जयललिता की अवैध संपत्ति आय की 8 फीसदी : न्यायाधीश

बेंगलुरू/चेन्नई: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने आय से अधिक संपत्ति मामले में सोमवार को ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की अध्यक्ष जे.जयललिता को बरी करते हुए कहा कि उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति का मूल्य केवल 2.82 करोड़ रुपये या आठ फीसदी ही है। तमिलनाडु सरकार ने जयललिता पर आय के ज्ञात स्रोतों से 66 करोड़ रुपये की अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाया था, जिसके लिए उन्हें बेंगलुरू की एक निचली अदालत ने दोषी ठहराया था। इस सजा के खिलाफ उन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय में अपील की थी।

पूर्व मुख्यमंत्री को बरी करने के अपने फैसले में न्यायाधीश सी.आर.कुमारास्वामीने जयललिता की कुल संपत्ति को लगभग 37.59 करोड़ रुपये, जबकि उनकी कुल आमदनी को लगभग 34.76 करोड़ रुपये आंका। उन्होंने कहा कि इस प्रकार आय से अधिक संपत्ति केवल 2.82 करोड़ रुपये या कुल आमदनी का 8.12 फीसदी है।

आदेश में उन्होंने कहा, "कृष्णानंद अग्निहोत्री (कृष्णानंद अग्निहोत्री बनाम मध्य प्रदेश राज्य) मामले में आय से अधिक संपत्ति 10 फीसदी पाई गई थी और आरोपी को बरी कर दिया गया था।"

न्यायाधीश कुमारास्वामी ने आदेश में कहा, "आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा जारी एक सर्कुलर के मुताबिक 20 फीसदी तक आय से अधिक संपत्ति को अनुमेय सीमा समझी जा सकती है।"

आदेश के मुताबिक, "यह अपेक्षाकृत कम है। इस मामले में आय से अधिक संपत्ति 10 फीसदी से कम है और यह अनुमेय सीमा के भीतर है। इसलिए आरोपी बरी होने का हकदार है।"

उन्होंने कहा, "जब मुख्य आरोपी को बरी किया गया है, तो अन्य आरोपी भी बरी होने के हकदार हैं, क्योंकि मामले में उनकी भूमिका बेहद कम है।"

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