेश ने यह बयान तब दिया जब एक दिन पहले मोदी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में नकल के लिए परीक्षा केंद्रों के ठेके दिए जाते हैं. उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा, ‘प्रधानमंत्री जी, आप भी तो नकल कर रहे हैं. हमें पढ़ाई में नकल की बात बता रहे हो आप कि हम पढ़ाई की नकल कर रहे हैं. कपड़े पहनने की नकल कौन कर रहा है बताओ.’ उन्होंने कहा, ‘एक बड़ा आदमी है, जिसने अपना नाम छपा सूट पहना था... मैं भाजपा के लोगों से पूछना चाहता हूं कि अपना नाम छपा सूट किसने पहना था... मुझे लगता है नकल आप लोगों ने भी की है.’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘प्रधानमंत्री की ओर से नकल करने का उदाहरण उस वक्त सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आए थे. उन्होंने जो सूट पहना था उस पर उनका नाम अंकित था. प्रधानमंत्री (मोदी) ने किसकी नकल की थी?’ गौरतलब है कि 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के दौरान मोदी ने ऐसा सूट पहना था जिन पर उनका नाम बारीक अक्षरों में अंकित था. इस सूट ने राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया था. बाद में इस सूट की नीलामी 4.31 करोड़ रुपये में की गई थी. अखिलेश ने यह भी कहा कि भाजपा ने सपा के चुनाव घोषणापत्र की भी नकल की.

उन्होंने कहा, ‘पास करने के लिए परीक्षा में किसने थोड़ी-बहुत नकल नहीं की... अपने हाथ उठाएं और मुझे बताएं कि बचपन में पास करने के लिए किसने नकल नहीं की... प्रधानमंत्री जी, आप भी किसी और चीज की नकल कर रहे हैं.’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि हर कोई नकल करके पास हो रहा है... यहां तक कि टॉपर भी.’ गोंडा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल कराने के लिए ठेके दिए जा रहे हैं.

गधे वाली अपनी टिप्पणी पर मोदी के पलटवार का जवाब देते हुए अखिलेश ने कहा, ‘बहराइच में प्रधानमंत्री ने 10 मिनट का भाषण गधे पर दिया और भाजपा के नेताओं ने मुझे बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री गधे की खासियत नहीं जानते...मुझे बताएं कि क्या आपमें से कोई इसके बारे में जानना चाहता है.’ अखिलेश ने कहा, ‘यदि नहीं तो आप लोगों को मेरी मदद करनी पड़ेगी..नहीं जानता कि वे कहां पहुंच गए हैं... वे श्मशान और कब्रिस्तान की तरफ जा रहे हैं और होली-दिवाली की बातें कर रहे हैं... समाजवादी लोग भाईचारा बढ़ाने और लोगों को एकजुट करने की दिशा में काम करते हैं.’

गुजरात में गधों की कमी नहीं : आजम

Saturday, 25 February 2017 08:14

बहराइच: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता आजम खान ने शुक्रवार देर शाम कहा कि शहंशाह ने ढाई साल पहले जनता को कुत्ता बनाया, फिर पिल्ला बना दिया। गुजरात में गधों की कोई कमी नहीं है। मुलायम ने मस्जिद को बचाने के लिए गोली चलवाई। न्यायालय के फैसले पर ही मंदिर या मस्जिद का निर्माण होगा।

आजम ने कहा कि बसपा पूरी तरह मुस्लिम विरोधी है, उसकी बातों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि लोग मुस्लिमों को देश छोड़ने को कहते हैं। अगर मुस्लिम चले गए तो साइकिल के पंचर कौन बनाएगा।

जरवल कस्बे में स्थित आनंद टाकीज के परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए कैबिनेट मंत्री आजम खान ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीर छोड़े। एक घंटे देरी से सभास्थल पर पहुंचे आजम खान ने कहा कि भाजपा के लोगों को अब राम मंदिर की याद आई है। लेकिन वहां राम मंदिर बनेगा या मस्जिद का निर्माण होगा। यह न्यायालय के फैसले पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि बसपा ने अयोध्या में शौचालय बनवाने की बात कही थी। अलीगढ़ जौहर विश्वविद्यालय पर बुल्डोजर चलवाया था। उन्होंने कहा कि बसपा कभी भी मुस्लिमों की हितैषी नहीं हो सकती।

आजम ने कहा कि बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए मुलायम सिंह ने गोली चलवाई। मोदी पर तीर छोड़ते हुए आजम ने कहा कि ढाई साल पहले शहंशाह ने जनता को कुत्ता बनाया। फिर छह महीने बाद पिल्ले का दर्जा दे दिया। गुजरात में गधों की कमी नहीं है। अगर वह सोचते हैं कि सिर्फ वही जनता के लिए काम करते हैं तो हम भी जनता के लिए 18 घंटे काम करते हैं। जनता को छलते नहीं। सुख-दुख में सहभागी बनते हैं।

उन्होंने कहा कि लोग मुस्लिमों को देश छोड़ने का संदेश देते हैं। अगर मुस्लिम देश छोड़ देंगे तो साइकिल का पंक्च र कौन बनाएगा। सिंदूर और सुहाग की चूड़ी का निर्माण कौन करेगा। पीएम मोदी पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि अगर सही सोच होती तो शहंशाह अपनी बूढ़ी मां को लाइन में न खड़ा करते। इस मौके पर आजम खां ने सपा प्रत्याशी रामतेजयादव को जिताने की बात कही।

उप्र चुनाव : अब तक एक अरब 15.67 करोड़ रुपये जब्त

Saturday, 25 February 2017 08:13

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता उल्लंघन के दौरान की जा रही कार्रवाई के तहत उड़नदस्ता, पुलिस टीम एवं आयकर विभाग की कार्रवाई में शुक्रवार को 2.42 करोड़ तो अब तक एक अरब 15.67 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं।

