त्रिपुरा में माकपा से एक साल में रिकार्ड 5,546 लोग बाहर

अगरतला: मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से त्रिपुरा में पिछले एक साल में रिकार्ड 5,546 लोगों को निष्कासित किया गया। पार्टी पदाधिकारी बिजन धर ने यह जानकारी दी। धर माकपा की राज्य समिति के सचिव हैं। उन्होंने रविवार को बताया, "पिछले एक साल में पार्टी से 535 लोगों को निष्कासित किया गया है और 5,011 पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को या तो पार्टी ने निकाल दिया है या उनकी सदस्यता का विभिन्न कारणों से नवीनीकरण नहीं किया है।"

उन्होंने बताया कि 5,546 लोगों को निकालने के बावजूद इस साल पार्टी की सदस्यता संख्या 91,578 तक जा पहुंची है जो पिछले साल के मुकाबले 2.24 फीसदी अधिक है।

धर माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य भी हैं। उन्होंने बताया दिसंबर में पार्टी की बैठक में सदस्यता के नवीकरण के लिए सख्त मानदंड अपनाने का फैसला किया गया। 

त्रिपुरा में माकपा के कुल सदस्यों में 26.92 फीसदी महिलाएं हैं। यह राष्ट्रीय स्तर पर महिला सदस्यों की संख्या से 10 फीसदी अधिक है।

उन्होंने बताया, "पार्टी की सदस्यता के जनवरी से मार्च के बीच किए गए नवीनीकरण के बाद पता चला है कि त्रिपुरा में कुल 91,578 सदस्यों में से 26.92 फीसदी महिलाएं हैं।" उन्होंने ध्यान दिलाया कि पार्टी में राज्य स्तर पर अन्य राज्यों की तुलना में महिलाओं का प्रतिनिधित्व हमेशा बेहतर रहा है। 

राष्ट्रीय स्तर पर कुल 10.58 लाख सदस्यों (2015 की माकपा कांग्रेस के आकंड़ों के मुताबिक) में 10 फीसदी महिलाएं हैं। 

त्रिपुरा में माकपा में महिलाओं की सदस्यता में इस साल 26.92 फीसदी वृद्धि हुई, जबकि पिछले साल यह दर 26.49 फीसद थी और उससे पिछले साल 2014 में यह दर 25.76 फीसदी थी। 

राज्य में माकपा के कुल 91,578 सदस्यों में 35.55 फीसदी विभिन्न जनजाति समुदाय से हैं, 19.58 फीसदी अनुसूचित जाति से हैं और 22.89 फीसदी अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं। 

त्रिपुरा में पिछले 38 सालों से, 1988 से 1993 के बीच के पांच सालों को छोड़कर, माकपा के नेतृत्ववाले वाम मोर्चा का शासन रहा है।

--आईएएनएस 

 

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