जयललिता की रिहाई का एआईएडीएमके को मिलेगा लाभ'

चेन्नई: तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सोमवार को रिहा किए जाने के बाद ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) अब 2016 के विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके को जयललिता की रिहाई का बड़ा लाभ मिलेगा।

राजनीतिक विश्लेषक ज्ञानी शंकरन ने आईएएनएस को बताया, "न्यायालय द्वारा जयललिता को सभी आरोपों से मुक्त करने के बाद, अब आने वाले विधानसभा चुनाव में एआईएडीएम को विपक्ष का सूपड़ा साफ करने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।"

एआईएडीएमके इस साल की समाप्ति से पहले मध्यावधि चुनाव की भी घोषणा कर सकती है, जिससे जयललिता को मिल रही लोगों की सहानुभूति का लाभ पार्टी के पक्ष में जाए।

एक राष्ट्रीय पार्टी के नेता ने भी गोपनीयता की शर्त पर ऐसी ही राय आईएएनएस के साथ साझा की।

राजनीति पर्यवेक्षकों के मुताबिक, एआईएडीएमके विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला भी कर सकती है, जैसा उसने लोकसभ चुनाव में किया था।

दविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन कर सकती है। ए. राजा, कनिमोझी, दयानिधि मारन पर 2जी घोटाले का मुकदमा चलने के कारण उनके लिए सत्तारूढ़ पार्टी को चुनौती देना काफी कठिन होगा।

दूसरी तरफ देशीय मुरुपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ बने रहने की कोशिश कर सकती है, यद्यपि डीएमके भी इसे रिझाने की कोशिश कर सकती है।

शंकरन ने कहा, "इस बात की भी संभावना है कि एआईएडीएमके, भाजपा के साथ गठजोड़ कर सकती है।"

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