जयललिता के आवास के बाहर जश्न का माहौल

चेन्नई: ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की महासचिव और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे.जयललिता को कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा सोमवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में बरी कर दिए जाने की सूचना मिलने के बाद पोएस गार्डन स्थित उनके आवास में जश्न का माहौल है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम, मंत्री और विभिन्न जिला सचिव अगले कदम के लिए जयललिता के आवास पर पहुंचे।

न्यायालय के इस फैसले से पार्टी कार्यकर्ता खुशी से झूम उठे और उन्होंने पटाखे छोड़े। उन्होंने 'अम्मा जिंदाबाद' के नारे लगाए और मिठाइयां बांटी। कुछ लोगों ने नारियल फोड़े, जो शुभ काम का प्रतीक होता है।

एआईएडीएमके के कार्यकर्ता न्यायालय के फैसले के इंतजार में सुबह से जयललिता के आवास के बाहर जमा हो गए थे।

बेंगलुरू उच्च न्यायालय ने 66.65 करोड़ रुपये से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में निचली अदालत के फैसले को निरस्त करते हुए जयललिता को आरोपों से बरी कर दिया।

पार्टी प्रवक्ता सी.आर.सरस्वती ने कहा, "यह न्याय की जीत है। यह मामला उन पर थोपा गया था।"

एआईएडीएमके कार्यकर्ता और नेता यह दावा कर रहे हैं कि लोगों की प्रार्थनाओं के कारण उन्हें बरी किया गया है।

यह पहली बार नहीं है जब जयललिता के राजनीतिक जीवन में उन्हें दोषी साबित करने के बाद फिर बरी किया गया है।

वर्ष 2000 में भी निचली अदालत ने उन्हें दो अलग-अलग मामलों में तीन साल तथा दो साल के कैद की सजा सुनाई थी।

वर्ष 2001 में उन्हें मुख्यमंत्री पद से उस वक्त इस्तीफा देना पड़ा था, जब सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि आपराधिक मामले में दोषी पाए जाने के बाद वह पद पर नहीं बनी रह सकतीं।

हालांकि, 2002 में मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा बरी कर दिए जाने के बाद जयललिता फिर मुख्यमंत्री बन गई थीं। इसके बाद वह आंदिपट्टी विधानसभा सीट से निर्वाचित हुईं।

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