इसके साथ ही 57.04 करोड़ रुपये मूल्य की 20 लाख बल्क लीटर मदिरा जब्त की गई और अब तक 866768 लाइसेन्सी हथियार जमा कराए गए और 942 असलहों के लाइसेन्स निरस्त किए जा चुके हंै।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी. वेंकटेश ने बताया कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2017 के तहत आदर्श आचार संहिता के अनुपालन को सुनिश्चित कराने के अन्तर्गत फ्लाइंग स्क्वाड, पुलिस टीम एवं आयकर विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में शुक्रवार को 2.42 करोड़ तथा अब तक कुल एक अरब 15.67 करोड़ रुपए जब्त किए गए है।

सरकारी एवं निजी सम्पत्ति से, 2311837 वाल राइटिंग, पोस्टर, बैनर्स आदि विरूपित करते हुए अब तक 836 मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि वाहन पर अवैध रूप से लाल, नीली बत्ती, झंडे एवं लाउडस्पीकर लगाने के विरूद्ध चलाए गए अभियान के अंतर्गत 38894 प्रकरणों में कार्यवाही करते हुए 1719 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई।

इसी प्रकार बिना अनुमति के भाषण, रैली, पार्टी कार्यालय खोलने एवं मतदाताओं को प्रलोभन देने के 746 मामलों मंे कार्यवाही करते हुए अब तक 502 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। उन्होंने बताया कि लाल, नीली बत्ती, लाउडस्पीकर, अवैध मीटिंग, भाषण करने एवं मतदाता को प्रभावित करने तथा अन्य मामलों में अब तक कुल 73061 मामलों में कार्रवाई करते हुए 3917 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी जा चुकी है।

दूसरी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं अमर सिंह

Saturday, 25 February 2017 08:05

समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासित नेता अमर सिंह ने शुक्रवार (24 फरवरी) को कहा कि वे दूसरी पार्टी में शामिल होने के लिए अच्छा अवसर देख रहे हैं। अपनी भविष्य की योजना पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं तैयार हूं, अच्छे अवसर का इंतजार कर रहा हूं। अगर ऐसा होता है तो उस पर विचार करने में खुशी होगी।’ राज्यसभा सचिवालय ने अमर सिंह को सपा से निष्कासित होने के बाद असंबद्ध सदस्य घोषित कर रखा है। जब उनसे पूछा गया कि अच्छे अवसर से उनका क्या मतलब है तो उन्होंने कहा कि यह जल्दबाजी वाला फैसला नहीं होगा और वे अपने पुराने अनुभव को ध्यान में रखते हुए ही फैसला लेंगे। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्हें दो बार सपा से निष्कासित किया गया है और अब वे भविष्य में इस पार्टी में नहीं लौटेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे राज्यसभा से इस्तीफा देंगे तो उनका कहना था, ‘मैं क्यों इस्तीफा दूं। मुझे मुलायम सिंह यादव ने टिकट दिया था। अगर वे पार्टी अध्यक्ष रहते हुए मुझे ऐसा करने को कहते तो मैं खुशी-खुशी ऐसा कर देता।’ उन्होंने साफ किया है कि वे राज्यसभा के सदस्य बने रहेंगे।

सिंह ने बताया कि उन्होंने भाजपा में शामिल होने के लिए किसी नेता से बात नहीं की है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे कांग्रेस की ओर जाएंगे। दरअसल सिंह को नोट के बदले वोट घोटाले में तिहाड़ जेल में समय गुजारना पड़ा था। इस मामले को लेकर अमर सिंह कांग्रेस के आलोचक रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे मन में गांधी परिवार के लिए कोई कड़वाहट नहीं है लेकिन जेल में मैं जिस अत्याचार से गुजरा, वह नहीं भूल सकता। मुझे वहां प्लास्टिक की बाल्टी और मग में पानी पीना पड़ा।

कभी मुलायम सिंह के विश्वसनीय रहे अमर सिंह ने यादव परिवार के विवाद पर कहा कि यह एक तय किया हुआ नाटक था जिसमें हम सभी को एक किरदार दिया गया था। बाद में मुझे यह एहसास हुआ कि हमारा इस्तेमाल हो रहा है। मैंने महसूस किया कि राज्य में विरोधी लहर और कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचने के लिए यह चाल चली गई। उन्होंने कहा कि मुलायम को अपने बेटे के हाथों से हारना अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि यहां तक कि मतदान के दिन पूरा परिवार साथ में मतदान करने गया तो यह नाटक क्यों किया गया। अमर सिंह पर पार्टी नेतृत्व के एक गुट के आरोप लगाया था कि वे मुलायम और अखिलेश के बीच दरार पैदा कर रहे हैं।

अखिलेश को किसानों की फिक्र नहीं : मोदी

Friday, 24 February 2017 19:55

गोंडा:  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार को गोंडा में भारतीय जनता पार्टी की रैली में पार्टी के स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सारा फोकस गन्ना किसानों पर रहा। गन्ना किसानों के दर्द की बात करते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी और सत्तारूढ़ परिवार, दोनों को घेरा। वहीं नोटबंदी पर बहुजन समाज पार्टी और सपा को निशाने पर लिया।

महाशिवरात्रि का मौका देख मोदी ने कहा कि शिव की तरह जनता के पास तीसरा नेत्र है। वो सब देखती है। यूपी में तरह-तरह के झूठ बोले जा रहे हैं। लेकिन यहां की जनता सब समझती है। वह सही गलत का पता लगा लेती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 15 साल से सपा और बसपा रोज झगड़ती थीं। लेकिन नोटबंदी के बाद दोनों पार्टियां एक ही बात बोलने लगीं। जिस-जिस का पैसा लुटा है, वो एक तरफ इकठ्ठे हो गए हैं।

उन्होंने कहा, "मायावती और मुलायम सिंह ने तो संसद में कहा था, कुछ दिन का वक्त तो दे दो। जब से मैंने भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ाई चालू की है, बड़े-बड़े लोग मेरे पीछे पड़ गए हैं।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव के नतीजे आए, कांग्रेस पूरी तरह से साफ हो गई। लोगों ने भाजपा का पूरा समर्थन किया है। ओडिशा में भी चुनाव हुआ, वहां भी भाजपा को जनसमर्थन मिला है।

