त्रिपुरा : नोटबंदी के कारण हजारों मासिक भत्ते से महरूम

 

अगरतला:  नोटबंदी के बाद से त्रिपुरा के हजारों गरीबों को उनके मासिक भत्ते नहीं मिल पा रहे। त्रिपुरा के वित्तमंत्री भानुलाल साहा ने बुधवार को आईएएनएस को बताया, "त्रिपुरा सरकार हजारों लोगों और परिवारों को 27 प्रकार के मासिक सामाजिक भत्ते देती है। 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद होने के कारण नोटों के उपलब्ध न होने या उनकी कमी के कारण मासिक भत्तों का भुगतान बेहद मुश्किल हो गया है।"

उन्होंने कहा, "27 भत्तों में से एक 80 साल से ज्यादा उम्र वालों के लिए है, जो बैंकों या एटीएम बूथों में नहीं आ सकते। इसलिए सामाजिक विकास विभाग के अधिकारियों ने लाभार्थियों को उनके घर जाकर 600 रुपये से 3,200 रुपये के मासिक भत्ते दिए।"

साहा ने कहा, "हमारे अधिकारियों ने बैंक अधिकारियों से 100 रुपये और 500 रुपये के नोट देने का आग्रह किया है, लेकिन बैंक प्रशासन ने अपनी लाचारी व्यक्त की है।"

साहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि छोटे नोट खासतौर पर 100 रुपये और 500 रुपये के नोट की बेहद कमी होने के कारण देशभर में व्यापार और अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा, "पर्याप्त बुनियादी सुविधाओं और विभिन्न प्रकार के लेन देन और बिजनेस कार्ड्स की उपलब्धता के बिना नोटबंदी करना बेहद अदूरदर्शी फैसला था और इससे अधिकांश लोग प्रभावित हुए हैं।"

मंत्री ने कहा, "ऐसे लोग जिनका कोई लेनदेन या बिजनेस कार्ड नहीं है, जो अनपढ़, नेत्रहीन या शारीरिक रूप से अक्षम हैं, उन्हें अब केंद्र सरकार यह सीख दे रही है कि वे इस नई लेनदेन प्रणाली से कैसे निपटें।"