तमिलनाडु में गैस पाइपलाइन मुद्दा जल्द सुलझने की आशा

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)| सार्वजनिक क्षेत्र की गैस पारेषण एवं विपणन कम्पनी, भारतीय गैस प्राधिकरण लिमिटेड (गेल) ने रविवार को आशा जाहिर की कि कोच्चि-कोट्टानाद-मंगलोर-बेंगलुरू गैस पाइपलाइन परियोजना में बाधक मुद्दे जल्द ही सुलझ जाएंगे।

गेल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक बी.सी. त्रिपाठी ने यहां राष्ट्रीय सम्पादकों के सम्मेलन में कहा, "यह मामला राज्य सरकार के विचाराधीन है। हमें आशा है कि एक-दो सप्ताह में हमें राज्य सरकार का निर्णय मिल जाएगा।"

ज्ञात हो कि तमिलनाडु के किसान गेल पाइपलाइन की इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं।

त्रिपाठी ने कहा, "मामला उच्च न्यायालय में गया। उच्च न्यायालय ने सरकार से हस्तक्षेप करने और जन सुनवाई आयोजित करने के लिए कहा। जन सुनवाई पूरी हो चुकी है। तमिलनाडु के मुख्य सचिव ने किसानों और गेल का पक्ष सुना है।"

त्रिपाठी ने कहा, "राज्य सरकार जो भी मुआवजा तय करेगी, हमें वह स्वीकार होगा।"

त्रिपाठी ने कहा, "दूसरा मुद्दा पाइपलाइन की चौड़ाई से जुड़ा है। हमने इसकी चौड़ाई को 30 मीटर से घटाकर 20 मीटर करने का निर्णय लिया है।"

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने प्राकृतिक गैस अधोसंरचना के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "हम एक राष्ट्रीय गैस ग्रिड बनाना चाहते हैं। हमें इसके लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन की जरूरत है।"

मोइली ने कहा कि गैस पाइपलाइन बिछाने से खेतों को कोई नुकसान नहीं होता, क्योंकि यह जमीन के नीचे से जाती है। उन्होंने कहा, "पाइपलाइन के ऊपर कोई भी फसल उग सकती है। अज्ञानता के कारण लोग हो-हल्ला मचा रहे हैं कि जमीन बेकार हो जाएगी।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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