मोदी ने कहा, "जनता के समर्थन से हमें सत्ता का नशा नहीं चढ़ता है, काम करने का जज्बा पैदा होता है। भ्रष्टाचार व कालाधन के खिलाफ हमने लड़ाई छेड़ी है, देश को लूटने वालों को छोड़ने वाला नहीं हूं। जो पैसा गरीबों से लूटा गया है, वह गरीबों को लौटाना चाहता हूं। आम आदमी की जिंदगी में बदलाव लाना चाहता हूं।"

उन्होंने कहा, "मैं यूपी के काशी से सांसद बनकर देश की सेवा कर रहा हूं। उत्तर प्रदेश के कारण ही देश में स्थिर सरकार बनी है।"

गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि क्या बीमा की जरूरत गन्ना किसानों को नहीं होती है, लेकिन अखिलेश सरकार ने गन्ना किसानों को बीमा के लिए मजबूर किया। इस बीमा के अंतर्गत 100 में 2 रुपये देने पड़ते हैं, लेकिन फिर भी अखिलेश सरकार नहीं कर पाई।

जहां-जहां भाजपा की सरकार है, वहां 50 फीसदी से ज्यादा किसानों का बीमा हुआ। लेकिन उत्तर प्रदेश में 14 फीसदी से ज्यादा बीमा नहीं हुआ। मोदी ने कहा कि वन रैंक वन पेंशन लागू किया। तब 12 हजार करोड़ रुपये की जरूरत थी। सात हजार करोड़ सेना के जवानों के खाते में पहुंच गए। जो बचे हैं, वह भी जल्द भेज दिए जाएंगे।

अखिलेश सरकार पर वार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि थोक व फुटकर दो तरह के व्यापार होते हैं। गोंडा में चोरी करने की नीलामी होती है। चोरी के लिए टेंडर भी निकाला जाता है। परीक्षा का केंद्र बनाने के लिए बोली लगाई जाती है। विषयवार पैसा तय किया जाता है। इससे यूपी में परीक्षा का स्तर गिरता जा जा रहा है। इस पर रोक लगाना चाहिए।

मोदी ने कहा, "अखिलेश जी आप तो ऑस्ट्रेलिया जाकर पढ़ आए, लेकिन मेरे गोंडा के गरीब बच्चों का क्या होगा? गोंडा के गरीबों का क्या होगा, आपने उनके लिए कुछ नहीं सोचा।"

उन्होंने कहा, "अखिलेश को किसानों की फिक्र नहीं है। गोंडा में गन्ना किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। मैं गन्ना किसानों का दर्द समझ सकता हूं। किसानों को उनकी मेहनत का जायज पैसा मिलना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "हम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लाए हैं, जिसमें किसान अगर बुआई नहीं कर पाया तो भी उसे पैसा मिलेगा। मैं गन्ना किसानों के लिए एक टास्क फोर्स बनाकर, उसे तौलने का आधुनिक विकल्प बनाऊंगा, जिससे धोखेबाजी न हो।"

प्रधानमंत्री गुमराह करने और जुमलेबाजी में माहिर : मायावती

Friday, 24 February 2017 19:49

लखनऊ:  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने यहां शुक्रवार को जारी अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इधर-उधर की बातें करके जनता को गुमराह कर रहे हैं। वह लोगों को गुमराह करने और जुमलेबाजी में माहिर हैं। 

बसपा प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री अब महाराष्ट्र व ओडिशा के नगर निकाय चुनाव के परिणामों को भी उत्तर प्रदेश चुनाव में भुनाने का प्रयास कर रहे हैं। नगर निकाय चुनाव स्थानीय मुद्दों, गली-मोहल्लों, नाली-खड़ंजों जैसे मुद्दों पर लड़ा जाता है। निकाय चुनाव और विधानसभा चुनाव में बड़ा अंतर होता है।

उन्होंने कहा, "निकाय चुनाव के नतीजों को विधानसभा चुनाव में भुनाने की कोशिश करना ओछा काम है। मोदी जिस तरह से उत्तर प्रदेश की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, इससे साबित होता है कि भाजपा की हालत यहां ज्यादा खराब है। मोदी जुमलेबाजी करने से बाज आएं।"

मायावती ने कहा कि ओडिशा में बीजू जनता दल की सरकार है और दिल्ली के नगर निगमों पर भले ही भाजपा का कब्जा हो, लेकिन वहां आम आदमी पार्टी की सरकार है। देश की राजधानी में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार हो चुकी है, यह प्रधानमंत्री को नहीं भूलना चाहिए।

बसपा प्रमुख ने कहा, "प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश के लोगों को बरगलाने की लाख कोशिशें कर लें, लेकिन प्रदेश की जनता इन्हें इनके द्वारा लोकसभा चुनाव में किए वादों को नहीं निभाने और बिना पूरी तैयारी के नोटबंदी करने की सजा इन्हें जरूर देगी।"

उन्होंने कहा कि मोदी और अमित शाह उत्तर प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था की बात तो करते हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस तो इन्हीं के अधीन है, वहां हर तरह का अपराध बढ़ता जा रहा है। जब दिल्ली की कानून व्यवस्था ये लोग ठीक

राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया 'गब्बर सिंह'

Friday, 24 February 2017 19:48

बहराइच (उप्र):  कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यहां कांग्रेस-सपा की संयुक्त रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना फिल्म 'शोले' के डाकू गब्बर सिंह से की। साथ ही कहा कि मोदी को उत्तर प्रदेश में हार का डर सताने लगा है, इसलिए नफरत फैलाने लगे हैं।

राहुल ने कहा, "लोकसभा चुनाव में मोदी जी ने बड़े-बड़े वायदे कर जनता को 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' पिक्चर दिखाई, लेकिन उनके जीतने के बाद जनता को महसूस होने लगा कि यह तो 'शोले' का गब्बर सिंह आ गया।"

