अप्रत्यक्ष कराधान राज्यों के अधीन हो : पन्नीरसेल्वम

चेन्नई : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने बुधवार को कहा कि सभी प्रकार के अप्रत्यक्ष कर लगाने का अधिकार राज्यों को दे देने का समय आ गया है। राज्य के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री पन्नीरसेल्वम ने 2015-16 के लिए बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि समय आ गया है जब केंद्र सरकार को सभी प्रकार के अप्रत्यक्ष कर लगाने का अधिकार राज्यों को दे देना चाहिए और अपने पास सिर्फ प्रत्यक्ष कर रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इससे राज्यों के पास विकास कार्य के लिए धन की कमी नहीं होगी।

उन्होंने कहा, "14वें वित्त आयोग ने साधारण साझा किए जाने वाले कर पूल में तमिलनाडु का हिस्सा 4.969 फीसदी से घटाकर 4.023 फीसदी कर दिया है और सेवा कर पूल में से राज्य का हिस्सा 5.04 फीसदी से घटाकर 4.104 फीसदी कर दिया है।"

उन्होंने कहा कि कर लगाने के अधिकार को केंद्र सरकार के पक्ष में बनाया गया है। यह धारणा किसी ठोस सिद्धांत पर आधारित नहीं है कि बेहतर विकास दर वाले राज्यों को सिर्फ अपने संसाधनों पर निर्भर रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की अधिकतर कर आय जैसे आय कर, सीमा शुल्क, कॉरपोरेशन कर, उत्पाद शुल्क और सेवा कर राज्य सरकारों की कोशिशों पर निर्भर हैं, लेकिन राज्य सरकारों के पास सिर्फ बिक्री कर की आय को रहने दिया गया है।

उन्होंने कहा कि परिणामस्वरूप तमिलनाडु के पास धन की कमी होगी और साधारण प्रशासनिक कार्यो के लिए भी यह केंद्र सरकार की दया पर निर्भर हो जाएगा।

पन्नीरसेल्वम ने कहा, "भारत सरकार द्वारा प्रचारित किए जा रहे सहयोगात्मक संघवाद के सिद्धांत के तहत यह उम्मीद की जा रही है कि असमान संसाधन क्षमता वाले राज्य केंद्र सरकार के साथ बराबरी की साझेदारी निभाएं।"

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