तमिल नेताओं ने आंध्र में 20 लोगों के मारे जाने की निंदा की

चेन्नई : तमिलनाडु में विभिन्न राजनीतिक दलों ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश पुलिस के हाथों 20 लोगों के मारे जाने की निंदा की है। लाल चंदन के पेड़ों की कटाई का प्रयास रोकने के क्रम में सभी को मार गिराया गया। मारे गए लोगों में ज्यादातर लोग तमिलनाडु के हैं।

यहां जारी एक बयान में डीएमके के अध्यक्ष एम. करुणानिधि ने कहा कि तमिलनाडु के 12 लोगों सहित 20 लोगों का मारा जाना निंदनीय है।

करुणानिधि ने कहा, "इस तरह के दृष्टांत तो पिछले कुछ महीनों से देखने को मिल रहे हैं, दोनों राज्यों की सरकारों के बीच बातचीत के जरिए समाधान न निकल पाने के परिणामस्वरूप 20 लोगों की जान गई है।"

हत्याओं पर गहरा दुख जाहिर करते हुए एमडीएमके महासचिव वाईको ने अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने और उन्हें हत्या का आरोपी बनाने की मांग की।

उन्होंने उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से न्यायिक जांच की मांग की।

पीएमके के संस्थापक एस. रामदास ने कहा कि 20 लोगों की हत्या को किसी भी तरीके से जायज नहीं ठहराया जा सकता।

आंध्र प्रदेश में लंबे समय से लाल चंदन की तस्करी चल रही है और इसके दोषियों को पकड़ना और उन्हें दंडित किया जाना जरूरी है।

रामदास ने कहा कि आंध्र प्रदेश में लाल चंदन की तस्करी के आरोप में तमिलनाडु के करीब 3000 लोग जेलों में बंद हैं।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार की एक बस को आंध्र प्रदेश पुलिस ने गैरकानूनी तरीके से लाल चंदन ढोने के लिए जब्त कर लिया था।

इन सभी घटनाओं के बावजूद तमिलनाडु सरकार ने कोई गतिविधि नहीं दिखाई जिसका नतीजा है कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने 20 लोगों को मार गिराया।

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