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, "मोदी जी किसानों, गरीबों की जान लेना चाहते हैं, इसलिए नोटबंदी कर उन्हें सताया। बैंकों के आगे लाइन में लगे हुए सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। मोदी जीते-जी नहीं, जन्नत में अच्छे दिन दिलाएंगे। इसलिए इनसे आपको सावधान रहने की जरूरत है।"

राहुल शुक्रवार को महसी विधानसभा क्षेत्र के खैरा बाजार में जनसभा करने आए थे। उन्होंने जन समुदाय से कहा, "आप लोग टीवी देखते होंगे। इन दिनों मोदी जी का चेहरा काफी उतरा हुआ है। उन्हें हार का डर सताने लगा है। इसलिए नफरत फैलाने लगे हैं। लेकिन उन्हें इसका फायदा नहीं मिलेगा। यूपी में सपा-कांग्रेस के गठबंधन की सरकार बनेगी।"

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि आज किसान बेहाल है, मोदी की नोटबंदी के कारण। युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। जबकि मोदी जी ने हर साल दो करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वायदा किया था। युवाओं को अभी भी मोदी के अच्छे दिन लाने का इंतजार है।

राहुल कहा, "मोदी जी को देश में गंदगी दिखाई दी तो लोगों को झाड़ू पकड़ा दिया और खुद ओबामा से मिलने अमेरिका चले गए। पता नहीं, ऐसे आइडिया मोदी जी को आते कहां से हैं?"

उन्होंने नोटबंदी को 'आर्थिक पागलपन' बताते हुए कहा, "94 फीसदी कालाधन जमीन, स्विस बैंक में है। शेष छह फीसदी कालाधन देश के 50 अमीर परिवारों के पास है, लेकिन मोदी जी ने इन चोरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे उनका कर्जा माफ कर दिया। माल्या लंदन भाग गया। लेकिन कहते हैं, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा हूं।"

राहुल ने 'मेक इंडिया' प्रोग्राम पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, "यदि हर चीज इंडिया में बन रही है तो मेरे मोबाइल पर मेड इन चाइना क्यों लिखा है! युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिला? उनके बब्बर शेर (प्रतीक चिह्न्) से चूहे जैसी आवाज भी नहीं आती है। हमारी सरकार बनने पर हर जिले की इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जाएगा। युवाओं को रोजगार मिलेगा। हम युवाओं की सरकार बनाएंगे। मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था करेंगे।"

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, "मोदी जी जब बनारस पहुंचे तो उन्होंने कहा गंगा मां ने बुलाया है। बेटे ने मां गंगा से बनारस में मेट्रो बनाने, गंगा की सफाई, घाटों की सफाई, स्वच्छ पेयजल, सोलर लैम्प, फोरलेन सड़क, फ्री इंटरनेट और भोजपुरी फिल्म सिटी बनाने और न जाने कितने वायदे किए। गंगा मां ने आशीर्वाद दिया और बेटा प्रधानमंत्री बन गया। मोदी जी जब दोबारा बनारस पहुंचे तो उन्होंने मां गंगा से कहा, तुम अपना काम करो मैं टीवी और रेडियो पर मन की बात करूंगा।"

राहुल ने बहराइच से मोदी द्वारा जोड़े गए रिश्ते पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा, "मोदी जी जहां भी जाते हैं, वहां से अपना रिश्ता बताने लगते हैं। लेकिन रिश्ता बताने से नहीं, निभाने से बनता है।"

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने अंत में कहा, "यूपी का युवा न हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान बनेगा। मोदीजी, आप एक धर्म को दूसरे धर्म से लड़ाना छोड़ दो। यहां आपकी दाल नहीं गलने वाली। सपा-कांग्रेस की सरकार बनेगी और यूपी नंबर वन बनेगा।"

अखिलेश यादव ने लैपटॉप योजना के जरिए पीएम मोदी पर मारा ताना

Friday, 24 February 2017 16:54

त्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान सभाओं से इतर अब सोशल मीडिया से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। शुक्रवार(24 फरवरी) को अखिलेश ने ट्वीट कर सपा सरकार की ओर से बांटे गए लैपटॉप का जिक्र किया और परोक्ष रूप से मोदी पर ताना मारा। उन्‍होंने ट्वीट में लिखा, ”उत्‍तर प्रदेश में मेधावी छात्रों को 18 लाख लैपटॉप बांटे हैं। नरेंद्र मोदी आपके डिजीटल इंडिया के सपने को पूरा कर रहे हैं।” बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी लैपटॉप बांटे जाने में भेदभाव का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव सरकार पर हमला बोल रहे हैं। वे अपने भाषणों में कह रहे हैं कि यूपी सरकार ने लैपटॉप बांटने में भेदभाव किया है। साथ ही लैपटॉप तो दे दिए लेकिन बिजली कहां है।

भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने भी अखिलेश सरकार पर जाति व धर्म के आधार पर लैपटॉप देने का आरोप लगाया है। सपा ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि योजना में छात्रों को उनकी मेरिट के आधार पर ही चुना गया है। हाल के दिनों में चुनावी रैलियों में अखिलेश यादव और नरेंद्र मोदी एक दूसरे पर जमकर निशाने साध रहे हैं। भाजपा के अन्‍य नेताओं के निशाने पर भी अखिलेश और सपा ही है। वहीं अखिलेश भी सीधे पीएम मोदी पर हमले बोल रहे हैं। पिछले दिनों एक रैली के जरिए उन्‍होंने गुजरात के गधों का जिक्र करते हुए तंज मारा था। उन्‍होंने बॉलीवुड के सुपरस्‍टार अमिताभ बच्‍चन से कहा था कि वे गुजरात के गधों का प्रचार ना करें। इसके बाद भाजपा की ओर से जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने बहराइच की रैली में कहा कि वे गधे से भी सीख लेते हैं। गधा वफादार होता है।

 

उत्‍तर प्रदेश में चारा चरणों का मतदान हो चुका है। अब सूबे के पूर्वी हिस्‍से में वोटिंग होगी। बाकी बची सीटों के लिए सभी दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा पूर्वांचल में ज्‍यादा से ज्‍यादा पीएम मोदी की रैलियां करा रही है। वहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन की ओर से राहुल गांधी और अखिलेश यादव अलग-अलग सभाएं कर रहे हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती भी पीछे नहीं हैं और वह भी पूरी जान लगाए हुए हैं। भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह भी मान रहे हैं कि बसपा कड़ी टक्‍कर दे रही हैं।

भाजपा सत्ता में आई तो सारे कत्लखाने बंद होंगे

Friday, 24 February 2017 16:29

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी की सरकार बनने पर सभी ‘कत्लखानों’ को बंद करने का ऐलान करते हुए शुक्रवार (24 फरवरी) को कहा कि वह प्रदेश में खून की नहीं बल्कि दूध और घी की नदियां बहाना चाहते हैं। शाह ने यहां एक चुनावी सभा में कहा, ‘उत्तर प्रदेश में जिस दिन भाजपा का मुख्यमंत्री शपथ लेगा, रात बारह बजे के पहले राज्य के सारे कत्लखाने बंद कर दिये जाएंगे। अब तक प्रदेश में गाय, भैंस और भेड़ के खून की नदियां बहायी गयीं। हम भी चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में नदियां बहें लेकिन खून की नहीं बल्कि दूध और घी की नदियां।’ उल्लेखनीय है कि भाजपा के 2017 के उत्तर प्रदेश चुनाव घोषणापत्र में भी कहा गया कि सपा शासनकाल में उत्तर प्रदेश में पशुधन की संख्या में गिरावट आयी है। इसमें यह भी कहा गया है कि सभी अवैध कत्लखानों को पूरी कठोरता से बंद किया जाएगा और सभी यांत्रिक कत्लखानों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

शाह ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता शीला दीक्षित के हवाले से कहा कि राहुल अभी परिपक्व नहीं हैं। ‘अगर परिपक्व नहीं हैं तो उत्तर प्रदेश पर क्यों थोपते हैं। ये प्रयोगभूमि है क्या? यहां सीखने के लिए किसी को भेजना है क्या ? उत्तर प्रदेश समस्याओं का दरिया है और समस्याओं का समाधान करने के लिए कलेजा चाहिए। उत्तर प्रदेश की समस्याओं का समाधान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार ही कर सकती है।’ शाह ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में चारों ओर … चाहे पूरब हो या पश्चिम, बुंदेलखंड हो या रूहेलखंड या पूर्वांचल … भाजपा की आंधी दिखायी दे रही है। आने वाले चुनाव की समाप्ति के बाद दो तिहाई बहुमत से भाजपा की सरकार बनने जा रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले 14 साल से सपा और बसपा के शासन ने प्रदेश को बर्बाद करके रख दिया है। ना तो गांवों में 24 घंटे बिजली आती हैं, ना दवाइयां सस्ती हैं, ना महिलाएं सुरक्षित हैं और ना ही व्यापारी सलामत हैं। शाह ने कहा कि दवाइयां सस्ती नहीं हैं, किसानों के धान की खरीद नहीं हुई, गन्ना किसानों को उनका बकाया धन नहीं मिला। ‘‘लेकिन अखिलेश (मुख्यमंत्री अखिलेश यादव) कहते हैं कि काम बोलता है।’ साथ ही अखिलेश पर तंज कसा, ‘आप बेचारे अखिलेश से अन्याय मत कीजिए। पूरे उत्तर प्रदेश को उन्होंने हत्या के मामले में नंबर वन बना दिया। बलात्कार में नंबर वन बनाया। चोरी, लूट, डकैती, फिरौती और अपहरण के मामले में ….. सब मामलों में उत्तर प्रदेश को नंबर वन बनाने का काम सपा की सरकार ने किया है। उनको (अखिलेश) लगता है कि यही काम है इसलिए कहते हैं काम बोलता है।’

सपा-कांग्रेस गठजोड़ पर हमलावर होते हुए शाह ने कहा कि अब दूसरा (राहुल) भी आ मिला है। ‘दो शहजादे मिले हैं। कैसे हैं दोनों शहजादे …. एक से उसकी मां परेशान है तो दूसरे से बाप और दोनों से उत्तर प्रदेश परेशान है। ये लोग प्रदेश का भला नहीं चाहते।’ भाजपा अध्यक्ष ने राहुल से हिसाब मांगते हुए कहा कि राहुल के पिता के नाना पंडित जवाहरलाल नेहरू, राहुल की दादी इन्दिरा गांधी, पिता राजीव गांधी और उसके बाद मां सोनिया गांधी के जरिए दस वर्ष तक मनमोहन सिंह सरकार ने देश पर कुल साठ साल तक शासन किया। ‘आपके परिवार ने साठ साल तक देश पर शासन किया। साठ साल तक आपके परिवार ने क्या किया ? आप (राहुल) दीजिए इसका हिसाब।’

यूपी चुनाव 2017 : डिंपल यादव का पीएम मोदी को जवाब

Friday, 24 February 2017 09:07

इलाहाबाद: यूपी चुनाव में जुमलों की मानों लड़ाई छिड़ी हुई है. एक के बाद एक लाइनें और ताने एक दूसरे पर मारे जा रहे हैं. ऐसे में डिंपल यादव भी कहां पीछे रहने वाली थीं. समाजवादी पार्टी की नेता और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने एक रैली में पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि 'मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है, जो है नाम वाला वही तो बदनाम है..'

कॉटन की साड़ी और छोटी सी लाल बिंदी लगाए डिंपल यादव, सपा की एक और उम्मीदवार रिचा सिंह के लिए चुनावी अभियान कर रही थीं. उनका भाषण सुनने के लिए कई महिलाएं जुटी थीं जो उन्हें 'डिंपल भाभी' कहकर बुलाती हैं. गौरतलब है कि 2009 में डिंपल यादव को राज बब्बर ने फिरोज़ाबाद से संसदीय चुनाव में हराया था. लेकिन तीन साल बाद जब अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद कन्नौज की सीट से बतौर सांसद इस्तीफा दिया तो उसके बाद डिंपल यादव यहां से निर्विरोध चुनी गईं.

डिंपल यादव को आमतौर पर कम ही बोलते देखा जाता है, वह संसद में सवाल नहीं पूछने के लिए जानी जाती रही, संसद में हुई बहस में उन्होंने सिर्फ दो बार हिस्सा लिया और उनकी उपस्थिति का रिकॉर्ड मात्र 37 प्रतिशत रहा. 2014 में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर रुक रुककर दिए गए भाषण में डिंपल ने कहा था कि उनके ससुर खुश हैं कि 'आखिरकार मैं बोल रही हूं.'

लेकिन इस बार के चुनाव में उन्होंने एक कदम बढ़ाया है और पीएम पर प्रहार करने के लिए वह अपने पति के साथ आगे आई हैं. पिछले दिनों, उन्होंने कहा था कि पीएम मन की बात तो बहुत तेजी से कर लेते हैं लेकिन काम की बात बहुत ही कम करते हैं. अखिलेश यादव ने भी यही बात राहुल गांधी के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में की थी.

महापुरुषों को बांटने में लगे हैं मोदी : राहुल गांधी

Thursday, 23 February 2017 22:28

अमेठी:  उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री महापुरुषों को बांटने में लगे हैं।

विधानसभा चुनाव के पांचवे चरण के चुनाव के लिए गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंचे और सपा-कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में वोट करने की अपील करते हुए केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि मोदी सरकार ने अमेठी के साथ भेदभाव किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी महापुरुषों को बांटने में लगे हैं।

गौरीगंज में आयोजित जनसभा में राहुल गांधी ने किसानों के कर्ज माफी और नोटबंदी पर कहा, "मोदी जी ने माताएं, बहनें, गरीब और किसान की मेहनत की कमाई को काला धन के नाम पर जमा करा लिया। किसान अपनी कमाई के लिए लाइन में लगा रहा। क्या कोई अमीर लाइन में लगा दिखा।"

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की खराब नीतियों के कारण ही उत्तर प्रदेश का किसान और युवा परेशान है। हमने अमेठी और रायबरेली में फूड पार्क बनाए, 40 फैक्ट्री बनाई, ताकी रोजगार पैदा हो, लेकिन राजनीतिक भेदभाव करते हुए मोदी जी ने एक-एक कर के सब कुछ छीन लिया।"

राहुल ने कहा कि ढाई साल पहले मोदी जी ने वादा किया था, सभी को रोजगार मिलेगा। लेकिन वह पूरा नहीं हुआ।

राहुल ने कहा, "मेरी 30 दिन की यात्रा में किसानों ने मुझसे कर्ज माफ करने की मांग की थी। मुझे दो करोड़ किसानों ने पत्र भर कर दिया। मैंने उसे लेकर मोदी जी से मुलाकात की, लेकिन फिर भी उनका कर्ज माफ नहीं हुआ। वहीं मोदी जी ने विजय माल्या को 12 हजार करोड़ रुपये दे दिए और करोड़ो रुपये का कर्ज माफ किया।"

राहुल ने कहा, "मोदी इन दिनों महापुरुषों को बांटने में लगे हैं। मैं तो कहता हूं कि आप इन लोगों को बांटे नहीं, आप को शोभा नहीं देता। गांधी जी ने देश के लिए जो किया वह सभी जानते हैं। किसी को भी अब उनके बारे में बताने की जरूरत नहीं है। नफरत फैलाने वालों के लिए मेरा संदेश है, 'तू हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान बनेगा'।"

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के गठबंधन की सरकार बनने के बाद प्रदेश का हाल बदल जाएगा। दोनों युवा नई सोच के साथ प्रदेश को विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ाएंगे।

राहुल ने कहा, "हमारी गठबंधन सरकार बनने पर हम युवाओं को चुन-चुनकर रोजगार देंगे। कानपुर में चमड़े की इंडस्ट्री है, ऐसे सभी स्थानों पर लोगों को लोन देंगे, जिससे वह स्वरोजगार कर सकेंगे और दूसरे लोगों को भी नौकरी मिलेगी। हमारी सरकार बनी तो महिला थानों की स्थापना की जाएगी। महिलाओं को पंचायत में आरक्षण दिया जाएगा और प्रदेश में पांच महिला विश्वविद्यालय खोले जाएंगे।"

राहुल ने कहा कि मोदीजी चुनाव हार चुके हैं। वह जितनी नफरत फैला सकते हैं, फैला लें, लेकिन ये उप्र उनकी नहीं सुनेगा।

भाजपा यूपी में बाजी हार गई है : अखिलेश

Thursday, 23 February 2017 17:51

बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर की जनसभा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'प्रधानमंत्री इतने बड़े पद पर बैठे हैं और मुकाबला किससे कर रहे हैं? वह मुकाबला हमसे कर रहे हैं। इसी से समझ लेना चाहिए कि भाजपा यह बाजी हार गई है।'

उन्होंने कहा कि गुमराह करने के मामले में भाजपा से बड़ा दूसरा कोई दल नहीं हो सकता। भाजपा यह बाजी हार चुकी है, इसलिए वह विकास की बात करने के बजाय अन्य मुद्दों की बात कर जनता को गुमराह करने का काम कर रही है।

अखिलेश ने कहा, "हम तो कहते हैं कि हम विकास के मुद्दे पर बहस को तैयार हैं। भाजपा बताए कि उसने तीन वर्षो में क्या किया? और हम भी बताएंगे कि हमने पांच वर्षो में क्या किया? प्रधानमंत्री कहते हैं कि थानों में सपा के दफ्तर चल रहे हैं, लेकिन उनको मालूम ही नहीं है कि उप्र में 100 नं. चालू हो गया है।"

अखिलश ने कहा, "प्रधानमंत्री ने पुलिस कर्मियों को इशारा किया है कि समाजवादियों की मदद कीजिए, क्योंकि उनको मालूम है कि भाजपा यह बाजी हार गई है। शायद भाजपा को यह नहीं पता कि प्रदेश में जितनी पुलिस भर्तियां समाजवादी सरकार ने की हैं, उतनी आज तक किसी ने नहीं की हैं।"

उन्होंने बलरामपुर की जनता से अपील करते हुए कहा, "समाजवादियों के हाथ मजबूत कीजिए और हमारा साथ दीजिए। हम आपके हाथ मजबूत करेंगे।"

उप्र में शुरुआती 2 घंटों में 10.20 फीसदी मतदान

Thursday, 23 February 2017 11:44

 

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के तहत गुरुवार को 12 जिलों की 53 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शुरुआती दो घंटों में यानी सुबह नौ बजे तक 10.20 फीसदी मतदान होने की सूचना है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी व इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. वी. भोसले ने भी सुबह इलाहाबाद में मतदान किया।

राज्य निर्वाचन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह नौ बजे तक इलाहाबाद में 9.60 फीसद, बांदा में 10.58 प्रतिशत, चित्रकूट में 11.40 प्रतिशत, फतेहपुर में 9.72 प्रतिशत, हमीरपुर में 10.50 प्रतिशत, झांसी में 10.40 प्रतिशत, जालौन में 8.67 प्रतिशत, कौशाम्बी में 11.80 प्रतिशत, प्रतापगढ़ में 9.75 प्रतिशत, रायबरेली में 10.23 प्रतिशत और महोबा में 13 प्रतिशत मतदान होने की सूचना है।

रायबरेली जिले के सदर विधानसभा 180 की बूथ संख्या 256 में दो घंटे विलंब से मतदान शुरू हुआ। झांसी में बबीना विधानसभा क्षेत्र के बरुआसागर में बूथ नंबर 101 सरस्वती मंदिर स्कूल में भी ईवीएम में खराबी आने की वजह से एक घंटे मतदान प्रभावित हुआ। भाजपा प्रत्याशी ने शिकायत दर्ज कराई है।

ज्ञात हो कि 53 विधानसभा सीटों पर कुल 680 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 61 महिला उम्मीदवार हैं।

उन्होंने बताया कि मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया, जो सायं पांच बजे तक चलेगा। सबसे ज्यादा मतदाता ललितपुर विधानसभा क्षेत्र में हैं। इस क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 4,53,162 है, जबकि सबसे कम मतदाता अयाहशाह (फतेहपुर) विधानसभा क्षेत्र में 2,60,439 हैं।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी. वेंकटेश ने बताया कि चौथे चरण में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 91,507 है। मतदान केन्द्रों की संख्या 12,492 है, जबकि 19,487 मतदेय स्थल बनाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि इस चरण में कुल 680 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें महिला प्रत्याशियों की संख्या 61 है। सबसे अधिक 26 प्रत्याशी इलाहाबाद उत्तरी सीट पर हैं। सबसे कम छह प्रत्याशी खागा विधानसभा (फतेहपुर), कुंडा (प्रतापगढ) और मंझनपुर (कौशाम्बी) में है।

निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस चरण में 3,26,473 (18-19 वर्ष) युवा मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चौथे चरण में मतदेय स्थलों पर 1308 डिजिटल कैमरा तथा 991 वीडियो कैमरा की व्यवस्था की गई है।

उप्र में सपा उम्मीदवार के बेटे को गोली मारी

Thursday, 23 February 2017 11:19

 

 

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में गुरुवार सुबह समाजवादी पार्टी (सपा) के एक उम्मीदवार के बेटे को गोली मार दी गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमला सपा उम्मीदवार सिद्धगोपाल साहू के बेटे पर किया गया। उसे इलाज के लिए कानपुर ले जाया गया।

पीड़ित परिवार ने हमले का आरोप बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार अरिदमन सिंह के बेटे पर लगाया है।

उप्र : पछुआ हवाओं से पारे में गिरावट

Thursday, 23 February 2017 09:32

 

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ व आसपास के इलाकों में सुबह से ही तेज पछुआ हवाएं चलने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हवाओं की वजह से तेज धूप के बावजूद ठंडक का एहसास हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह से तापमान में और इजाफा होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश मौसम विभाग के निदेशक जे.पी गुप्ता के अनुसार, लखनऊ में मंगलवार व बुधवार की रात को 12 से 15 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने से रात के तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।

उन्होंने बताया कि हिमाचल एवं उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बर्फबारी होने का असर तापमान पर पड़ रहा है। 27 फरवरी के बाद तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की जा सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किए जाने का अनुमान है।

लखनऊ के अतिरिक्त बनारस का न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस, कानपुर का 14.2 डिग्री सेल्सियस, गोरखपुर का 15 डिग्री सेल्सियस और इलाहाबाद का 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

उप्र में विकास नहीं बेटे के खिलाफ बाप बोलता है : ओवैसी

Thursday, 23 February 2017 08:44

बहराइच:  ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अखिलेश लखनऊ के नए नवाब हैं, जो चमचों और राग दरबारियों से वाहवाही सुनकर खुश होते हैं। उनका काम नहीं कारनामा बोलता है। यहां विकास नहीं बेटे के खिलाफ बाप बोलता है। 

ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बड़े मियां-छोटे मियां की जोड़ी करार दिया। उन्होंने कहा कि गोधरा कांड के लिए मोदी को माफ नहीं कर सकते तो मुजफ्फरनगर दंगो के लिए अखिलेश को कैसे माफ कर सकते हैं। यादव परिवार ने पांच साल में उप्र को बर्बाद कर दिया।

मटेरा सीट से पार्टी प्रत्याशी अकीलउल्ला के समर्थन में जनसभा करने आए ओवैसी ने कहा, "सपा सरकार में चार सौ दंगे हुए, लेकिन अखिलेश चुप रहे। महिलाओं की अस्मत लूटी गई, युवाओं को नौकरी नहीं मिली। फिर भी कहते हैं कि विकास हुआ है, काम बोलता है। लेकिन उप्र में विकास नहीं बोलता है। बेटे के खिलाफ बाप बोलता है।" ओवैसी ने कहा कि विकास सिर्फ इनके विधायकों का हुआ है। काम नहीं कारनामा बोलता है।

ओवैसी ने कहा, "नेताजी के यादव परिवार में आज 22 लोग सियासत में है। सरकार बन गई तो 150 लोग होंगे। यादव परिवार ने उप्र का सत्यानाश किया। लोहिया आज जिंदा होते तो अखिलेश को धिक्कारते। सपा के विकास की बात पर मैं अखिलेश से उनके घर बैठकर बहस करने को तैयार हूं, क्योंकि मैं उनके बाप से भी नहीं डरता।"

एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने कहा कि इटावा में गुजरात के शेर मर गए तो लंदन से डॉक्टर और बिसलेरी का पानी मंगाया। लेकिन देहातों में इंसान मर रहे हैं, अखिलेश चुप है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में मुलायम, मायावती, अखिलेश, मोदी की गोद में बैठ गए। उन्होंने नेताजी के परिवार से सिर्फ चार सांसदों के जीतने पर भी सवाल उठाया। ओवैसी ने कहा, "मोदी और अखिलेश रमजान, दिवाली, श्मशान और कब्रिस्तान की बात मत करो, हम इफ्तार पार्टियों से ऊब चुके हैं।"

मुस्लिम उम्मीदवारों को भी देनी चाहिए थी टिकट : राजनाथ सिंह

Thursday, 23 February 2017 08:30

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मुस्लिम उम्मीदवारों को भी टिकट देने चाहिए था। राजनाथ सिंह ने टाइम्स नाऊ के एडिटर राहुल शिवशंकर ने बात करते हुए यह बात कही। बुधवार (22 फरवरी) को राजनाथ सिंह ने कहा, ‘हम लोगों ने बाकी राज्यों में अल्पसंख्यकों को टिकट दिए हैं, यूपी में भी अल्पसंख्यक को टिकट देने की बात चली थी।, मैं वहां नहीं था लेकिन यह बात मुझे पता चली है कि बीजेपी के संसदीय बोर्ड को कोई जीत दर्ज करने लायक अल्पसंख्यक उम्मीदवार नहीं मिला। लेकिन मेरा मामना है कि उनको (मुस्लिम) टिकट दी जानी चाहिए थी।’

राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि संसदीय कमेटी को कोई ठीक उम्मीदवार नहीं मिला। लेकिन अगर टिकट दे दी जाती तो उसमें भी बीजेपी का कोई नुकसान नहीं था। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि पार्टी की तरफ से मुस्लिम उम्मीदवारों को ढूंढने की कोशिश भी की गई थी।यूपी में 20 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिमों की है। अबतक बीजेपी की तरफ से कहा जाता रहा है कि उनकी तरफ से काबिल और चुनाव जिताऊ उम्मीदवार को ही टिकट दी गई है। धर्म के आधार पर टिकट देने की बात को बीजेपी द्वारा नकारा जाता रहा है।

इससे पहले राजनाथ सिंह का एक और बयान सामने आया था। उसमें राजनाथ सिंह ने कहा था कि अगर यूपी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी गठबंधन ना करती को भारतीय जनता पार्टी 300 से ज्यादा सीटें जीत जाती। यूपी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन किया है। गठबंधन पर अखिलेश यादव का भी एक बड़ा बयान आया था। उन्होंने एक अखबार से बात करते हुए कहा था कि अगर परिवार में कलह नहीं होती तो वह गठबंधन के बारे में ना सोचते।

आपको बता दें कि यूपी में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। वहां सात चरणों में वोटिंग होनी है। तीन चरणों की वोटिंग हो चुकी है। चौथे चरण का मतदान आज (23 फरवरी) को हो रहा है।

यूपी में चौथे चरण का मतदान जारी

Thursday, 23 February 2017 08:27

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए राजनीतिक दलों के जोरदार प्रचार अभियान के बाद बुंदेलखंड क्षेत्र के विभिन्न जिलों समेत 12 जनपदों की 53 सीटों के लिए मतदान शुरू हो चुका है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के साथ-साथ प्रतापगढ़, कौशाम्बी, इलाहाबाद, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और फतेहपुर जिलों की 53 सीटों पर आज मतदान हो रहा है.

@ 8.09- महोबा में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं में झड़प

निर्वाचन आयोग के अनुसार चौथे चरण में एक करोड़ 84 लाख मतदाता कुल 680 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर सकेंगे. इलाहाबाद उत्तरी सीट पर सबसे ज्यादा 26 प्रत्याशी मैदान में हैं. वहीं खागा (फतेहपुर), मंझनपुर (कौशाम्बी) और कुंडा (प्रतापगढ़) में सबसे कम छह-छह उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. 2012 में चौथे चरण में इन 53 सीटों पर हुए चुनाव में सपा को 24 सीटों पर सफलता मिली थी, जबकि बसपा ने 15, कांग्रेस ने 6, भाजपा ने 5 तथा पीस पार्टी ने 3 सीटें जीती थीं.

इस चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सपा अध्यक्ष और यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी वाड्रा, बसपा मुखिया मायावती, गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने अपनी-अपनी पार्टियों के पक्ष में प्रचार कार्य में पूरी ताकत झोंक दी. सपा अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने चौथे चरण के चुनाव प्रचार के अंतिम दिन संगम नगरी इलाहाबाद में संयुक्त रूप से रोडशो किया. वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी इलाहाबाद में रोडशो किया.

चौथे चरण के चुनाव में जिन प्रमुख प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा, उनमें कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा (रामपुर खास), बाहुबली निर्दलीय प्रत्याशी रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (कुंडा), बाहुबली विधायक अखिलेश सिंह की बेटी कांग्रेस प्रत्याशी अदिति सिंह (रायबरेली), विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कर्ष मौर्य (उंचाहार), सपा के वरिष्ठ नेता रेवती रमण सिंह के बेटे उज्ज्वल रमण सिंह (करछना) तथा विधानसभा में विपक्ष के नेता गयाचरण दिनकर (नरैनी) शामिल हैं.

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